
दौसा: राजस्थान के दौसा जिले में खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक थाना अधिकारी की बेबसी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में कोलवा थाना प्रभारी रामशरण गुर्जर माफियाओं के सामने खुद को असहाय बताते हुए नजर आ रहे हैं। इस घटना ने पुलिस की साख और खनन माफियाओं के हौसले दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने वीडियो शेयर करते हुए प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘दिया तले अंधेरा’ की स्थिति है और मंत्री के अपने क्षेत्र में ही माफिया बेलगाम हैं, तो कानून व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला SHO दौसा जिले के कोलवा थाने में पदस्थ है।
पूरा घटनाक्रम
घटना शुक्रवार शाम की है, जब बसवा थाना पुलिस ने अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर को देखा और पीछा किया। माफिया ट्रैक्टर को तेज रफ्तार से भगाने लगे। इस दौरान एक ट्रेनी आरपीएस अधिकारी ट्रैक्टर पर चढ़े ट्रॉली को रोकने की कोशिश में लटक गया। ट्रैक्टर अलवर जिले की सीमा में घुस गया और सकत गांव के पास एक मकान में ठोकर मारते हुए तीन बकरियों की मौत हो गई।
मौके पर कोलवा, बांदीकुई, राजगढ़ और पहले थाना पुलिस पहुंची। भीड़ को शांत करने के दौरान कोलवा थानाधिकारी ने कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन उनका बयान विवाद का कारण बन गया।
एसपी का बयान
दौसा के एसपी सागर राणा ने कहा कि दौसा पुलिस मजबूत है और खनन माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। वायरल वीडियो को लेकर संबंधित SHO से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने बताया कि बसवा थाना पुलिस ने दूसरे जिले में जाकर भी ट्रैक्टर को पकड़कर मुकदमा दर्ज किया, जो पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।