Saturday, January 10

पाकिस्तान की नई रणनीति: चीन और बांग्लादेश के साथ गुट बनाने की योजना भारत को घेरने की कोशिश, त्रिपक्षीय सहयोग बढ़ाने का दावा

 

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पाकिस्तान ने एक बार फिर चीन और बांग्लादेश के साथ मिलकर दक्षिण एशिया में नया गुट बनाने की बात कही है। पाकिस्तान का दावा है कि यह गुट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार और विकास को बढ़ावा देने के लिए काम करेगा, और इसके पीछे का उद्देश्य भारत को इस गठबंधन से बाहर रखना है।

 

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को इस त्रिपक्षीय सहयोग तंत्र पर बात करते हुए कहा, “हम पाकिस्तान-चीन-बांग्लादेश सहयोग फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाने के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। यह पहल पिछले साल वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर शुरू की गई थी, और इस पर लगातार बातचीत जारी है। खासतौर पर पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच संबंधों में सुधार से इस तंत्र को लाभ मिल रहा है।”

 

पाकिस्तान का लक्ष्य क्या है?

 

पाकिस्तान का यह प्रयास दक्षिण एशिया में भारत के बिना एक मजबूत मोर्चा बनाने का है। पाकिस्तान का कहना है कि सार्क (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) अब प्रभावी नहीं रहा, और इसलिए एक नया क्षेत्रीय गुट बनाने की आवश्यकता महसूस हो रही है। पाकिस्तान का दावा है कि चीन इस प्रक्रिया में पूरी मदद कर रहा है। बांग्लादेश के साथ पाकिस्तान के बढ़ते रिश्तों को देखते हुए यह गुट साकार हो सकता है।

 

पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि चीन के साथ दोस्ताना संबंध द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय दोनों स्तर पर बनाए जाएंगे, जो गुटबाजी की राजनीति से हटकर आर्थिक विकास और सहयोग पर आधारित होंगे।

 

बांग्लादेश का रुख

 

पाकिस्तान की रणनीति में बांग्लादेश का महत्वपूर्ण स्थान है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस की सरकार से पाकिस्तान को मिल रहे समर्थन ने इस योजना को और बढ़ावा दिया है। बांग्लादेश ने हाल ही में कहा है कि भारत से बाहर रहने वाले किसी नए ब्लॉक का हिस्सा बनने में उसे कोई दिक्कत नहीं है।

 

क्षेत्रीय गठबंधन पर पाकिस्तान की नजर

 

पाकिस्तान का कहना है कि वह इस गुट के जरिए दक्षिण एशियाई देशों को नई क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में ले जाना चाहता है। चीन के समर्थन से पाकिस्तान अब बांग्लादेश और अन्य देशों को इस नए क्षेत्रीय गठबंधन का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि भारत को इस मोर्चे से बाहर किया जा सके।

 

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