Saturday, May 30

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16 जनवरी से नीतीश कुमार की ‘धन्यवाद यात्रा’, बेटे निशांत की राजनीतिक ब्रांडिंग भी शामिल

 

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मकर संक्रांति और खरमास के बाद राज्य में ‘धन्यवाद यात्रा’ पर निकलने वाले हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य एनडीए गठबंधन को मिली भारी जीत के लिए जनता का आभार व्यक्त करना है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे कई उद्देश्यों वाला कदम माना जा रहा है।

 

यात्रा का शुभ आरंभ

नीतीश कुमार यात्रा की शुरुआत खरमास खत्म होने के बाद करेंगे। परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा खाने के बाद शुभ काम की शुरुआत होती है। अधिकारियों को पहले से ही यात्रा का मार्ग तय करने और रूट चार्ट बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं।

 

यात्रा में शामिल होंगे निशांत कुमार

राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस यात्रा में अपने पुत्र निशांत कुमार को भी साथ ले जाएंगे। यात्रा के दौरान निशांत कुमार बिहार की राजनीतिक पृष्ठभूमि, जिला स्तर के जदयू संगठन और सामाजिक समीकरणों से परिचित होंगे। इस बहाने वे संगठनात्मक जिम्मेदारियों और राजनीतिक समझ को भी सीखेंगे।

 

प्रशासनिक बॉन्डिंग और मॉनिटरिंग

यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अपनी बॉन्डिंग भी रिन्यू करेंगे और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही का जायजा लेंगे। साथ ही, पिछले साल की ‘प्रगति यात्रा’ में की गई घोषणाओं पर अमल की समीक्षा भी की जाएगी।

 

आधी आबादी और जीविका दीदियों से संवाद

नीतीश कुमार इस यात्रा के दौरान आधी आबादी, खासकर जीविका दीदियों से संवाद करेंगे। वे योजना की सफलता और असफलता का अध्ययन करेंगे, 10 हज़ार से दो लाख रुपये तक की योजना की तैयारी का जायजा लेंगे और विपक्ष की संभावित आलोचनाओं का भी मूल्यांकन करेंगे।

 

राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों उद्देश्यों वाली यात्रा

धन्यवाद यात्रा सिर्फ जनता को आभार व्यक्त करने की यात्रा नहीं होगी, बल्कि यह मुख्यमंत्री की राजनीतिक रणनीति, बेटे निशांत की ब्रांडिंग और प्रशासनिक मॉनिटरिंग का संयोजन भी साबित होगी।

 

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