
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना बजट पेश करेंगी। इस बार सरकार देश में हाई-टेक कैपिटल गुड्स (Capital Goods) के उत्पादन को बढ़ावा देने और चीन जैसी देशों पर निर्भरता कम करने के लिए ₹23,000 करोड़ तक का प्रोत्साहन पैकेज ला सकती है।
प्रोत्साहन कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:
कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट: ₹14,000-16,000 करोड़ का पैकेज टनल बोरिंग मशीन, क्रेन और अन्य हाई-एंड मशीनरी के देश में उत्पादन को बढ़ावा देगा। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी। वर्तमान में इस क्षेत्र के लगभग आधे पुर्जे चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी से आते हैं।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र: ₹7,000 करोड़ का कार्यक्रम आधुनिक कार उपकरणों के स्थानीय उत्पादन और मजबूत ग्लोबल वैल्यू चेन (GVC) स्थापित करने पर केंद्रित होगा। इसमें एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम, 360 डिग्री कैमरा, सेंसर और अन्य हाई-टेक पार्ट्स शामिल हैं।
उद्देश्य और लाभ:
नई योजना से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आयात कम होगा।
कैपिटल गुड्स जैसे मोल्ड्स और पावर टूल्स की खरीद पर सब्सिडी मिलने की संभावना है।
प्रोटोटाइपिंग सेंटर स्थापित करने का समर्थन भी मिलेगा, जिससे उत्पादन से पहले परीक्षण संभव होगा।
उद्योग साझेदारी और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से निर्यात के अवसर भी खुलेंगे।
सरकार का लक्ष्य:
यह कदम भारत की पूंजीगत सामान और ऑटोमोटिव क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और विदेशी निर्भरता घटाने का प्रयास है। पिछले साल चीन ने टनल बोरिंग मशीन के निर्यात पर रोक लगा दी थी, जिससे भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए थे। नए बजट में यह योजना देश के हाई-टेक उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी।