Thursday, January 8

नींद की नेचुरल गोली बन सकती हैं ये 4 चीजें, बिना आदत लगाए मिलेगी गहरी और सुकूनभरी नींद

अगर आपको रात में ठीक से नींद नहीं आती, बार-बार करवट बदलनी पड़ती है या सुबह उठने पर थकान महसूस होती है, तो यह केवल छोटी समस्या नहीं है। नींद की कमी से शरीर की प्राकृतिक लय (बायोलॉजिकल रिदम) बिगड़ जाती है, जिसका असर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर पड़ता है। ऐसे में दवाइयों का सहारा लेने से पहले कुछ प्राकृतिक उपाय आजमाना ज्यादा सुरक्षित और असरदार हो सकता है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, रोजमर्रा के खानपान और लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव करके नींद की क्वालिटी को बेहतर बनाया जा सकता है। खास बात यह है कि कुछ सामान्य फूड्स ऐसे हैं, जो प्राकृतिक रूप से “नींद की गोली” की तरह काम करते हैं, वो भी बिना किसी लत के।

क्यों जरूरी है भरपूर नींद

नींद के दौरान शरीर की कोशिकाएं खुद को रिपेयर करती हैं, नई कोशिकाएं बनती हैं, जख्म भरते हैं और शारीरिक विकास होता है। यही समय होता है जब दिमाग नई जानकारियों और यादों को सुरक्षित करता है। लेकिन जब नींद पूरी नहीं होती, तो ये सभी प्रक्रियाएं प्रभावित हो जाती हैं।

दवाइयों से पहले नेचुरल उपाय

अक्सर लोग नींद न आने पर स्लीपिंग पिल्स का सहारा लेने लगते हैं, जिनकी आदत पड़ने का खतरा रहता है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि पहले खानपान और दिनचर्या में बदलाव करके नींद सुधारने की कोशिश करनी चाहिए। अगर इन उपायों को 1 से 2 हफ्ते तक सही तरीके से अपनाया जाए, तो नींद की समस्या में काफी सुधार देखा जा सकता है।

ये 4 फूड्स बन सकते हैं नींद का सहारा

  1. सोने से 30–40 मिनट पहले केला
    केले में मैग्नीशियम और ट्रिप्टोफैन पाया जाता है, जो मांसपेशियों को रिलैक्स करता है। ट्रिप्टोफैन शरीर में जाकर मेलाटोनिन हार्मोन में बदलता है, जो स्लीप साइकिल को कंट्रोल करता है। रात में एक छोटा केला नींद लाने में मदद कर सकता है।
  2. गुनगुना दूध
    अगर पाचन ठीक रहता है, तो सोने से पहले गुनगुना दूध एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें मौजूद ट्रिप्टोफैन और कैल्शियम मेलाटोनिन के उत्पादन को बढ़ाते हैं। दूध में एक चुटकी हल्दी या जायफल मिलाने से तनाव और बेचैनी कम करने में भी मदद मिल सकती है।
  3. शाम को कद्दू के बीज
    कद्दू के बीज जिंक और मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं, जो मेलाटोनिन के स्तर को संतुलित रखने में सहायक हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, जिंक की कमी से नींद पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। शाम के समय 1–2 चम्मच भुने कद्दू के बीज फायदेमंद हो सकते हैं।
  4. सोने से 20 मिनट पहले कैमोमाइल टी
    कैमोमाइल टी में एपिजेनिन नामक तत्व होता है, जो दिमाग के गाबा रिसेप्टर्स को शांत करता है। कई क्लीनिकल स्टडीज में इससे नींद की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। सोने से करीब 20 मिनट पहले एक कप गुनगुनी कैमोमाइल टी पीने से सुकून मिलता है।

बेहतर नींद के लिए ये आदतें भी जरूरी

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन फूड्स के साथ-साथ देर रात कैफीन लेने से बचें, भारी डिनर न करें और सोने का समय तय रखें। इन आदतों को लगातार अपनाने से नींद अपने आप बेहतर होने लगती है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर उपलब्ध कंटेंट और सामान्य पोषण सलाह पर आधारित है। किसी भी घरेलू नुस्खे या बदलाव को अपनाने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

 

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