
पटना, 7 जनवरी: अब बिहार के गांव-गांव से सचिन तेंदुलकर, सानिया मिर्जा और मिल्खा सिंह जैसे बड़े खिलाड़ियों के उभरने की राह तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश के युवाओं के लिए पंचायत स्तर पर खेल मैदान निर्माण की महात्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है।
इस योजना के तहत लगभग सभी ग्राम पंचायतों में आधुनिक खेल मैदान का निर्माण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को खेल में बेहतर तैयारी के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ने देना और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को निखारना है।
खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बीते दो वर्षों में राज्य में कुल 4807 खेल मैदान बन चुके हैं। यह संख्या उन 4716 पंचायतों से अधिक है, जिन्हें योजना में शामिल किया गया था। कई पंचायतों में एक से अधिक खेल मैदान बनाकर सरकार ने ग्रामीण खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतिस्पर्धा का बेहतर मंच उपलब्ध कराया है।
ग्रामीण विकास विभाग ने वर्ष 2024 में कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से 4716 पंचायतों को इस योजना में शामिल किया। 5341 खेल मैदानों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया था, जिसके लिए 521.92 करोड़ रुपये का बजट रखा गया। दिसंबर 2025 तक लगभग 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही राज्य के सभी ग्राम पंचायतों और नगर पंचायतों में त्रिस्तरीय खेल क्लब भी गठित किए गए हैं।
ग्रामीण खिलाड़ी भी योजना से उत्साहित हैं। मधेपुरा के झिटकिया गांव के बैजू कुमार कहते हैं, “पहले खेल के अभ्यास के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब हर पंचायत में खेल मैदान बनने से खिलाड़ियों के सपनों को नया आयाम मिलेगा।” पटना के फतेहपुर गांव के अभिनव आनंद का कहना है, “गांव में खेल मैदान बनने से ग्रामीण खिलाड़ियों को अभ्यास में बहुत मदद मिलेगी।” वहीं पटना के मखदुमपुर गांव के ब्रिजेश केवट ने कहा, “मुख्यमंत्री का धन्यवाद, अब बिहार के हर गांव से नए सचिन और सानिया निकलेंगे।”
इस योजना के माध्यम से बिहार सरकार ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को निखारने और राज्य को खेलों में नया मुकाम देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।