
भोपाल: राजधानी भोपाल में एसबीआई बैंक में कार्यरत 35 वर्षीय अविनाश जैन ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान ले ली। बताया जा रहा है कि वह और उनकी पत्नी रोली जैन दोनों एक ही बैंक शाखा में काम करते थे। ऑफिस में किसी मामूली विवाद के बाद अविनाश ने आत्महत्या का कदम उठाया।
मामूली विवाद ने लिया गंभीर मोड़
मंगलवार शाम, जब चेतक ब्रिज के नीचे ट्रेन की सीटी गूंजी तो किसी को भी अंदाजा नहीं था कि एक परिवार हमेशा के लिए टूटने वाला है। अविनाश जैन, जो एसबीआई की मैदा मिल शाखा में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे, ने पटरी पर लेटकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। अविनाश और उनकी पत्नी रोज की तरह मुस्कुराते हुए घर से निकले थे, लेकिन ऑफिस में किसी बात पर मामूली विवाद हो गया, जो बाद में इतना बढ़ गया कि अविनाश बैंक से बाहर निकल गए और फिर कभी लौटकर नहीं आए।
सुसाइड नोट में अविनाश ने क्या लिखा?
अविनाश ने अपनी आत्महत्या से पहले अपने परिवार के सदस्यों को व्हाट्सएप पर एक सुसाइड नोट भेजा। इसमें उन्होंने लिखा, “मैं अब कभी वापस नहीं आऊंगा, मेरी मौत के लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं।” इसके बाद उन्होंने अपना फोन बंद कर लिया। सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि उनकी मौत के बाद उनका इंश्योरेंस की राशि 75 लाख रुपए उनकी पत्नी और दोनों बच्चियों को मिलनी चाहिए। इसके अलावा, पीएफ की 5 लाख रुपए रुबी और 10 लाख रुपए उनके भाई अभिषेक को देने की बात की गई थी।
परिवार में छाई शोक की लहर
अविनाश के परिवार के सदस्य उन्हें ढूंढते रहे, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। मृतक के साले ने सबसे पहले ट्रैक पर अविनाश के शव की पहचान की। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, और यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या ससुराल और वैवाहिक जीवन के तनाव ने अविनाश को इस कदर तोड़ दिया कि वह आत्महत्या के रास्ते पर चला गया।
पुलिस की जांच जारी
अविनाश के सुसाइड नोट में अपनी ‘गलतियों’ का भी जिक्र किया गया है, जिससे कई अनुत्तरित सवाल पैदा होते हैं। पुलिस अब उस विवाद की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिसने एक हंसते-खेलते इंसान को मौत की पटरी तक पहुंचा दिया। बुधवार को होने वाला पोस्टमार्टम और परिजनों के बयान इस दुखद घटना की असली वजह उजागर कर सकते हैं। पुलिस ने मामले की जांच में जुटते हुए ससुराल पक्ष से भी पूछताछ शुरू कर दी है।