
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप एयर इंडिया और उसकी सहायक एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस में शीघ्र ही टॉप लीडरशिप बदलाव करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया के वर्तमान सीईओ कैंपबेल विल्सन की छुट्टी हो सकती है, हालांकि उनका कार्यकाल जून 2027 तक है।
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने यूके और अमेरिका की बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के सीईओ से मुलाकात की है। इनमें से किसी को एयर इंडिया का नया नेतृत्व सौंपा जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि चंद्रशेखरन एयर इंडिया में कार्य की धीमी गति और जमीनी स्तर पर सुधार की कमी से संतुष्ट नहीं हैं।
विल्सन का परफॉरमेंस
न्यूजीलैंड के रहने वाले विल्सन जुलाई 2022 में एयर इंडिया से जुड़े थे। उन्होंने एयरलाइन को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और फाइनेंशियल परफॉरमेंस सुधारने के लिए पांच साल की ट्रांसफॉर्मेशन योजना बनाई। उनके कार्यकाल में एयरलाइन ने विस्तारा के मर्जर को पूरा किया, बेड़े में वृद्धि की और कुछ प्रमुख रूट्स पर इंडिगो को पीछे छोड़ दिया।
हालांकि, ग्लोबल सप्लाई चेन की समस्याओं और पुराने विमानों की मरम्मत में देरी के कारण उनके प्लान का असर सीमित रहा। नई विमानों की डिलीवरी में देरी और टेक्निकल समस्याओं ने सर्विस क्वालिटी और ऑन-टाइम परफॉरमेंस प्रभावित की।
पिछले साल हुए हादसे में 260 लोगों की मौत के बाद एयरलाइन के ऑपरेशंस पर कड़ी निगरानी भी रखी जा रही है। इसके अलावा, DGCA ने नियमों के उल्लंघन और एक्सपायर्ड लाइसेंस वाले विमान संचालन जैसे मामलों में सीनियर अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया।
वित्तीय स्थिति
FY25 में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 10,859 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया, जो टाटा ग्रुप में सबसे बड़ा घाटा है। वहीं, एयरलाइन का रेवेन्यू 78,636 करोड़ रुपये रहा। पाकिस्तान के अपना हवाई क्षेत्र बंद करने से लंबे रूट लेने पड़े, जिससे प्रॉफिट पर भी असर पड़ा।
टाटा ग्रुप की योजना
टाटा संस एयर इंडिया के कंसॉलिडेशन, इंटीग्रेशन और ब्रांड रिवाइवल का महत्वपूर्ण चरण पूरा कर चुका है। अब ग्रुप चेयरमैन चंद्रशेखरन एयरलाइन को वैश्विक प्रतिस्पर्धा, विकास और लगातार लाभप्रदता के अगले चरण में ले जाने के लिए नई नेतृत्व क्षमता और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण की तलाश में हैं।
सूत्रों के मुताबिक, विल्सन का कार्यकाल पूरी तरह समाप्त होने से पहले भी एयर इंडिया में नया नेतृत्व आ सकता है। एयर इंडिया एक्सप्रेस में भी ऐसे बदलाव की संभावना है, क्योंकि मौजूदा सीईओ आलोक सिंह का कार्यकाल भी 2027 में खत्म हो रहा है।
संक्षेप में: टाटा ग्रुप एयर इंडिया में बड़ी लीडरशिप रोटेशन और बदलाव की तैयारी कर रहा है, ताकि एयरलाइन को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए मजबूत और लाभकारी बनाया जा सके।