Tuesday, May 26

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सीकर: दांता रामगढ़ में गोचर भूमि पर अवैध कब्जा, हाईकोर्ट ने एसडीएम और तहसीलदार पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए

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सीकर। राजस्थान हाईकोर्ट ने दांता रामगढ़ तहसील में गोचर भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि गोचर भूमि पर अवैध कब्जा करवाना गंभीर लापरवाही है और इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ नियम 16 के तहत दंडात्मक कदम उठाए जाएं।

🔹 मामले का विवरण

मामला त्रिलोकीपुरा ग्राम पंचायत की बहुमूल्य गोचर भूमि से जुड़ा है। करीब 25 वर्ष पूर्व, यह भूमि कोलकाता की एक निजी संस्था को जिला प्रशासन द्वारा आवंटित की गई थी। ग्रामीणों ने लगातार इसका विरोध किया और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि भूमि पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाए।

लेकिन इसके बावजूद, लगभग दो माह पहले एसडीएम और तहसीलदार पुलिस बल के साथ भूमि पर पहुंचकर अवैध कब्जा करा चुके थे।

🔹 हाईकोर्ट में सुनवाई और आदेश

ग्रामीणों की ओर से वरिष्ठ नागरिक प्रेमसिंह शेखावत ने पुनः हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश संजिव प्रकाश शर्मा ने कहा कि अदालत के आदेशों के बावजूद गोचर भूमि पर अवैध कब्जा कराना सीधे न्यायालय की अवमानना है।

हाईकोर्ट ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियम 16 के तहत कार्रवाई की जाए और सीसीसी नियम 13 के अनुसार आगे की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।

🔹 न्यायालय की चेतावनी

हाईकोर्ट ने कहा कि गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा गंभीर अपराध है और इसे रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे मामलों में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

तथ्यात्मक झलकियाँ:

  • मामला: दांता रामगढ़, त्रिलोकीपुरा ग्राम पंचायत
  • भूमि: गोचर भूमि
  • आरोपी अधिकारी: एसडीएम और तहसीलदार
  • न्यायालय के आदेश: नियम 16 के तहत दंडात्मक कार्रवाई, सीसीसी नियम 13 के अनुसार आगे की प्रक्रिया
  • कारण: अवैध कब्जा और अदालत के आदेशों की अवमानना

इस आदेश के बाद जिला प्रशासन और तहसील स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी और सतर्कता बढ़ाने की संभावना है, ताकि भविष्य में ग्रामीणों की गोचर भूमि सुरक्षित रहे और किसी भी प्रकार का अनाधिकृत कब्जा न हो।

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