Friday, July 24

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जयपुर में सरकारी शिक्षक SIR के दबाव से परेशान, ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
Rajasthan, State

जयपुर में सरकारी शिक्षक SIR के दबाव से परेशान, ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

जयपुर, 18 नवम्बर। राजधानी जयपुर के नाहरी का बास क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां सरकारी स्कूल के शिक्षक मुकेश जांगिड़ (48) ने अत्यधिक कार्य-दबाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि मुकेश जांगिड़ को हाल ही में BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) का अतिरिक्त कार्य सौंपा गया था और SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। घटना के बाद उनके पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा है कि SIR प्रक्रिया का काम उनकी मानसिक स्थिति पर भारी पड़ रहा था और उनका सुपरवाइज़र सीताराम उन्हें धमका रहा था कि काम पूरा न करने पर निलंबन (सस्पेंशन) कर दिया जाएगा। “काम का बोझ और धमकियों से परेशान हूँ”— सुसाइड नोट में टीचर की पीड़ा सुसाइड नोट में मुकेश ने लिखा है कि SIR योजना से जुड़े कामों का दबाव असहनीय हो चुका था...
25 से 30 नीतीश, तो फिर आगे कौन? बिहार की सियासत में ‘विरासत’ की नई चुनौती—NDA से महागठबंधन तक उलझे समीकरण
Bihar, Politics, State

25 से 30 नीतीश, तो फिर आगे कौन? बिहार की सियासत में ‘विरासत’ की नई चुनौती—NDA से महागठबंधन तक उलझे समीकरण

नई दिल्ली:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA ने रिकॉर्ड बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया। बीजेपी–जेडीयू गठबंधन की इस बंपर जीत ने जहां सत्ता की वापसी सुनिश्चित की, वहीं भीतर ही भीतर नए सवाल भी जन्म दे दिए हैं। खास तौर पर—नीतीश कुमार के बाद बिहार की राजनीति किस दिशा में जाएगी? इसी तरह महागठबंधन की हार ने विपक्षी खेमे में भी नई चुनौती खड़ी कर दी है—विपक्षी स्पेस का असली वारिस कौन? नीतीश कुमार का अगला कार्यकाल और विरासत का सवाल नीतीश कुमार 75 वर्ष के हो चुके हैं। राजनीतिक हलकों में यह सामान्य धारणा बन चुकी है कि यह उनका आखिरी चुनाव हो सकता है। NDA की जीत का बड़ा श्रेय उन्हें मिला जरूर है, लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि जेडीयू में उनके बाद नेतृत्व का स्पष्ट विकल्प दिखाई नहीं देता। चुनाव से पहले उनके बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाने की चर्चाएं जरूर उठीं, पर वे अभी भी सक्रिय राजनीति ...
दिल्ली ब्लास्ट में कश्मीरी कनेक्शन! सिक्यॉरिटी एजेंसियों के नोएडा वाले पते फर्जी, फंडिंग पर भी शक गहराया
State, Uttar Pradesh

दिल्ली ब्लास्ट में कश्मीरी कनेक्शन! सिक्यॉरिटी एजेंसियों के नोएडा वाले पते फर्जी, फंडिंग पर भी शक गहराया

नोएडा: लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके के बाद जांच एजेंसियों ने एनसीआर में इस्लामिक कट्टरपंथी संगठनों की नई सिरे से जांच शुरू कर दी है। इसी क्रम में कश्मीरी मूल की कई सिक्यॉरिटी एजेंसियां रडार पर आ गई हैं। आयकर विभाग इनकी गहन जांच में जुटा है। सूत्रों के मुताबिक इन एजेंसियों में काम करने वाले कुछ युवाओं द्वारा भारी मात्रा में नकदी निकालकर कट्टरपंथी संगठनों को भेजे जाने के पुख्ता संकेत मिले हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन युवाओं ने नोएडा में जिन पते पर रहने का दावा किया था, वे जांच में पूरी तरह फर्जी पाए गए। अब मेरठ, बरेली, आगरा और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में इन युवाओं के वास्तविक पते और उनके नेटवर्क की तलाशी तेज कर दी गई है। पुरानी रिपोर्ट फिर से खुली, नए सवाल कड़े दिल्ली ब्लास्ट के बाद आयकर विभाग की करीब तीन साल पुरानी जांच रिपोर्ट को भी दोबारा सक्रिय कर दिया गय...
असम में मतदाता सूची का ‘स्पेशल रिविजन’, NRC की पृष्ठभूमि में बड़ा फैसला SIR नहीं, चुनाव आयोग करेगा विशेष पुनरीक्षण—जानिए दोनों में क्या अंतर
Assam, Politics, State

असम में मतदाता सूची का ‘स्पेशल रिविजन’, NRC की पृष्ठभूमि में बड़ा फैसला SIR नहीं, चुनाव आयोग करेगा विशेष पुनरीक्षण—जानिए दोनों में क्या अंतर

गुवाहाटी। असम में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग (ECI) ने मतदाता सूचियों का ‘विशेष पुनरीक्षण’ (Special Revision – SR) कराने का निर्णय लिया है। यह कदम राज्य की विशिष्ट नागरिकता व्यवस्था और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) से अलग होगी। क्यों लिया गया यह निर्णय? असम में नागरिकता से जुड़े कानूनी प्रावधान अन्य राज्यों की तुलना में भिन्न हैं। 2019 में तैयार हुआ NRC अभी अंतिम रूप से प्रकाशित नहीं हो सका है और मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में SIR जैसी प्रक्रिया, जिसमें पात्रता की जांच के लिए दस्तावेज़ मांगे जाते हैं, NRC डेटा के साथ टकराव पैदा कर सकती थी।इसी वजह से आयोग ने SR को अपनाया ह...
कांग्रेसी सांसद–विधायकों का डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर भरोसा, आधी रात तक चली बैठक में बनी सहमति
Opinion, Rajasthan, State

कांग्रेसी सांसद–विधायकों का डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर भरोसा, आधी रात तक चली बैठक में बनी सहमति

जयपुर। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। किसानों की समस्याओं को लेकर सोमवार देर रात पंत कृषि भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जो राजनीति में कम ही देखने को मिलता है—कांग्रेसी सांसद और विधायकों ने खुलकर कृषि मंत्री की कार्यशैली और संवेदनशीलता की तारीफ की। कई नेताओं ने तो इसे “अब तक की सबसे सकारात्मक और सार्थक बैठक” बताया। ‘ऐसी बैठक आज तक नहीं हुई’ — कांग्रेस विधायकों की खुली तारीफ बैठक में मौजूद कांग्रेस विधायक नरेंद्र बुडानिया ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर इतनी पारदर्शी चर्चा पहले कभी नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में किसानों के पक्ष में यह सबसे यादगार वार्ता रही है।चूरू के सांसद राहुल कस्वां ने कृषि मंत्री को किसानों के प्रति “बेहद संवेदनशील और तत्पर” बताते हुए कहा कि सरकार की नीयत स्पष्ट ...
4 शादियां… 8 करोड़ का बैंक बैलेंस… लुटेरी दुल्हन दिव्यांशी का मायाजाल बेनकाब
State, Uttar Pradesh

4 शादियां… 8 करोड़ का बैंक बैलेंस… लुटेरी दुल्हन दिव्यांशी का मायाजाल बेनकाब

मेरठ/कानपुर: यूपी पुलिस ने उस कुख्यात लुटेरी दुल्हन को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके मायाजाल में अब तक दो डॉक्टर और दो दरोगा फंस चुके हैं। मेरठ के मवाना की 30 वर्षीय दिव्यांशी चौधरी उर्फ दिव्यांशी राठौर के खातों में 8 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिलने पर पुलिस अफसर भी हैरान रह गए। शादी का झांसा देकर पैसे और जेवर हड़पना तथा बाद में दुष्कर्म जैसे मुकदमे दर्ज कराकर वसूली करना ही इसका तरीका था। चौथी शादी में फंसी चाल दिव्यांशी को 17 नवंबर को कानपुर की कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसने चौथी शादी बुलंदशहर के बीबीनगर निवासी दरोगा आदित्य कुमार लोचव (2019 बैच) से की थी। शादी के कुछ ही समय बाद उसने दरोगा के मकान का ताला तोड़कर कब्जा कर लिया और उन्हीं पर दुष्कर्म समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। मोबाइल फोन ने खोला राज दरोगा आदित्य के अनुसार, शादी के बाद दिव्यांशी प्रतियोगी परीक्...
श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर: 3 दुकानों पर 24 साल पुराना विवाद खत्म, हाई कोर्ट ने कहा—ट्रस्ट संपत्ति पर लागू नहीं होता यूपी किराया कानून
State, Uttar Pradesh

श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर: 3 दुकानों पर 24 साल पुराना विवाद खत्म, हाई कोर्ट ने कहा—ट्रस्ट संपत्ति पर लागू नहीं होता यूपी किराया कानून

मथुरा/प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर की तीन दुकानों पर कब्जे को लेकर चल रहे 24 साल पुराने विवाद पर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि ये दुकानें सार्वजनिक धार्मिक और चैरिटेबल ट्रस्ट की संपत्ति हैं, ऐसे में इनपर यूपी किराया नियंत्रण कानून लागू नहीं होगा। कोर्ट ने किरायेदारों की याचिकाएं खारिज करते हुए आदेश दिया कि संबंधित दुकानदारों को दुकानें खाली करनी होंगी। ट्रस्ट की संपत्ति, नहीं मिलेगी किरायेदार सुरक्षा न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने निर्णय देते हुए कहा कि धार्मिक ट्रस्ट की संपत्ति पर किरायेदार सुरक्षा कानून का लाभ नहीं लिया जा सकता। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि शेष दो मामलों का निपटारा दो माह के भीतर किया जाए। कैसे शुरू हुआ विवाद? श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर का जीर्णोद्धार 1944 में महामना मदन मोहन मालवीय की पहल पर शुरू हुआ।इसके बाद— ...
एंबुलेंस में आग, नवजात समेत चार की दर्दनाक मौत, गुजरात में कंपा देने वाला हादसा
Gujarat, State

एंबुलेंस में आग, नवजात समेत चार की दर्दनाक मौत, गुजरात में कंपा देने वाला हादसा

अहमदाबाद: गुजरात में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। अरवल्ली से अहमदाबाद जा रही ऑरेंज अस्पताल की एंबुलेंस में अचानक आग लग गई, जिसमें एक नवजात शिशु, उसके पिता, डॉक्टर और नर्स की जिंदा जलकर मौत हो गई। यह घटना सोमवार की देर रात मोदासा में हुई और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि एंबुलेंस सड़क पर दौड़ रही थी, तभी अचानक एक बड़ा स्पार्किंग हुआ। ड्राइवर ने वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल गई कि एंबुलेंस में सवार सभी लोग बच नहीं पाए। एंबुलेंस उस समय पेट्रोल पंप के पास से गुजर रही थी, और आग इतनी भीषण थी कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ नहीं कर पाए। कैसे लगी आग:प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। तीन लोग मौके पर ही जिंदा जल गए जबकि अन्य गंभीर रूप से झुलसे और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दमकल कर्मियों ने...
जनता दर्शन में पहुंची मां ने लगाई मासूम के जीवन की गुहार, सीएम योगी ने तुरंत किया एक्शन
State, Uttar Pradesh

जनता दर्शन में पहुंची मां ने लगाई मासूम के जीवन की गुहार, सीएम योगी ने तुरंत किया एक्शन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोमवार के जनता दर्शन कार्यक्रम में एक संवेदनशील दृश्य सामने आया। लखनऊ की रहने वाली एक मां अपने सात माह के मासूम के गंभीर हृदय रोग के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर मुख्यमंत्री से मिलीं। मां ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और वे किराए के मकान में सीमित संसाधनों में जीवन यापन कर रही हैं। महिला की बात सुनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल कदम उठाते हुए बच्चे को एंबुलेंस से किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) भेजा और कुलपति को उपचार की तुरंत व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस तरह मासूम का इलाज तुरंत शुरू हो गया। मुख्यमंत्री ने मां को आश्वस्त किया कि सरकार हर संभव मदद करेगी। सैनिकों को भी मिला संदेश:जनता दर्शन में बुलंदशहर के अर्धसैनिक बलों के जवान भी पहुंचे और जमीन कब्जे से संबंधित शिकायत पेश की। मुख्यमंत्र...
भूपेंद्र पटेल मंत्रिमंडल में बदलाव, PM मोदी के दो दौरे: क्या गुजरात में BJP vs AAP की होगी अगली टक्कर?
Gujarat, Politics, State

भूपेंद्र पटेल मंत्रिमंडल में बदलाव, PM मोदी के दो दौरे: क्या गुजरात में BJP vs AAP की होगी अगली टक्कर?

अहमदाबाद: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद बीजेपी ने अब पश्चिम बंगाल पर फोकस कर दिया है, वहीं महागठबंधन को झटका लगा और कांग्रेस सन्नाटे में है। राहुल गांधी ने बीजेपी को उसके गढ़ गुजरात में हराने का संकल्प लिया था, लेकिन गुजरात में पार्टी पहले ही कोर्स करेक्शन में जुट गई है। राज्य में कांग्रेस से ज्यादा आम आदमी पार्टी (AAP) की चर्चा हो रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अगला मुकाबला गुजरात में BJP बनाम AAP होगा? कांग्रेस की सक्रियता नहीं दिख रहीबीजेपी ने बिहार चुनावों के बीच ही गुजरात के मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव किए, जिसमें 10 मंत्रियों की छुट्टी की गई। एनडीए की जीत और विधायक संख्या में इजाफा (1654) के बाद पार्टी उत्साहित है। अगले दो साल में गुजरात समेत 11 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस ने राज्य में संगठन को मजबूत करने की कवायद की, लेकिन सक्रियता न के बराबर ...