Friday, July 24

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बिहार में ‘कट्टे’ से ज्यादा ‘कट्ठे’ की तपिश: जमीन के दाम बेकाबू, नौबतपुर बना हॉटस्पॉट, सर्किल रेट 400% तक बढ़ाने की तैयारी
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बिहार में ‘कट्टे’ से ज्यादा ‘कट्ठे’ की तपिश: जमीन के दाम बेकाबू, नौबतपुर बना हॉटस्पॉट, सर्किल रेट 400% तक बढ़ाने की तैयारी

  पटना। बिहार की सियासत में भले ही ‘कट्टा’ शब्द लंबे समय तक गूंजता रहा हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि आज राज्य में कट्टे से ज़्यादा ‘कट्ठे’ की गर्मी है। जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं, जगह कम पड़ रही है और हर परिवार अपने आशियाने की तलाश में है। इसी बीच बिल्डरों और दलालों की नजर खेती की जमीन पर है, जहां चार कट्ठे में बीस फ्लैट खड़े कर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है—और सरकार को हो रहा है भारी राजस्व नुकसान।   अब इस खेल पर लगाम कसने के लिए बिहार सरकार सर्किल रेट को बाजार भाव के करीब लाने की बड़ी तैयारी में जुट गई है। प्रस्ताव है कि कई इलाकों में जमीन के सर्किल रेट में 400 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाए। इस संबंध में जल्द ही प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।   सर्किल रेट और असली कीमत में भारी अंतर   सर्किल रेट यानी वह न्यूनतम सरकारी दर, जिस पर जमीन या मकान की रजिस्ट्री...
पटना में खड़ी गाड़ी, टोल कटा जमशेदपुर में; मथुरा की वर्कशॉप से गोरखपुर तक पहुंचा FASTag — गलत कटौती से वाहन मालिक परेशान
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पटना में खड़ी गाड़ी, टोल कटा जमशेदपुर में; मथुरा की वर्कशॉप से गोरखपुर तक पहुंचा FASTag — गलत कटौती से वाहन मालिक परेशान

  पटना। क्या आपकी गाड़ी घर के बाहर खड़ी है और अचानक मोबाइल पर सैकड़ों किलोमीटर दूर किसी टोल प्लाजा से पैसे कटने का मैसेज आ जाए? अगर ऐसा हुआ है, तो आप अकेले नहीं हैं। बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में FASTag के जरिए गलत कटौती के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। यह गड़बड़ी अब व्यक्तिगत परेशानी नहीं, बल्कि पूरे टोल सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल बन चुकी है।   पटना में खड़ी कार, जमशेदपुर में कट गया टोल   पटना निवासी सिद्धार्थ कौशल मंगलवार शाम उस वक्त चौंक गए, जब उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनकी कार से जमशेदपुर के पुतरू टोल प्लाजा पर 65 रुपये काट लिए गए हैं। सिद्धार्थ कहते हैं, “मेरी गाड़ी घर के बाहर खड़ी थी। न मैं उस रास्ते पर गया, न कभी जमशेदपुर की ओर ड्राइव की। फिर टोल कैसे कट गया?”   मथुरा की वर्कशॉप में थी कार, गोरखपुर में वसूला टोल   ऐसा ही एक चौंकाने ...
245 ब्लैंक चेक, चांदी का ढेर और भारी कैश… ‘ब्याज बाबू’ के घर छापा पड़ा तो उड़ गए होश कैमूर में सूदखोर का काला साम्राज्य बेनकाब, पुलिस के हाथ लगी चौंकाने वाली बरामदगी
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245 ब्लैंक चेक, चांदी का ढेर और भारी कैश… ‘ब्याज बाबू’ के घर छापा पड़ा तो उड़ गए होश कैमूर में सूदखोर का काला साम्राज्य बेनकाब, पुलिस के हाथ लगी चौंकाने वाली बरामदगी

  कैमूर (बिहार): बिहार के कैमूर जिले में वर्षों से गरीब-मजदूरों और जरूरतमंदों का खून चूस रहे एक कुख्यात सूदखोर का काला साम्राज्य आखिरकार ढह गया। कुदरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने जब ‘ब्याज बाबू’ लक्ष्मण साह के घर छापा मारा, तो अंदर का नज़ारा देखकर खुद पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। 245 लोगों के ब्लैंक चेक, जमीन के दर्जनों कागजात, चांदी का ढेर और नकदी—सब कुछ इस बात की गवाही दे रहा था कि किस तरह मजबूरी को हथियार बनाकर यह सूदखोर लोगों की जिंदगी तबाह कर रहा था।   छापे में मिली चौंकाने वाली बरामदगी पुलिस कार्रवाई के दौरान लक्ष्मण साह के घर से—   245 कर्जदारों के हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक जमीन की रजिस्ट्री व खरीद-बिक्री से जुड़े 39 कागजात 1 लाख 70 हजार रुपये नकद 1 किलो 754 ग्राम चांदी 65 स्टांप पेपर बरामद किए गए। इन दस्तावेजों ने साफ कर दिया कि सूदखोर कर्ज के नाम पर लोगों की ...
12 लाख की स्कॉर्पियो कौड़ियों के भाव में नीलाम, हाईकोर्ट सख्त दोषी अफसरों से होगी वसूली, वाहन मालिक को ब्याज सहित भुगतान का आदेश
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12 लाख की स्कॉर्पियो कौड़ियों के भाव में नीलाम, हाईकोर्ट सख्त दोषी अफसरों से होगी वसूली, वाहन मालिक को ब्याज सहित भुगतान का आदेश

  पटना: बिहार में शराबबंदी कानून के तहत जब्त वाहनों की नीलामी में भारी अनियमितताओं पर पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति सौरेंद्र पांडेय की खंडपीठ ने मुजफ्फरपुर से जुड़े एक मामले में सुनवाई के दौरान नीलामी प्रक्रिया को नियमों का खुला उल्लंघन बताया और इसे “सिस्टम की सांठगांठ” का गंभीर संकेत करार दिया।   कौड़ियों के भाव बिक गई 12 लाख की स्कॉर्पियो मामला वर्ष 2020 में जब्त की गई मुजफ्फरपुर जिले की एक स्कॉर्पियो (S-9 मॉडल) से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि वाहन का बीमित मूल्य 12.12 लाख रुपये था, लेकिन उसे मात्र 3.85 लाख रुपये में नीलाम कर दिया गया। हाईकोर्ट ने पाया कि नीलामी से पहले वाहन मालिक को न तो कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और न ही उसे अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। हैरानी की बात यह भी रही कि अधिकारियों ने एक ही आदेश के तहत...
औरंगाबाद में मालगाड़ी बेपटरी, लूप लाइन ने टाला बड़ा रेल हादसा तीन डिब्बे पटरी से उतरे, रेलवे सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
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औरंगाबाद में मालगाड़ी बेपटरी, लूप लाइन ने टाला बड़ा रेल हादसा तीन डिब्बे पटरी से उतरे, रेलवे सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

  औरंगाबाद (बिहार): जिले के फेसर रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब डीडीयू रेल खंड पर चल रही एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। गनीमत यह रही कि हादसा लूप लाइन पर हुआ, जिससे मुख्य रेल मार्ग सुरक्षित रहा और एक बड़ा रेल हादसा टल गया।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मालगाड़ी जैसे ही फेसर स्टेशन के समीप लूप लाइन में प्रवेश कर रही थी, तभी तेज आवाज के साथ तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और तुरंत रेलवे प्रशासन को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, तकनीकी टीम और रेलवे सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया।   रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मालगाड़ी साइड (लूप) लाइन पर खड़ी थी, इस कारण मुख्य लाइन पर चल रही यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। सभी ट्रेनें अपने ...
अकबर के दरबार के जासूस: ‘बरीद’ जिन्होंने बचाई सम्राज्य की सत्ता
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अकबर के दरबार के जासूस: ‘बरीद’ जिन्होंने बचाई सम्राज्य की सत्ता

  पटना: हाल ही में आई फिल्म धुरंधर में हमजा अली मजारी का किरदार हर किसी की जुबान पर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अकबर के शासनकाल में उसके जासूसों को बरीद कहा जाता था? करीब 500 साल पहले भी जासूसों ने बड़े कारनामे किए और सम्राज्य की सत्ता को बचाया।   अकबर का प्रशासन: अकबर के समय भारत 12 सूबों में बंटा था – काबुल, लाहौर, मुल्तान, दिल्ली, आगरा, अवध, इलाहाबाद, बिहार, बंगाल, मालवा, अजमेर और गुजरात। बाद में खानदेश, अहमदनगर और बरार तीन और सूबे जुड़े। प्रत्येक सूबे का शासन सूबेदार करता था। जिलों में फौजदार और नगर में कोतवाल कानून और सुरक्षा का ध्यान रखते थे।   बरीद और वाकया नवीस: अकबर ने शासन को मजबूत बनाने के लिए खुफियातंत्र की स्थापना की। जासूसों को बरीद और खोजी पत्रकारों को वाकया नवीस कहा जाता था। बरीद गुप्तचर की तरह काम करते थे, और वाकया नवीस राज्यभर में घूमकर रिपोर्ट तै...
तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर JDU प्रवक्ता का डीजीपी को पत्र, संदिग्धों पर कड़ी निगरानी की मांग
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तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर JDU प्रवक्ता का डीजीपी को पत्र, संदिग्धों पर कड़ी निगरानी की मांग

    पटना: जनता दल (यूनाइटेड) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के कथित विदेश दौरे को लेकर गंभीर आशंकाएं जताई हैं। पत्र में नीरज कुमार ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए दावा किया है कि तेजस्वी यादव के साथ कुछ ऐसे व्यक्तियों ने विदेश यात्रा की, जिनका आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंध है।   नीरज कुमार ने विशेष रूप से यूपी के हिस्ट्रीशीटर रमीज नेमत खान का जिक्र किया है। उनके अनुसार, रमीज उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के निवासी हैं। पत्र में बताया गया है कि उनके ससुर रिजवान जहीर खान समाजवादी पार्टी से दो बार सांसद और एक बार विधायक रह चुके हैं, और वर्तमान में हत्या के गंभीर मामले में जेल में हैं। रमीज की पत्नी ज़ेबा रिजवान ने जेल से चुनाव लड़ा था।   सिर्फ रमीज ही नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव के साथ यात्रा ...
कॉरपोरेट जगत की नई पसंद बनी चिराग की LJP-R, नीतीश की JDU की लगी लॉटरी
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कॉरपोरेट जगत की नई पसंद बनी चिराग की LJP-R, नीतीश की JDU की लगी लॉटरी

    पटना: बिहार की राजनीति में पार्टी फंड का खेल हमेशा चुनाव परिणाम को प्रभावित करता रहा है। वर्ष 2024-25 में यह खेल और स्पष्ट हो गया है। नीतीश कुमार की जेडीयू को वर्ष 2023-24 में महज 1.81 करोड़ रुपये का चंदा मिला था, जो अगले वित्तीय वर्ष में बढ़कर 18.69 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। वहीं, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी अपनी साख साबित करते हुए 11 करोड़ रुपये का चंदा जुटाया।   जेडीयू की यह भारी बढ़ोतरी उनकी विश्वसनीयता और राजनीतिक मजबूती का संकेत है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में भारी हार झेलने के बाद जेडीयू ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 12 सीटें जीतकर अपनी वापसी की। उद्योगपतियों और कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जेडीयू पर भरपूर भरोसा जताया। जेडीयू को प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट से 10 करोड़, प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से 5 करोड़ और समाज इलेक्टोरल ट्...
AK-47 वाला अफसर, अपराधियों का खौफ   ‘द डेयरिंग कॉप’ कुंदन कृष्णन बने डीजी, जानिए वर्दी के पीछे की कहानी
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AK-47 वाला अफसर, अपराधियों का खौफ ‘द डेयरिंग कॉप’ कुंदन कृष्णन बने डीजी, जानिए वर्दी के पीछे की कहानी

  पटना। बिहार में अपराध की दुनिया अगर किसी एक नाम से आज भी कांपती है, तो वह नाम है— कुंदन कृष्णन। खाकी वर्दी में ऐसा रौब, ऐसा खौफ कि खूंखार अपराधी भी सामने आने से पहले सौ बार सोचते हैं। हाथ में AK-47 और आंखों में कानून का डर— यही पहचान रही है उस अफसर की, जिसे अब बिहार सरकार ने प्रमोशन देकर डीजी (डायरेक्टर जनरल) के पद पर नियुक्त किया है। यह पद उन्हें यूं ही नहीं मिला, इसके पीछे है दशकों की सख्त, बेखौफ और निर्णायक पुलिसिंग।   नालंदा से आईपीएस तक का सफर   नाम से भले ही दक्षिण भारतीय लगें, लेकिन कुंदन कृष्णन बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। 8 मार्च 1969 को जन्मे कुंदन कृष्णन ने 1993 में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस बनने का गौरव हासिल किया। वर्ष 1994 में उन्हें बिहार कैडर मिला। इसके बाद उन्होंने अपराध के खिलाफ ऐसी मुहिम छेड़ी कि कई बड़े अपराधियों की नींद उड़ गई। &nb...
बिहार में ‘ऑन डिमांड’ नीलगाय शिकार अभियान: नवादा में किसानों की फसल बचाने के लिए 15 नीलगायों को किया गया ढेर
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बिहार में ‘ऑन डिमांड’ नीलगाय शिकार अभियान: नवादा में किसानों की फसल बचाने के लिए 15 नीलगायों को किया गया ढेर

  नवादा। बिहार के नवादा जिले में नीलगायों के बढ़ते आतंक से परेशान किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिले में पहली बार ‘ऑन डिमांड’ नीलगाय शिकार अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत महुली पंचायत क्षेत्र में विशेषज्ञ शूटरों की मदद से नीलगायों को मार गिराया गया, ताकि किसानों की फसलों को हो रहे भारी नुकसान को रोका जा सके।   जानकारी के अनुसार, महुली पंचायत में नीलगायों के झुंड लगातार खेतों में घुसकर फसलें नष्ट कर रहे थे। किसानों का कहना है कि हर साल उन्हें 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान झेलना पड़ता है। इसी को लेकर पंचायत के मुखिया विपिन सिंह ने पंचायती राज पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी।   विशेषज्ञ शूटर की तैनाती, 10 से 15 नीलगायें मारी गईं   जिलाधिकारी के निर्देश पर नवादा वन विभाग ने मगध क्षेत्र के विशेषज्ञ शूटर मोहम्मद का...