बिहार में ‘कट्टे’ से ज्यादा ‘कट्ठे’ की तपिश: जमीन के दाम बेकाबू, नौबतपुर बना हॉटस्पॉट, सर्किल रेट 400% तक बढ़ाने की तैयारी
पटना।
बिहार की सियासत में भले ही ‘कट्टा’ शब्द लंबे समय तक गूंजता रहा हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि आज राज्य में कट्टे से ज़्यादा ‘कट्ठे’ की गर्मी है। जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं, जगह कम पड़ रही है और हर परिवार अपने आशियाने की तलाश में है। इसी बीच बिल्डरों और दलालों की नजर खेती की जमीन पर है, जहां चार कट्ठे में बीस फ्लैट खड़े कर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है—और सरकार को हो रहा है भारी राजस्व नुकसान।
अब इस खेल पर लगाम कसने के लिए बिहार सरकार सर्किल रेट को बाजार भाव के करीब लाने की बड़ी तैयारी में जुट गई है। प्रस्ताव है कि कई इलाकों में जमीन के सर्किल रेट में 400 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाए। इस संबंध में जल्द ही प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
सर्किल रेट और असली कीमत में भारी अंतर
सर्किल रेट यानी वह न्यूनतम सरकारी दर, जिस पर जमीन या मकान की रजिस्ट्री...










