दबाव की राजनीति पर फिर सवार मांझी, क्या राज्यसभा की एक सीट के लिए दांव पर लगेगी केंद्रीय मंत्री की कुर्सी?
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी एक बार फिर अपनी चिर-परिचित विद्रोही शैली में सियासी हलकों में हलचल पैदा कर रहे हैं। गया में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने एनडीए गठबंधन, खासतौर पर भाजपा, के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलते हुए ऐसे बयान दिए हैं, जिनसे उनकी केंद्रीय मंत्री की कुर्सी पर सवाल खड़े हो गए हैं। मांझी के तेवर यह संकेत दे रहे हैं कि वे राज्यसभा की एक सीट के लिए बड़ा राजनीतिक जोखिम उठाने को तैयार हैं।
जनसभा को संबोधित करते हुए मांझी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनके साथ वादाखिलाफी की है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने दो लोकसभा और एक राज्यसभा सीट देने का आश्वासन दिया था, लेकिन राज्यसभा की सीट उन्हें नहीं मिली। मांझी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि राज्यसभा की सीट नहीं दी गई, तो वे मंत्रिपद छोड़ने से भी पीछे नहीं...










