Thursday, July 23

Politics

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: विवाहित महिलाओं को राशन यूनिट ट्रांसफर में मिलेगी सहूलियत
Politics, State, Uttar Pradesh

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: विवाहित महिलाओं को राशन यूनिट ट्रांसफर में मिलेगी सहूलियत

  लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विवाहित महिलाओं के लिए राशन कार्ड यूनिट ट्रांसफर प्रक्रिया को सरल बनाने का बड़ा निर्णय लिया है। अब विवाह के बाद महिला अपने मायके के राशन कार्ड से ससुराल के राशन कार्ड में सीधे अपनी यूनिट जोड़वा सकेगी, बिना किसी परेशानी या देरी के।   ऑनलाइन आवेदन से सीधे ट्रांसफर   नई गाइडलाइन के अनुसार, महिला ऑनलाइन आवेदन के जरिए अपनी यूनिट ट्रांसफर करवा सकती है। आवेदन में मायके और ससुराल के राशन कार्ड नंबर, संबंधित दुकानदार का नाम और आधार कार्ड नंबर देना होगा। इसके बाद पूर्ति विभाग सीधे मायके के राशन कार्ड से यूनिट को ससुराल के राशन कार्ड में ट्रांसफर कर देगा।   नई व्यवस्था के तहत विशेष प्रावधान   यदि ससुराल में राशन कार्ड नहीं है और महिला उस परिवार की पात्रता श्रेणी में आती है, तो नया राशन कार्ड बनाकर यूनिट ट्रांसफर किया जा...
बयानवीर विजयवर्गीय फिर विवादों में: ताजमहल को मंदिर बताया, बिहारियों पर टिप्पणी से मची हलचल
Madhya Pradesh, Politics, State

बयानवीर विजयवर्गीय फिर विवादों में: ताजमहल को मंदिर बताया, बिहारियों पर टिप्पणी से मची हलचल

  इंदौर: मध्य प्रदेश के शहरी प्रशासन मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में आ गए हैं। सागर जिले के बीना कस्बे में एक क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन कार्यक्रम में उन्होंने ताजमहल को मंदिर बताते हुए कहा कि इसे मुगल बादशाह शाहजहां ने मकबरे में तब्दील किया। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और सोशल मीडिया पर भी इसकी तीखी बहस शुरू हो गई है।   विजयवर्गीय के समर्थक इसे ऐतिहासिक व्याख्या मान रहे हैं, जबकि आलोचक इसे भड़काऊ और भ्रामक बता रहे हैं। मंत्री ने यह भी दावा किया कि मुमताज महल पहले बुरहानपुर में दफन थीं और बाद में उन्हें उस जगह ले जाया गया, जहां ताजमहल का निर्माण हुआ।   इसी कार्यक्रम में उन्होंने बिहारियों पर भी विवादास्पद टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों का विनम्र होना जरूरी नहीं है, लेकिन...
शरद पवार एनडीए में हो सकते हैं शामिल! एकनाथ शिंदे सरकार के मंत्री संजय शिरसाट का बड़ा दावा, महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज
Maharashtra, Politics, State

शरद पवार एनडीए में हो सकते हैं शामिल! एकनाथ शिंदे सरकार के मंत्री संजय शिरसाट का बड़ा दावा, महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के मंत्री संजय शिरसाट के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। शिरसाट ने दावा किया है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार भविष्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा बन सकते हैं।   उनके इस बयान के बाद विपक्षी खेमे में बेचैनी साफ देखी जा रही है, खासकर तब जब शरद पवार की एनसीपी (एसपी) स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अलग-अलग राजनीतिक दलों से समानांतर बातचीत कर रही है।   ‘शरद पवार के लिए यह असंभव नहीं’   मंत्री संजय शिरसाट ने कहा, “क्या किसी ने सोचा था कि शरद पवार उद्धव ठाकरे के साथ जाएंगे? लेकिन उन्होंने ऐसा किया और ढाई साल सत्ता में भी रहे। उन्होंने सोनिया गांधी का विरोध किया, कांग्रेस छोड़ी और फिर उसी ...
गाजियाबाद में SIR के बाद 8.39 लाख मतदाता सूची से बाहर, नाम जुड़वाने का अब मिलेगा मौका
Politics, State, Uttar Pradesh

गाजियाबाद में SIR के बाद 8.39 लाख मतदाता सूची से बाहर, नाम जुड़वाने का अब मिलेगा मौका

    गाजियाबाद। गाजियाबाद जिले में चुनाव आयोग द्वारा कराई गई विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के पूरा होने के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। जिले की पांचों विधानसभा सीटों में दर्ज 28 लाख 37 हजार 991 मतदाताओं में से 8 लाख 39 हजार 142 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। यह कुल मतदाताओं का 29.57 प्रतिशत है।   जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम रवींद्र कुमार मांदर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर SIR प्रक्रिया के आंकड़ों और आगे की कार्यवाही की जानकारी साझा की।   रात 2 बजे तक खुली रही वेबसाइट   निर्वाचन विभाग के अनुसार, SIR प्रक्रिया के अंतिम दिन आयोग की वेबसाइट शुक्रवार रात दो बजे तक खुली रही। प्रक्रिया के बाद जिले में 19 लाख 99 हजार 184 मतदाता ही सूची में दर्ज रह पाए, जो कुल मतदाताओं का 70.44 प्रतिशत है।   क्यों कट...
‘वीबी–जी राम जी’ और अरावली को लेकर कांग्रेस का बड़ा सियासी दांव, आज CWC बैठक में तय होगी आंदोलन की रूपरेखा
Natioanal, Politics

‘वीबी–जी राम जी’ और अरावली को लेकर कांग्रेस का बड़ा सियासी दांव, आज CWC बैठक में तय होगी आंदोलन की रूपरेखा

  नई दिल्ली। ग्रामीण अधिकारों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाने जा रही है। शनिवार सुबह 10:30 बजे दिल्ली में होने जा रही कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की अहम बैठक में पार्टी देशव्यापी जन आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप देगी। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इसमें शामिल होंगे।   सूत्रों के मुताबिक, बैठक का मुख्य एजेंडा मनरेगा की जगह लाए गए ‘वीबी–जी राम जी’ बिल और अरावली पहाड़ियों से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दे होंगे। कांग्रेस इस नए कानून को ग्रामीण भारत के अधिकारों पर सीधा हमला मान रही है और इसके खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष छेड़ने की तैयारी में है।   मनरेगा पर हमला, जन आंदोलन की तैयारी   कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वीबी–जी राम जी बिल के जरिए मनरेगा के मूल...
बयान ही बने सबसे बड़े दुश्मन: 9 महीने में गई थी मुख्यमंत्री की कुर्सी, अब क्या केंद्रीय मंत्री पद पर मंडराएगा खतरा?
Bihar, Politics, State

बयान ही बने सबसे बड़े दुश्मन: 9 महीने में गई थी मुख्यमंत्री की कुर्सी, अब क्या केंद्रीय मंत्री पद पर मंडराएगा खतरा?

    अपने विवादास्पद बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में आए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या मांझी का बयानों वाला अंदाज़ एक बार फिर उन्हें भारी पड़ सकता है। इतिहास गवाह है कि वर्ष 2014 में यही बड़बोलापन उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी ले डूबा था, जब वे केवल 9 महीने में ही बिहार के मुख्यमंत्री पद से हटने को मजबूर हो गए थे।   नीतीश की पसंद, लेकिन उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे   लोकसभा चुनाव 2014 में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 17 मई 2014 को नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद जब नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन हुआ, तो कई दिग्गज नेता दौड़ में थे। वशिष्ठ नारायण सिंह, विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, नरेंद्र नारायण यादव और यहां तक कि शरद यादव का न...
कांग्रेस का ऑपरेशन संगठन: बिहार में भीतरघातियों और सुस्त नेताओं की अब खैर नहीं
Bihar, Politics, State

कांग्रेस का ऑपरेशन संगठन: बिहार में भीतरघातियों और सुस्त नेताओं की अब खैर नहीं

    पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी अब पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में है। पार्टी ने संगठन को मजबूत और समर्पित कार्यकर्ताओं के हाथ सौंपने के लिए ‘ऑपरेशन संगठन’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य भीतरघातियों और निष्क्रिय नेताओं को बाहर कर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना है।   प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के निर्देशन में पार्टी आलाकमान ने पुराने और नए जिला पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी दी है कि वे अपने जिलों और प्रखंडों का दौरा कर संगठन की वास्तविक स्थिति रिपोर्ट करें। प्रत्येक पर्यवेक्षक को यह काम 8 जनवरी तक पूरा करना है।   अभियान के तहत पार्टी उन जिलों को चिन्हित कर रही है जहां संगठन कमजोर है। जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर कमेटियां गठित की जाएंगी। इसके बाद गांव और बूथ स्तर पर संगठन सृजन होगा। अभियान में निष्...
‘मेरे मुख्यमंत्री रहते योजना पर हुआ काम, बाद में ठंडे बस्ते में गई’— गयाजी में गरजे जीतनराम मांझी
Bihar, Politics, State

‘मेरे मुख्यमंत्री रहते योजना पर हुआ काम, बाद में ठंडे बस्ते में गई’— गयाजी में गरजे जीतनराम मांझी

    गयाजी। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतनराम मांझी ने दक्षिण बिहार की दशकों पुरानी सुखाड़ समस्या को समाप्त करने के लिए एक बार फिर बड़ा विजन सामने रखा है। बोधगया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यदि सोन नदी का पानी फल्गु और निरंजना नदी तक पहुंचाया जाए, तो पूरे मगध क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है। मांझी ने भावुक लहजे में कहा कि गया के विकास के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष आग्रह करेंगे और जरूरत पड़ी तो उनके “पैर पकड़ने” से भी पीछे नहीं हटेंगे।   100 करोड़ की योजना, जो रह गई अधूरी   मांझी ने बताया कि अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उन्होंने सोन-निरंजना लिंक परियोजना के लिए करीब 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। उस समय अधिकारियों और मंत्रियों द्वारा स्थल निरीक्षण भी किया गया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह महत...
नेताजी, हम साथ जाएंगे संसद: लोकसभा चुनाव 2029 में बृजभूषण शरण सिंह और करण भूषण सिंह करेंगे आमने-सामने की तैयारी
Politics, State, Uttar Pradesh

नेताजी, हम साथ जाएंगे संसद: लोकसभा चुनाव 2029 में बृजभूषण शरण सिंह और करण भूषण सिंह करेंगे आमने-सामने की तैयारी

  गोंडा: कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद करण भूषण सिंह ने 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा और चर्चित बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2029 में वह और उनके पिता, पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह, दोनों भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे और जीतकर एक साथ संसद में पहुंचेंगे।   करण भूषण ने बेलसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा, “हम दोनों 2029 में भाजपा से चुनाव लड़ेंगे। हमें इतना तय है कि हम दोनों संसद में एक साथ होंगे।” उन्होंने अपने पिता के पहले दिए गए बयान का समर्थन करते हुए यह बात दोहराई। उनके इस ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।   बृजभूषण शरण सिंह का ऐलान और राजनीतिक पृष्ठभूमि करण भूषण से पहले उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह ने भी 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।...
सिफी और टाटा संस के प्रमुखों से CM योगी की मुलाकात, यूपी में बदला माहौल
Politics, State, Uttar Pradesh

सिफी और टाटा संस के प्रमुखों से CM योगी की मुलाकात, यूपी में बदला माहौल

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दिसंबर का महीना औद्योगिक दृष्टि से नई शुरुआत लेकर आया है। देश के दो बड़े औद्योगिक समूह टाटा संस और सिफी टेक्नोलॉजीज़ के शीर्ष नेतृत्व ने राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर राज्य में निवेश बढ़ाने के संकेत दिए।   15 दिसंबर को टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और 23 दिसंबर को सिफी टेक्नोलॉजीज़ के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर राजू वेगेसना ने मुख्यमंत्री से अलग-अलग बैठकें की। इन बैठकों में दोनों समूहों ने राज्य में अब तक किए गए निवेश, चल रही परियोजनाओं और भविष्य की विस्तार योजनाओं की जानकारी दी।     टाटा समूह का यूपी में बढ़ता निवेश   टाटा समूह ने लखनऊ में एआई सिटी विकसित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके। लखनऊ और नोएड...