शी जिनपिंग का ‘एकीकरण’ संदेश: क्या ताइवान के बहाने चीन भारत को भी चुनौती दे रहा है?
नई दिल्ली: नए साल के मौके पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राष्ट्र के नाम संदेश जारी किया। इस संदेश में उन्होंने “मातृभूमि का एकीकरण अवश्य होगा” जैसे शब्दों का प्रयोग किया, जिसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकार चीन की विस्तारवादी नीति और संभावित खतरों की तरफ इशारा मान रहे हैं।
जिनपिंग का यह संदेश उस समय आया जब चीन ने ताइवान के निकट सैन्य अभ्यास (लाइवफायर ड्रिल) पूरी की। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिर्फ ताइवान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे भारत के अरुणाचल प्रदेश पर भी चीन की नजर होने का संकेत मिल रहा है।
अरुणाचल पर चीन की नापाक नजरें
चीन अरुणाचल प्रदेश को अपने नक्शों में ‘दक्षिण तिब्बत’ या ‘जंगनम’ के रूप में दर्शाता है। यह क्षेत्र कभी भी तिब्बत का हिस्सा नहीं रहा है और भारत इसे अपना अभिन्न हिस्सा मानता है। चीन आए दिन अरुणाचल के अलग-अलग इलाकों के नाम बदल...










