भारत का तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर: ‘आईएनएस विशाल’ के लिए यूके और फ्रांस में होड़, कौन बनेगा सुपरकैरियर का साझेदार?
नई दिल्ली: भारत अपने तीसरे स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत के निर्माण की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। 65,000 से 70,000 टन वजनी इस पोत को ‘आईएनएस विशाल’ नाम दिया जा सकता है। यह पोत सभी प्रकार के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों को लॉन्च और लैंड कर सकेगा, और इसे भारत के लिए समुद्र में गेम-चेंजर माना जा रहा है।
यूके और फ्रांस की कंपनियों में प्रतिस्पर्धाभारत ने इस सुपरकैरियर के निर्माण में साझेदारी के लिए यूके की बीएई सिस्टम्स और फ्रांस की नेवल ग्रुप दोनों कंपनियों के प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। भारतीय नौसेना चाहती है कि यह तीसरा विमानवाहक युद्धपोत 2035 तक तैयार हो, और मौजूदा बेड़े की तुलना में यह तकनीकी रूप से अत्याधुनिक हो।
आईएनएस विशाल की क्षमताएँ‘आईएनएस विशाल’ भारी और ताकतवर फाइटर जेट, राफेल के एडवांस वर्जन, एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट, यूएवी और पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट लॉन...










