Tuesday, September 1

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उज्जैन श्रीसंघ ने आगर पहुंचकर लिया ‘सौम्य वर्षावास’ मंगल प्रवेश का धर्मलाभ
Madhya Pradesh, State

उज्जैन श्रीसंघ ने आगर पहुंचकर लिया ‘सौम्य वर्षावास’ मंगल प्रवेश का धर्मलाभ

आगर। शासन प्रभाविका, मातृ हृदया पूज्य साध्वी श्री सौम्य वंदना श्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा के 'सौम्य वर्षावास' के भव्य मंगल प्रवेश समारोह में उज्जैन श्रीसंघ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर उज्जैन के श्री जीरावला पार्श्वनाथ नवरत्न भक्तामर मंडल (सूरज नगर) एवं नाकोड़ा मंडल के सदस्य बड़ी संख्या में आगर पहुंचे। प्रातः 9 बजे भव्य वरघोड़े (शोभायात्रा) के साथ मंगल प्रवेश हुआ। शोभायात्रा आगर नगर के प्रमुख मार्गों से होकर प्रवचन स्थल पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूज्य साध्वीश्री का स्वागत किया। नगर में धर्ममय वातावरण और उत्साह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। धर्मसभा में विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुणी श्रीजी के सौम्य व्यक्तित्व, सरल जीवन, त्याग, तप एवं आध्यात्मिक प्रेरणा पर अपने विचार व्यक्त किए। स्थानीय आगर श्रीसंघ ने बाहर से पधारे सभी अ...
विवाह योग्य जीवनसाथी मिलना क्यों हुआ कठिन? महिला संघ की विचार गोष्ठी में विशेषज्ञों ने सुझाए व्यावहारिक समाधान
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विवाह योग्य जीवनसाथी मिलना क्यों हुआ कठिन? महिला संघ की विचार गोष्ठी में विशेषज्ञों ने सुझाए व्यावहारिक समाधान

इंदौर। (सद्वार्ता)अखिल भारतीय श्वेताम्बर जैन महिला संघ की केंद्रीय इकाई द्वारा वर्तमान समय में विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए उपयुक्त जीवनसाथी की तलाश में आ रही चुनौतियों पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन दादावाड़ी, रामबाग में किया गया। गोष्ठी में समाज के बदलते परिवेश, युवाओं की प्राथमिकताओं और विवाह संबंधी बढ़ती अपेक्षाओं पर गंभीर मंथन हुआ तथा समस्या के समाधान हेतु अनेक महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। मुख्य वक्ता वीरेंद्र कुमार जैन ने कहा कि आज उच्च शिक्षा, करियर निर्माण और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दिए जाने के कारण विवाह की आयु लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही शिक्षा, आय, व्यवसाय, व्यक्तित्व, कद, परिवार, शहर और जीवनशैली जैसी बातों को लेकर अपेक्षाएँ भी पहले की तुलना में काफी बढ़ गई हैं, जिससे उपयुक्त जीवनसाथी का चयन कठिन होता जा रहा है। रेखा जैन ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर...
26 जुलाई को विदिशा में होगा मुनि श्री निर्णय सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश, सुबह 7 बजे होगी मंडल अगवानी
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26 जुलाई को विदिशा में होगा मुनि श्री निर्णय सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश, सुबह 7 बजे होगी मंडल अगवानी

विदिशा। (सद्वार्ता) संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर 108 श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य, विद्यानिधि आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती एवं पाठशाला प्रणेता पूज्य मुनि श्री 108 निर्णय सागर जी महाराज ससंघ का रविवार, 26 जुलाई 2026 को विदिशा नगर में भव्य मंगल प्रवेश होगा। वर्ष 2026 का चातुर्मास विदिशा में संपन्न होने जा रहा है, जिसके चलते आगामी चार माह तक नगर में धर्म, साधना, स्वाध्याय एवं संस्कारों का आध्यात्मिक वातावरण बना रहेगा। प्रवक्ता अविनाश जैन 'विद्यावाणी' ने बताया कि श्री सकल दिगंबर जैन समाज, विदिशा के नेतृत्व में प्रातः 7:00 बजे विवेकानंद (ईदगाह) चौराहा से पूज्य मुनिसंघ की भव्य मंडल अगवानी की जाएगी। इसके बाद शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन स्टेशन मंदिर, महावीरगंज पहुँचेगी। मंदिर परिसर में धर्मसभा का आयोजन किया जाए...
64 ऋद्धि मंत्रों के अर्घ्य समर्पण से गूंजा गुणायतन, श्रद्धा और साधना का अद्भुत संगम
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64 ऋद्धि मंत्रों के अर्घ्य समर्पण से गूंजा गुणायतन, श्रद्धा और साधना का अद्भुत संगम

राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज को विदिशा नगर की ओर से सामूहिक श्रीफल अर्पित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में देशभर से उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब विदिशा। (सद्वार्ता) अष्टान्हिका महापर्व के पावन अवसर पर गुणायतन में आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक साधना का विराट केंद्र बना हुआ है। शुक्रवार को विधान के दौरान 64 ऋद्धि मंत्रों के अर्घ्य अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं अनुशासन के साथ प्रभु चरणों में समर्पित किए गए। देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं के साथ विदिशा नगर से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भी सामूहिक रूप से श्रीफल अर्पित कर धर्मलाभ प्राप्त किया। विशाल विधान मंडप मंत्रोच्चार और भक्तिभाव से गुंजायमान रहा। राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन "विद्यावाणी" ने बताया कि इस अवसर पर मालेगांव से आए 8 वर्षीय बालक ऋषभ जैन को जैनत्व के संस्कार प्रदान किए गए। वह...
आत्मा में कर्मबन्ध की शुरुआत मन, वचन और काय से होती है, इसलिए पाप करने से पहले डरें : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज
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आत्मा में कर्मबन्ध की शुरुआत मन, वचन और काय से होती है, इसलिए पाप करने से पहले डरें : राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज

मधुवन। (सद्वार्ता) श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के पाँचवें दिवस राष्ट्रसंत मुनि श्री 108 प्रमाणसागर महाराज ने कर्मबन्ध के सूक्ष्म विज्ञान का सरल एवं वैज्ञानिक ढंग से विवेचन करते हुए कहा कि आत्मा में कर्मबन्ध की प्रक्रिया मन, वचन और काय की प्रत्येक प्रवृत्ति से प्रारंभ होती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को हर क्षण सजग और सावधान रहना चाहिए तथा जीवन में "पाप करने से डरो, पाप करके मत डरो" के सिद्धांत को अपनाना चाहिए। गुणायतन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन 'विद्यावाणी' ने बताया कि मुनिश्री ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रत्येक महान कार्य सुविचारित योजना और क्रमबद्ध प्रक्रिया से पूर्ण होता है। इसी प्रकार श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान और आत्मशुद्धि का महान साधना-पर्व है। मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य के प्रत्येक भाव, विचार और कर्म से आत्मा में स्पंदन ...
एक पेड़ मेरे प्रभु के नाम : श्री मनोहर इन्दु महिला मंडल ने लिया पौधारोपण का संकल्प
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एक पेड़ मेरे प्रभु के नाम : श्री मनोहर इन्दु महिला मंडल ने लिया पौधारोपण का संकल्प

उज्जैन। (सद्वार्ता) पर्यावरण संरक्षण और धर्म की भावना को एक साथ जोड़ते हुए श्री मनोहर इन्दु महिला मंडल ने सूरज नगर स्थित श्री जीरावाला पार्श्वनाथ मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्री पार्श्वनाथ पंच कल्याणक पूजा का आयोजन किया। पूजन के दौरान मंडल की सभी सदस्यों ने "एक पेड़ मेरे प्रभु के नाम" अभियान के तहत प्रत्येक सदस्य द्वारा एक-एक पौधा लगाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अनेक जैन मुनि भगवंतों ने वृक्षों की छाया में तप, साधना और ध्यान कर मोक्ष की प्राप्ति की है। इसलिए वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक हैं। मंडल की सदस्यों ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने प्रभु के नाम पर एक पौधा लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी हरित एवं स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। उन्...
श्री अजितनाथ पार्श्वनाथ जैन मंदिर, कोठी में आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. का भव्य मंगल प्रवेश
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श्री अजितनाथ पार्श्वनाथ जैन मंदिर, कोठी में आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. का भव्य मंगल प्रवेश

उज्जैन। (सद्वार्ता) परम पूज्य सूरि सम्राट, राष्ट्ररत्न, अवंती तीर्थोद्धारक एवं खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. का श्री अजितनाथ पार्श्वनाथ जैन मंदिर, कोठी में भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन श्री संघ शास्ता वर्षावास समिति, त्रयनगर के तत्वावधान में आयोजित किया गया। दिनांक 20 जुलाई 2026 को सिद्धाचल सोसायटी, प्रेम बाग से भव्य सामैया के साथ प्रारंभ हुई शोभायात्रा मंदिर परिसर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने गुरुदेव श्री का जयघोष के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर पूज्य गणिवर्य श्री मयंकप्रभसागरजी म.सा. आदि ठाणा–9 की पावन निश्रा एवं पूज्या गणिनी प्रवरा श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा–34 की पावन सानिध्यता भी प्राप्त हुई। मंगल प्रवेश के उपरांत आयोजित धर्मसभा का शुभारंभ अजित पार्श्व युवा महिला संगठन द्वारा मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद अर...