जमात का सहारा — 40 दिन की ट्रेनिंग और ब्रेनवॉश के बाद तैयार होते हैं स्लीपर सेल, खुफिया खुलासा
मेरठ‑दिल्ली इनपुट: विदेशी खुफिया एजेंसी ISI धार्मिक संगठनों का उपयोग कर कमजोर पृष्ठभूमि के युवाओं को कट्टर बनाकर देश-विरोधी गतिविधियों के लिए भर्ती कर रही है।रामबाबू मित्तल, दिल्ली।हरियाणा के फरीदाबाद में बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामदगी और फिर दिल्ली के लाल किले के पास हुए भयावह कार धमाके ने पूरे देश की सुरक्षा स्थापना को झकझोरा दिया है। इन घटनाओं के बाद मिली खुफिया जानकारी में एक चौकाने वाला और संगठित पैटर्न उभरकर सामने आया है — विदेशी खुफिया एजेंसी ISI कथित तौर पर धार्मिक जमातों के सहारे कमजोर आर्थिक‑सामाजिक पृष्ठभूमि के युवाओं को स्लीपर सेल के रूप में तैयार कर रही है।
सुरक्षा और खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस भर्ती‑प्रक्रिया में सबसे पहले लक्षित युवाओं को धार्मिक ढांचे में घसीटा जाता है ताकि उनका भरोसा और आस्था मज़बूत की जा सके। लगभग 30–40 दिनों की नाइके परिणति (ट्रेनिंग) में...










