मध्य प्रदेश का पहला ‘पेपरलेस’ बजट 18 फरवरी को, सूटकेस की जगह टैबलेट, खजाना खोलेगी सरकार
भोपाल (आकाश सिकरवार / अंकुर सिरोथिया): मध्य प्रदेश सरकार 18 फरवरी को विधानसभा में अपना पहला पेपरलेस बजट पेश करेगी। इस साल बजट की मोटी-बंदी किताबों की जगह सिर्फ वित्त मंत्री का भाषण और एक संक्षिप्त बजट हैंडआउट होगा। यह बदलाव राज्य में ई-ऑफिस और ई-कैबिनेट सिस्टम लागू होने के बाद किया जा रहा है।
सरकार इस वर्ष विशेष रूप से कृषि क्षेत्र पर ध्यान देगी क्योंकि 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया गया है। इसके साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महोत्सव के लिए भी बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया जा सकता है।
बजट में नए प्रयोग और रणनीतियां
इस साल बजट में सरकार ने कुछ नए प्रयोग किए हैं। ‘नॉन-बजटरी प्रोविजन्स’ (गैर-बजटीय प्रावधान) के माध्यम से विकास परियोजनाओं और घोषणाओं के खर्च का बोझ राज्य के अपने उद्यमों, बोर्डों और निगमों के फंड से उठाया जाएगा। इसका मतलब है कि ये खर्च सीधे राज्य के वार्षिक बजट का ह...










