लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे मुआवजा घोटाला: कई अफसरों की भूमिका संदिग्ध, डीएम करेंगे जांच
लखनऊ (ऐश्वर्य कुमार राय) – लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे मुआवजा मामले में कई बड़े राजस्व अधिकारी अब घोटाले में फंस सकते हैं। राजस्व परिषद ने इस पूरे मामले की जांच लखनऊ के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को सौंपी है। जांच के दायरे में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार ने सभी मुआवजा मामलों की पूरी जांच कराने और दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आरोपित अधिकारियों, कर्मचारियों और लाभार्थियों से गलत ढंग से जारी मुआवजा राशि की वसूली के भी आदेश दिए हैं।
कैसे सामने आई गड़बड़ी:तत्कालीन लेखपाल ने लाभार्थी और उसके पड़ोसी के बयान के आधार पर रिपोर्ट में वर्ष 2007 से पहले अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को जमीन पर कब्जा दिखाया। इसके आधार पर तत्कालीन राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार और एसडीएम ने लाभार्थी को मुआवज...










