Friday, August 14

Politics

बिहार पंचायत चुनाव 2026: परिसीमन में नहीं होगा कोई बदलाव, पुराने वार्ड और क्षेत्रों में ही होगा मतदान सुधेंद्र प्रताप सिंह द्वारा रिपोर्ट
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बिहार पंचायत चुनाव 2026: परिसीमन में नहीं होगा कोई बदलाव, पुराने वार्ड और क्षेत्रों में ही होगा मतदान सुधेंद्र प्रताप सिंह द्वारा रिपोर्ट

  पटना: बिहार में आगामी पंचायत आम चुनाव 2026 के पहले चुनाव क्षेत्रों के परिसीमन को लेकर चल रही अटकलों पर राज्य सरकार ने विराम लगा दिया है। सरकार ने साफ किया है कि इस बार पंचायत चुनावों से पहले वार्ड, पंचायत या अन्य चुनाव क्षेत्रों में किसी भी तरह का परिसीमन नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि 2026 के पंचायत चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर ही होंगे।   राज्य सरकार के इस फैसले से लगभग 2.50 लाख पंचायतीराज संस्थाओं के पदों के लिए चुनाव पुराने परिसीमन के अनुसार होंगे, जिसमें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के सभी पद शामिल हैं।   आरक्षण रोस्टर का निर्धारण होगा नया हालांकि परिसीमन में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, लेकिन आरक्षण रोस्टर का निर्धारण नए सिरे से किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग इसके लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू करेगा। आयोग के सूत्रों के अनुसार, सभी जिलों से राजस्व ग...
अखिलेश यादव के सपा पीडीए पंचांग पर मनोज तिवारी का हमला, पाकिस्तानी कैलेंडर बताया
Politics, State, Uttar Pradesh

अखिलेश यादव के सपा पीडीए पंचांग पर मनोज तिवारी का हमला, पाकिस्तानी कैलेंडर बताया

    अभय सिंह राठौड़, लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा हाल ही में विमोचित समाजवादी पीडीए पंचांग-2026 को लेकर सियासी विवाद छिड़ गया है। इस पंचांग में विशेष रूप से पीडीए समाज के महापुरुषों की जयंती, पुण्यतिथि, और राष्ट्रीय एवं ऐतिहासिक दिवसों के बारे में जानकारी दी गई है। हालांकि, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने इस पंचांग पर तीखा हमला बोला है।   मनोज तिवारी ने अखिलेश यादव के समाजवादी पीडीए पंचांग को "पाकिस्तानी कैलेंडर" बताते हुए कहा कि पंचांग से राम मंदिर की तारीख को हटाना न केवल भगवान राम का विरोध है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति का भी अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।   इस पंचांग को समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव अजय चौरसिया ने प्रकाशित करवाया है। अजय चौरसिया के अनुसार, इस पंचांग में पीडीए समाज स...
लातूर महानगर पालिका चुनाव के बीच ऐसा क्या हुआ कि महाराष्ट्र BJP प्रमुख रवींद्र चव्हाण ने पूर्व CM विलासराव देशमुख के बेटे से मांगी माफी
Maharashtra, Politics, State

लातूर महानगर पालिका चुनाव के बीच ऐसा क्या हुआ कि महाराष्ट्र BJP प्रमुख रवींद्र चव्हाण ने पूर्व CM विलासराव देशमुख के बेटे से मांगी माफी

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने मंगलवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की यादों को मिटाने संबंधी उनकी टिप्पणी राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस बयान से दिवंगत नेता के पुत्र की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह उनसे माफी मांगते हैं। Ravindra Chavan has apologized मुंबई\छत्रपति संभाजीनगर: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने मंगलवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की यादों को मिटाने संबंधी उनकी टिप्पणी राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस बयान से दिवंगत नेता के पुत्र की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह उनसे माफी मांगते हैं। चव्हाण ने यह सफाई लातूर महानगर पालिका चुनावों से पहले सोमवार को दिए गए अपने बयान पर दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था ...
तेजस्वी यादव का ‘ऑपरेशन क्लीन’ और पंचायत चुनाव 2026: अगले 5 साल की राजनीति का पूरा गेम इसी में छिपा रिपोर्टेड बाय: रमाकांत चंदन | एडिटेड बाय: ऋषिकेश नारायण सिंह
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तेजस्वी यादव का ‘ऑपरेशन क्लीन’ और पंचायत चुनाव 2026: अगले 5 साल की राजनीति का पूरा गेम इसी में छिपा रिपोर्टेड बाय: रमाकांत चंदन | एडिटेड बाय: ऋषिकेश नारायण सिंह

      पटना: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जल्द ही अपने यूरोप दौरे से लौटने वाले हैं। माना जा रहा है कि लौटते ही उनका ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू होगा और इसके साथ ही बिहार यात्रा का भी कार्यक्रम तय किया जाएगा। पारिवारिक एकता का संदेश   तेजस्वी यादव सबसे पहले पारिवारिक एकता पर जोर देंगे। 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद को सबसे अधिक नुकसान पारिवारिक बिखराव के कारण हुआ था। चुनाव के दौरान NDA ने बार-बार यह सवाल उठाया कि “जो अपना घर नहीं चला सकते, वह राज्य और देश कैसे संभालेंगे?” तेजस्वी यादव के भाई तेज प्रताप यादव ने हाल ही में अपना जन्मदिन माता राबड़ी देवी के साथ मनाया, जिससे परिवार में आत्मविश्वास लौटता दिखाई दिया।       प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक   वह प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और संगठन की समीक्षा करेंगे। यह बैठक जिला या प्रखंड स्तर ...
पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के डर ने बनाया ममता को बिहार विरोधी, पढ़िए कब-कब उगली ‘आग’ रिपोर्टेड बाय: रमाकांत चंदन | एडिटेड बाय: ऋषिकेश नारायण सिंह
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पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के डर ने बनाया ममता को बिहार विरोधी, पढ़िए कब-कब उगली ‘आग’ रिपोर्टेड बाय: रमाकांत चंदन | एडिटेड बाय: ऋषिकेश नारायण सिंह

  पटना: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढ़ती ताकत और आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बिहार और केंद्रीय नेताओं के प्रति लगातार तीखी टिप्पणियाँ कर रही हैं। खासतौर पर उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के हालिया बयान के बाद बिहार के कद्दावर केंद्रीय मंत्री और सांसद गिरिराज सिंह ने पलटवार किया। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी या उनकी पार्टी टीएमसी ने बिहार पर हमला बोला हो।       अमित शाह को भी दिया निशाना   हाल ही में कोलकाता में हुई एक सभा में ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर तीखी टिप्पणियाँ की। उन्होंने कहा, "आप होटल में छुपकर बैठे हैं, हम नहीं चाहते तो आप होटल के बाहर एक कदम भी नहीं रख सकते थे। आप भाग्यशाली हैं कि हमने आपको होटल के बाहर निकलने दिया।" इस बयान को बीजेपी ने धमकी के रूप में प्रचारित किया।     &n...
क्या है ‘मैकाले मानसिकता’? PM मोदी देश को इससे निकालना चाहते हैं, NEP बनेगी माध्यम
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क्या है ‘मैकाले मानसिकता’? PM मोदी देश को इससे निकालना चाहते हैं, NEP बनेगी माध्यम

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार-बार कहा है कि भारत को मैकाले की मानसिकता से बाहर निकालने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को माध्यम बताया है। लेकिन आखिर क्या है ये मानसिकता और इसे किसने भारत पर थोपा?   कौन थे मैकाले? थॉमसन बैबिंगटन मैकाले 1834 में भारत में गवर्नर जनरल की काउंसिल में शामिल हुए। 1835 में उन्होंने भारत में शिक्षा पर अपना ‘Macaulay’s Minute’ लिखा। इसका उद्देश्य था ऐसे भारतीय तैयार करना जो रंग से भारतीय हों, लेकिन सोच, भाषा और मूल्यों में अंग्रेज़ हों।   शिक्षा में बदलाव मैकाले के सुझावों ने गुरुकुलों को बंद कर दिया और अंग्रेज़ी मीडियम स्कूलों को बढ़ावा दिया। संस्कृत और अरबी जैसी भाषाओं को महत्व नहीं मिला। उनका मानना था कि अंग्रेज़ी भाषा अधिक व्यावहारिक और उपयोगी है।   मैकाले मानसिकता क्या है? यह मानस...
पटना में डॉक्टर के नाती की रहस्यमय गुमशुदगी, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
Bihar, Politics, State

पटना में डॉक्टर के नाती की रहस्यमय गुमशुदगी, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज

    पटना (मसौढ़ी): पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र में रहने वाले चिकित्सक डॉ. सतीश कुमार के नाती, 11वीं कक्षा के छात्र किशु उर्फ रोहित कुमार, रहस्यमय ढंग से गायब हो गए। बच्चे के लापता होने को अब 7 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।   परिवार के अनुसार, किशु 29 दिसंबर को सुबह 10 बजे घर से निकला था कि वह कॉपी खरीदने जा रहा है। इसके लिए उसने अपनी नानी से 150 रुपये लिए थे। इसके बाद वह न तो कोचिंग पहुंचा और न ही घर लौट पाया।   परिवार ने दर्ज कराया केस   परिजनों ने मसौढ़ी थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शुरुआती जांच के बावजूद बच्चे का कोई पता नहीं चलने पर परिवार ने अपहरण की आशंका जताई। किशु का मोबाइल बंद है और उसके किसी से विवाद की जानकारी नहीं है।   पुलिस पर नारेबाजी   बच्चे की बरामदगी में देरी से आक्रोशित परिजनों और...
SIR के बाद मेरठ में वोटर लिस्ट से कटे 6.65 लाख लोगों के नाम, पूरी सूची ऑनलाइन उपलब्ध
Politics, State, Uttar Pradesh

SIR के बाद मेरठ में वोटर लिस्ट से कटे 6.65 लाख लोगों के नाम, पूरी सूची ऑनलाइन उपलब्ध

    मेरठ: विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के बाद मेरठ जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में 6,65,647 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इनमें मृतक, स्थानांतरित, लंबे समय से अनुपस्थित या डुप्लीकेट (एएसडी) श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।   ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 6 जनवरी को: जिला निर्वाचन अधिकारी और डीएम डॉ. वी.के. सिंह ने बताया कि SIR के दौरान जुटाए गए आंकड़ों का सत्यापन पूरा होने के बाद एएसडी मतदाताओं की अंतिम सूची तैयार कर जिला की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी गई है। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 6 जनवरी को होगा, जिसमें सभी अद्यतन मतदाता विवरण शामिल होंगे।   मेरठ में कुल मतदाता संख्या: मेरठ जिले में कुल 26,99,820 मतदाता पंजीकृत हैं। विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान बीएलओ के माध्यम से घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया। जिन मतदाताओं के SIR फॉर...
UP में SIR के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन कल, नाम न होने पर करें ये काम
Politics, State, Uttar Pradesh

UP में SIR के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन कल, नाम न होने पर करें ये काम

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 6 जनवरी को होने जा रहा है। प्रदेश के करीब 2.89 करोड़ मतदाता एसआईआर प्रक्रिया के दौरान अनमैप्ड रह गए हैं। चुनाव आयोग की ओर से ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद भी मतदाताओं के पास अपना नाम सूची में जोड़वाने का अवसर रहेगा।   SIR प्रक्रिया और तारीखें: उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 से शुरू हुई थी। शुरू में गणना फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर थी, जिसे बाद में बढ़ाकर क्रमशः 12 और 26 दिसंबर कर दिया गया। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 31 दिसंबर को होना था, लेकिन इसे 6 जनवरी तक स्थगित किया गया।   ड्राफ्ट सूची के बाद का चरण: ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी शुरू होगी। मतदाता ...
प्रदूषण पर सरकार को घेरा, संजीव झा कौन हैं? बिहार से है खास नाता
Bihar, Politics, State

प्रदूषण पर सरकार को घेरा, संजीव झा कौन हैं? बिहार से है खास नाता

    पटना/दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक संजीव झा ने प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को कठघरे में खड़ा किया। बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि बीते तीन महीनों से राजधानी में प्रदूषण ने लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। कई मरीजों को वेंटिलेटर तक पहुंचना पड़ा और कुछ लोगों की जान भी चली गई। संजीव झा ने आरोप लगाया कि प्रदूषण के डेटा में छेड़छाड़ कर जनता को गुमराह किया गया।   बिहार से जुड़ाव संजीव झा का जन्म 1 अगस्त 1979 को बिहार के मधुबनी जिले के सुंदरपुर भित्थी गांव में हुआ। वे स्वर्गीय सुशील झा और गायत्री देवी के छह बच्चों में चौथे थे। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने एमवाईएन हाई स्कूल, शंभुआर, मधुबनी से पूरी की और 2001 में आरके कॉलेज, मधुबनी से बीए (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की।   राजनीति में एंट्री और पहली जीत 2012 में संज...