Friday, August 14

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अखिलेश यादव ने SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर उठाए गंभीर सवाल, वाजिब वोटरों के नाम शामिल करने की मांग
Politics, State, Uttar Pradesh

अखिलेश यादव ने SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर उठाए गंभीर सवाल, वाजिब वोटरों के नाम शामिल करने की मांग

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (SIR) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट सामने आते ही उनकी आशंकाएं सच साबित हो रही हैं और वाजिब वोटरों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए जाने चाहिए।   सपा प्रमुख ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पहले उन्हें लगभग तीन करोड़ वोट कटने की आशंका थी। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री ने पहले ही सार्वजनिक मंचों पर चार करोड़ वोट कटने की बात कही थी। अखिलेश यादव ने राज्य निर्वाचन आयोग और चुनाव आयोग की SIR लिस्ट में अंतर पर सवाल उठाए और कहा कि इस मामले को लेकर जिला स्तर पर केस दायर किया जाएगा।   उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कथित बयान से यह स्पष्ट होता है कि वोट कटने की प्रक्रिया पहले से तय थी, जिससे पू...
कपिल पाटिल या निशांत कुमार? नीतीश के ‘New JDU’ का खाका खिंच रहा बड़ा शानदार
Bihar, Politics, State

कपिल पाटिल या निशांत कुमार? नीतीश के ‘New JDU’ का खाका खिंच रहा बड़ा शानदार

  पटना (ऋषिकेश नारायण सिंह/रमाकांत चंदन) – बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) का सांगठनिक ढांचा नए सिरे से आकार लेने लगा है। इस बीच राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि JDU का अगला कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा। 2025 से 2028 के लिए सदस्यता अभियान के दौरान संगठन में बदलाव और नेतृत्व पदों पर फेरबदल के संकेत मिलने लगे हैं।   कपिल पाटिल क्यों चर्चा में हैं महाराष्ट्र के कपिल पाटिल का नाम जेडीयू के नए कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चर्चा में है। यह चर्चा और तेज हुई जब हाल ही में पाटिल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। लंबे समय तक जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव रहे कपिल पाटिल ने गुजरात और गोवा में पार्टी के प्रभारी के रूप में भी कार्य किया है। वे महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे हैं और लगातार तीन बार (2006, 2012, 2018) चुनाव जीत चुके हैं।   नीतीश कुमार कपिल पाट...
यूपी चुनाव 2027: SIR प्रक्रिया पर भाजपा की सख्त निगरानी, टिकट में अहम भूमिका बीजेपी ने सबसे ज्यादा दावे-आपत्तियां दाखिल कीं, विधायकों की सक्रियता पर विशेष नजर
Politics, State, Uttar Pradesh

यूपी चुनाव 2027: SIR प्रक्रिया पर भाजपा की सख्त निगरानी, टिकट में अहम भूमिका बीजेपी ने सबसे ज्यादा दावे-आपत्तियां दाखिल कीं, विधायकों की सक्रियता पर विशेष नजर

      लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है और अब दावों-आपत्तियों का दौर चल रहा है। इस दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय भाजपा पार्टी रही है। पहले दो दिन में दर्ज कुल दावों और आपत्तियों का 95 प्रतिशत हिस्सा भाजपा की ओर से आया है।   पार्टी नेतृत्व की चिंता का कारण SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कट जाना है। भाजपा नेतृत्व विशेष रूप से विधायकों और मंत्रियों की सक्रियता पर नजर रख रहा है और उनके काम का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यदि SIR में ढिलाई बरती गई तो 2027 के चुनाव में उनके लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है।   भाजपा नेतृत्व की सक्रियता   भाजपा केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने शुरुआत से ही SIR प्रक्रिया पर विशेष फोकस रखा। इसके लिए कार्यशालाओं और बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें क...
सात महीने बाद पिघली रिश्तों की बर्फ, पिता लालू यादव से मिले तेज प्रताप  दही-चूड़ा भोज का दिया न्योता, बोले— आगे भी लड़ेंगे कानूनी लड़ाई
Bihar, Politics, State

सात महीने बाद पिघली रिश्तों की बर्फ, पिता लालू यादव से मिले तेज प्रताप दही-चूड़ा भोज का दिया न्योता, बोले— आगे भी लड़ेंगे कानूनी लड़ाई

      पटना/नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से निष्कासन के बाद पहली बार तेज प्रताप यादव ने सात महीने के लंबे अंतराल के बाद अपने पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। यह मुलाकात दिल्ली में बहन मीसा भारती के आवास पर हुई, जहां लैंड फॉर जॉब मामले की सुनवाई के सिलसिले में लालू परिवार मौजूद था। इस दौरान तेज प्रताप यादव ने पिता से आशीर्वाद लिया और मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज का निमंत्रण भी दिया।   मुलाकात से पहले मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप यादव ने कहा कि वे कानूनी लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ेंगे। पिता से मुलाकात के बाद बाहर निकले तेज प्रताप यादव के चेहरे पर संतोष और मुस्कान साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा, “पिताजी से आशीर्वाद ले लिया है। दही-चूड़ा का निमंत्रण दे दिया है, वे जरूर आएंगे।”   अनुष्का यादव प्रकरण के बाद पहली मुलाकात   गौरतल...
लोकतंत्र सत्ता में बैठे नेताओं के हिसाब से नहीं चलता: IPAC पर ED रेड के विरोध में ममता बनर्जी का मार्च
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लोकतंत्र सत्ता में बैठे नेताओं के हिसाब से नहीं चलता: IPAC पर ED रेड के विरोध में ममता बनर्जी का मार्च

    कोलकाता में आईपैक (IPAC) के ऑफिस और इसके निदेशक के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा दी है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया है कि ईडी पार्टी की चुनावी रणनीति और डेटा जब्त करने की कोशिश कर रही है।   शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में विरोध मार्च का नेतृत्व किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में समर्थक उनके साथ थे। 8B बस स्टैंड से शुरू हुआ मार्च हाजरा मोड़ की ओर बढ़ा। ममता ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।   इससे पहले दिल्ली में टीएमसी सांसदों ने ईडी की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस ने आठ सांसदों को अस्थायी रूप से हिरासत में लिया। सांसदों में डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बाप...
पश्चिम बंगाल: SIR कतार में खड़े व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत, परिवार ने नोटिस को बताया तनाव का कारण
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पश्चिम बंगाल: SIR कतार में खड़े व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत, परिवार ने नोटिस को बताया तनाव का कारण

  कोलकाता: पश्चिम बंगाल में एसआईआर (सर्विस इन्फॉर्मेशन रिफॉर्म) प्रक्रिया की कतार में खड़े एक व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। 38 वर्षीय रमजान अली गुरुवार की सुबह नाम सुधारने के लिए कतार में खड़े थे। उनके परिवार का आरोप है कि एसआईआर नोटिस मिलने के बाद वह अत्यधिक तनाव में थे, जिसका असर उनकी सेहत पर पड़ा और उनकी मौत हो गई।   जानकारी के अनुसार, रमजान अली पेशे से ड्राइवर थे और अपनी मां सलमा बेगम के साथ बारासात ब्लॉक 2 बीडीओ कार्यालय गए थे। उनका मकसद एसआईआर प्रक्रिया के तहत वोटर सूची में नाम में सुधार कराना था। उनके चचेरे भाई शेख गुलाम अली ने बताया कि ठंड में लंबी कतार में खड़े रहने के कारण वह बीमार पड़ गए और जमीन पर गिर गए।   स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत संबेरिया ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मां सलमा बेगम ने ब...
I-PAC पर ईडी का छापा: बंगाल की राजनीति में भूचाल, ममता बनर्जी को क्या मिलेगा फायदा?
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I-PAC पर ईडी का छापा: बंगाल की राजनीति में भूचाल, ममता बनर्जी को क्या मिलेगा फायदा?

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है। 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अब केवल तीन महीने शेष हैं, और राज्य की राजनीति में टीएमसी और बीजेपी के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच I-PAC के कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।   टीएमसी इस छापेमारी को ईडी का दुरुपयोग बताते हुए इसे चुनावी रणनीति की चोरी का मामला बना रही है। दूसरी ओर बीजेपी इसे ममता बनर्जी और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े भ्रष्टाचार का नया अध्याय बताकर चुनावी फायदा उठाने की कोशिश में है।   ममता बनर्जी बनें पहली मुख्यमंत्री जिन्होंने ईडी से भिड़ाव किया कोलकाता में I-PAC के ऑफिस पर ईडी की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप किया। वह I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर से एक लैपटॉप और ग्रीन फाइल लेकर कार्यालय पहुंच...
यूपी में SIR: लखनऊ में सबसे अधिक, ललितपुर में सबसे कम वोटरों के नाम कटे
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यूपी में SIR: लखनऊ में सबसे अधिक, ललितपुर में सबसे कम वोटरों के नाम कटे

  उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित कर दी है। इस प्रक्रिया के दौरान राज्य में 18.70 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, लेकिन जिलावार आंकड़ों में भारी अंतर देखने को मिला है।   लखनऊ में सबसे अधिक नाम कटे सबसे अधिक नाम कटने वाले जिलों में लखनऊ टॉप पर है। अक्टूबर 2025 की सूची के अनुसार लखनऊ में मतदाताओं की संख्या 39.94 लाख थी, लेकिन SIR प्रक्रिया के बाद यह घटकर 27.94 लाख हो गई। यानी लगभग 12 लाख मतदाताओं के नाम यानी 30.94 प्रतिशत हटाए गए हैं। इनमें 5.35 लाख स्थायी रूप से कहीं और चले गए, 4.27 लाख लापता पाए गए और 1.28 लाख मृत पाए गए।   ललितपुर में सबसे कम कटौती वहीं, बुंदेलखंड के ललितपुर जिले में सबसे कम नाम हटाए गए हैं। यहां 95,000 वोटरों के नाम यानी कुल वोटरों का 9.95 प्रतिशत हटाया गया।   अन्...
तमिलनाडु में NDA विस्तार की योजना: BJP चला रही जोरदार चुनावी कैंपेन, DMK विरोधी वोटर्स पर है फोकस
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तमिलनाडु में NDA विस्तार की योजना: BJP चला रही जोरदार चुनावी कैंपेन, DMK विरोधी वोटर्स पर है फोकस

  तमिलनाडु में इस साल विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी एनडीए के विस्तार के लिए जोरदार चुनावी कैंपेन चला रही है। पार्टी का उद्देश्य डीएमके विरोधी वोटर्स के लिए एनडीए को स्वाभाविक विकल्प के रूप में पेश करना है।   पलानीस्वामी ने अमित शाह से की मुलाकात एआईएडीएमके नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसमें एनडीए के विस्तार, गठबंधन की रणनीति और चुनावी एजेंडा पर चर्चा हुई। इससे पहले, चेन्नई में अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली पीएमके गुट को एनडीए में शामिल कर स्वागत किया गया। पीएमके का यह एलायंस राज्य की राजनीति में रणनीतिक महत्व रखता है।   एआईएडीएमके के भीतर रुख स्पष्ट एनडीए के घोषित नेता पलानीस्वामी ने ओ पन्नीरसेल्वम और शशिकला को एआईएडीएमके या एनडीए में वापस शामिल करने पर साफ मना किया। वहीं, टीटीवी दिनाकरन के बारे में उन्होंने कोई ...
ईडी रेड से बंगाल की सियासत में उबाल: सड़क से सोशल मीडिया तक आमने-सामने टीएमसी–बीजेपी, किसे होगा फायदा?
Politics, State

ईडी रेड से बंगाल की सियासत में उबाल: सड़क से सोशल मीडिया तक आमने-सामने टीएमसी–बीजेपी, किसे होगा फायदा?

  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। कोलकाता में चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक (IPAC) के दफ्तर और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) आमने-सामने आ गई हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जहां इसे राजनीतिक साजिश बता रही हैं, वहीं बीजेपी ने उन पर जांच में दखल देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।   ‘जितने हमले कर लो, बंगाल फिर जीतेगा’ का नारा   चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए टीएमसी ने ‘जोतोई कोरो हमला, आबार जीतबे बांग्ला’ (जितने भी हमले कर लो, बंगाल फिर जीतेगा) का नारा दिया है। लेकिन आई-पैक पर ईडी की रेड ने इस अभियान को और आक्रामक बना दिया है। ममता बनर्जी खुद इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतर आई हैं औ...