राज्यसभा ने मंजूरी दी SHANTI बिल, परमाणु ऊर्जा सुरक्षा को कानूनी दर्जा
भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। राज्यसभा ने हाल ही में ‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’ (SHANTI) बिल को मंजूरी दे दी। इस बिल के पास होने से परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा अब केवल प्रशासनिक नियमों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे कानूनी रूप दिया गया है।
सरकार का कहना है कि यह बिल परमाणु नुकसान के लिए व्यावहारिक नागरिक दायित्व व्यवस्था बनाएगा और एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (AERB) को कानूनी दर्जा देगा। इससे परमाणु सुरक्षा का नियम लगातार लागू होगा, न कि सिर्फ एक बार की अनुमति या दुर्घटना के बाद।
पहले कहां थी दिक्कत?
पुराने कानूनों के तहत परमाणु सुरक्षा की देखरेख मुख्य रूप से सरकारी अधिकारों और प्रशासनिक नियमों पर निर्भर थी। निर्माण, संचालन, परिवहन, भंडारण या कचरा प्रबंधन जैसे हर चरण के लिए अलग से सुरक्षा मंजूरी या कानूनी बाध्...










