Saturday, August 15

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करेंसी नोट से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की तैयारी? सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास का सनसनीखेज दावा, सियासी हलचल तेज
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करेंसी नोट से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की तैयारी? सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास का सनसनीखेज दावा, सियासी हलचल तेज

  नई दिल्ली। भारतीय करेंसी नोट से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने दावा किया है कि मोदी सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है और इस मुद्दे पर एक उच्च-स्तरीय बैठक भी हो चुकी है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।   जॉन ब्रिटास ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए बयान में कहा कि आधिकारिक खंडन के बावजूद इस विषय पर पहले दौर की चर्चा हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय करेंसी से गांधी की तस्वीर हटाना देश के राष्ट्रीय प्रतीकों को नए सिरे से गढ़ने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। ब्रिटास के मुताबिक, यह अब सिर्फ अटकल नहीं रह गई है, बल्कि इसके पीछे ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।   रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि सरकार गांधी की तस्वीर के स्थान पर ऐसा वि...
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के विरोध में VHP का उग्र प्रदर्शन दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर बढ़ा तनाव, सुरक्षा कड़ी
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बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के विरोध में VHP का उग्र प्रदर्शन दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर बढ़ा तनाव, सुरक्षा कड़ी

  नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या और अल्पसंख्यक हिंदुओं पर लगातार हो रहे अत्याचारों के विरोध में मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।   प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को धक्का दिया। मौके पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई तथा हाई कमीशन के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई। कुछ वीडियो फुटेज में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की भी देखी गई।   VHP कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बा...
‘द वीक’ ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को चुना ‘मैन ऑफ द ईयर’ 2025 AXIOM-4 मिशन में ऐतिहासिक भूमिका के लिए सम्मान, भारतीय वायुसेना ने जताया गर्व
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‘द वीक’ ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को चुना ‘मैन ऑफ द ईयर’ 2025 AXIOM-4 मिशन में ऐतिहासिक भूमिका के लिए सम्मान, भारतीय वायुसेना ने जताया गर्व

  नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को प्रतिष्ठित मैगजीन ‘द वीक’ ने वर्ष 2025 के लिए ‘मैन ऑफ द ईयर’ सम्मान से नवाजा है। यह सम्मान उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष मिशन AXIOM-4 में उनकी महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक भूमिका के लिए प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि पर भारतीय वायुसेना ने उन्हें बधाई देते हुए इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया है।   भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा कि यह सम्मान न केवल ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की व्यक्तिगत उत्कृष्टता, साहस और पेशेवर क्षमता का प्रमाण है, बल्कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की बढ़ती वैश्विक पहचान को भी दर्शाता है। वायुसेना ने उनके समर्पण और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।   ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इस वर्ष जून में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक...
अरावली पर ‘100 मीटर’ विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, याचिका स्वीकार; पर्यावरणीय खतरे की चेतावनी
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अरावली पर ‘100 मीटर’ विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, याचिका स्वीकार; पर्यावरणीय खतरे की चेतावनी

    नई दिल्ली: अरावली पर्वतमाला को खनन के उद्देश्य से परिभाषित करने के लिए अपनाए गए 100 मीटर ऊंचाई के मानदंड पर उठे विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम कदम उठाया है। शीर्ष अदालत ने इस मानदंड के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार कर लिया है और केंद्र सरकार समेत संबंधित राज्यों से जवाब मांगा है।   यह याचिका हरियाणा के पूर्व वन संरक्षक आर.पी. बलवान ने दायर की है। इससे पहले 20 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की समिति की सिफारिश को स्वीकार करते हुए खनन के मामलों में अरावली पहाड़ियों के लिए 100 मीटर ऊंचाई को एक समान परिभाषा के रूप में अपनाया था।   क्या है 100 मीटर का विवाद   MoEFCC की समिति ने सुझाव दिया था कि स्थानीय भू-स्तर से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंची पहाड़ियों को ही अरावली माना जाए। समिति का तर्क था कि इससे खनन को लेकर ए...
IAF के ‘उड़ने वाले टैंक’ होंगे इतिहास, स्वदेशी ‘प्रचंड’ बनेगा दुश्मनों के लिए काल
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IAF के ‘उड़ने वाले टैंक’ होंगे इतिहास, स्वदेशी ‘प्रचंड’ बनेगा दुश्मनों के लिए काल

    नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना (IAF) अपने हेलीकॉप्टर बेड़े में ऐतिहासिक बदलाव की ओर बढ़ रही है। चार दशक तक आसमान में दुश्मनों पर कहर बरपाने वाले सोवियत-निर्मित Mi-35 अटैक हेलीकॉप्टर अब धीरे-धीरे सेवा से हटाए जाएंगे। इनकी जगह अब भारत में विकसित अत्याधुनिक लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ लेगा, जो खास तौर पर ऊंचे और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में युद्ध के लिए तैयार किया गया है।   ‘उड़ने वाले टैंक’ का युग समाप्त   रक्षा सूत्रों के मुताबिक, Mi-35 हेलीकॉप्टरों को 2030–31 तक पूरी तरह रिटायर कर दिया जाएगा। Mi-25 और Mi-35 अपनी भारी बख्तरबंद संरचना और सैनिकों को ले जाने की क्षमता के कारण ‘फ्लाइंग टैंक’ कहे जाते थे। इन्हें 1980 और 1990 के दशक में वायुसेना में शामिल किया गया था। कुछ हेलीकॉप्टर पहले ही सेवानिवृत्त किए जा चुके हैं, जबकि कुछ मित्र देशों को सौंपे गए हैं।   हाल...
1946 में असम को पूर्वी पाकिस्तान में मिलाने की साजिश, पीएम मोदी के बयान से फिर छिड़ी पुरानी बहस
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1946 में असम को पूर्वी पाकिस्तान में मिलाने की साजिश, पीएम मोदी के बयान से फिर छिड़ी पुरानी बहस

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा असम के इतिहास को लेकर दिए गए हालिया बयान के बाद आज़ादी से ठीक पहले रची गई एक पुरानी ब्रिटिश साजिश फिर चर्चा में आ गई है। पीएम मोदी ने दावा किया है कि वर्ष 1946 में अंग्रेज़ों और मुस्लिम लीग की एक योजना थी, जिसके तहत असम को अविभाजित बंगाल या पूर्वी पाकिस्तान (जो बाद में बांग्लादेश बना) में शामिल किया जाना था। इस बयान के साथ ही कांग्रेस की भूमिका पर भी सियासी बहस तेज हो गई है।   क्या था 1946 का कैबिनेट मिशन प्लान   द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटिश सरकार ने 24 मार्च, 1946 को भारत में कैबिनेट मिशन भेजा। इसमें तीन ब्रिटिश मंत्री शामिल थे। आधिकारिक तौर पर यह मिशन भारत को स्वशासन की दिशा में ले जाने के लिए आया था, लेकिन इसके प्रस्तावों ने आगे चलकर देश विभाजन की नींव रखी।   कैबिनेट मिशन प्लान के तहत भारत को तीन स्तर...
अरावली पर ‘100 मीटर’ की परिभाषा से खतरा, विशेषज्ञों ने चेताया—तबाही का रास्ता खुल सकता है
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अरावली पर ‘100 मीटर’ की परिभाषा से खतरा, विशेषज्ञों ने चेताया—तबाही का रास्ता खुल सकता है

    नई दिल्ली: भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमाला अरावली एक बार फिर गंभीर विवाद के केंद्र में है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा को मंजूरी दिए जाने के बाद पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल ऊंचाई के आधार पर अरावली को परिभाषित करना पारिस्थितिकी के लिए घातक साबित हो सकता है।   सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की सिफारिशों के आधार पर यह स्पष्ट किया है कि स्थानीय भू-भाग से कम से कम 100 मीटर ऊंचे भू-भाग को ही ‘अरावली पहाड़ी’ माना जाएगा। साथ ही, यदि दो या अधिक ऐसी पहाड़ियां 500 मीटर के दायरे में स्थित हैं, तो उनके बीच की भूमि को भी अरावली का हिस्सा माना जाएगा।   विशेषज्ञों की चिंता: छोटी पहाड़ियां भी हैं ढाल   पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस परिभाषा से 100 मीटर से कम ऊंची हजारों पहाड़ियां संरक्षण क...
भारत और न्यूजीलैंड ने किया ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता, 1.4 अरब उपभोक्ताओं तक पहुंच आसान
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भारत और न्यूजीलैंड ने किया ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता, 1.4 अरब उपभोक्ताओं तक पहुंच आसान

    नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड ने हाल ही में एक नया मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किया है, जिसके तहत न्यूजीलैंड की 95 प्रतिशत वस्तुओं पर टैरिफ में कटौती की गई है। इस समझौते से न्यूजीलैंड के उत्पादों को भारत के 1.4 अरब उपभोक्ताओं तक पहुंचने का बड़ा अवसर मिलेगा।   समझौते के अनुसार, 57 प्रतिशत वस्तुओं पर पहले ही दिन से कोई टैक्स नहीं लगेगा और जैसे-जैसे समझौता लागू होगा, यह बढ़कर 82 प्रतिशत तक पहुँच जाएगा। शेष 13 प्रतिशत वस्तुओं पर भी टैरिफ में भारी कमी होगी।   पिछले 5 वर्षों में भारत की 7 बड़ी डील भारत ने पिछले पांच वर्षों में मॉरीशस (2021), UAE और ऑस्ट्रेलिया (2022), EFTA TEPA ग्रुप (2024), UK, ओमान और अब न्यूजीलैंड (2025) के साथ व्यापार समझौते किए हैं। इसके अलावा, भारत ने श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ASEAN और चार यूरोपीय...
नेवी का स्टिच्ड शिप ‘आईएनएसवी कौंडिन्य’ अपनी पहली समुद्री यात्रा पर  पोरबंदर से मस्कट, फिर बाली का ऐतिहासिक प्लान
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नेवी का स्टिच्ड शिप ‘आईएनएसवी कौंडिन्य’ अपनी पहली समुद्री यात्रा पर पोरबंदर से मस्कट, फिर बाली का ऐतिहासिक प्लान

  नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का अनोखा स्टिच्ड शिप, आईएनएसवी कौंडिन्य, अपनी पहली समुद्री यात्रा के लिए तैयार है। 29 दिसंबर को गुजरात के पोरबंदर से यह जहाज मस्कट के लिए रवाना होगा। इसके बाद द्वितीय यात्रा में बाली जाने का भी प्लान है। इस ऐतिहासिक यात्रा का शुभारंभ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।   पारंपरिक तकनीक और आधुनिक कौशल का संगम   आईएनएसवी कौंडिन्य भारत की मेरीटाइम हेरिटेज का जीवंत उदाहरण है। इसकी विशेषता यह है कि इसे पारंपरिक तकनीक से बनाया गया है। लकड़ी के तख्तों को कीलों की बजाय नारियल की रस्सी और प्राकृतिक गोंद से जोड़ा गया है, जैसी तकनीक प्राचीन भारतीय नाविकों द्वारा हिंद महासागर में लंबी समुद्री यात्राओं के लिए इस्तेमाल की जाती थी।   नेवी प्रवक्ता कैप्टन विवेक मधवाल ने कहा, “कौंडिन्य जहाज भारत की प्राचीन जहाज निर्माण और समुद्री यात्रा की परंपराओं को फिर ...
चीन के सीने पर 32 किमी लंबा खंजर! उत्तराखंड में BRO बनाएगी रणनीतिक सड़क
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चीन के सीने पर 32 किमी लंबा खंजर! उत्तराखंड में BRO बनाएगी रणनीतिक सड़क

  नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए भारत सरकार उत्तराखंड में 32 किलोमीटर लंबी नई सीमा सड़क बनाने जा रही है। यह सड़क नीला पानी से मूलिंग ला पास तक जाएगी और सीधे भारत-तिब्बत सीमा तक पहुंचेगी। इस परियोजना पर सीमा सड़क संगठन (BRO) काम कर रहा है और इसका अनुमानित खर्च 104 करोड़ रुपये है।   1600 फीट की ऊंचाई पर चीन को झटका मूलिंग ला एक दुर्गम पहाड़ी दर्रा है, जो लगभग 16,134 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ता है और सीमाओं पर भारतीय जवानों की गश्त के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वर्तमान में इस रास्ते पर गश्त करने में सैनिकों को कम से कम पांच दिन लगते हैं, जबकि नई सड़क बनने के बाद यह सफर केवल कुछ घंटों में पूरा हो सकेगा।   रणनीतिक फायदे   तत्काल रसद और सैनिक तैनाती: सड़क बनने से हथियार और सेना की टुकड़ियां तुरंत सीमा पर पह...