Wednesday, July 22

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डिग्री नहीं, अब स्किल की दौड़: 1990 की तरह भारत एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर
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डिग्री नहीं, अब स्किल की दौड़: 1990 की तरह भारत एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर

नई दिल्ली। आज की दुनिया में कंपनियों को डिग्री से ज्यादा स्किल की जरूरत है। डिजिटल क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में काम करने के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। मशीनें रोजमर्रा के कई काम कर रही हैं, और इंसानों से उम्मीद है कि वे रचनात्मक सोचें, तेजी से सीखें और नई परिस्थितियों में खुद को ढाल सकें। 90 के दशक की सीख:1990 के दशक में कंप्यूटर क्रांति ने भारत के शिक्षा और रोजगार पर गहरा असर डाला। उस समय कॉलेजों में कंप्यूटर शिक्षा लगभग अनुपस्थित थी। तब NIIT और Aptech जैसे निजी संस्थानों ने युवाओं को कंप्यूटर और प्रोग्रामिंग की बुनियादी स्किल सिखाकर लाखों को रोजगार के अवसर दिए। उस दौर ने यह साबित किया कि कभी-कभी हुनर डिग्री से बड़ा साबित होता है। स्किल ही सब कुछ नहीं:हालांकि स्किल जरूरी है, लेकिन केवल यह ही पर्याप्त नहीं है। जिन लोगों के पास मजबूत शैक्षणिक नींव थी – यानी सोचन...
मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी: SHANTI बिल से प्राइवेट सेक्टर के लिए खुला परमाणु ऊर्जा क्षेत्र
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मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी: SHANTI बिल से प्राइवेट सेक्टर के लिए खुला परमाणु ऊर्जा क्षेत्र

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ऊर्जा रणनीति में एक बड़ा कदम उठाते हुए SHANTI बिल को मंजूरी दे दी है। इस बिल का पूरा नाम है “Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India”। अब इसके लागू होने से प्राइवेट कंपनियां भी देश में परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश और संचालन कर सकेंगी। यह भारत के 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में अहम कदम है। SHANTI बिल के प्रमुख बिंदु सिविल लायबिलिटी कानून में बदलाव: बिल में बदलाव के बाद परमाणु ऊर्जा संयंत्र संचालकों को सुरक्षा और कानूनी राहत मिलेगी। उपकरण बनाने वाले सप्लायर्स की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी। इंश्योरेंस कवरेज बढ़ी: अब प्रत्येक घटना पर ऑपरेटर इंश्योरेंस को 1,500 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया गया है, जो इंडियन न्यूक्लियर इंश्योरेंस पूल के तहत कवर होगा। 49% तक विदेशी निवेश: बिल म...
हवाई किराए पूरे साल नियंत्रित करना संभव नहीं, मांग–आपूर्ति तय करती है दाम: सिविल एविएशन मंत्री
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हवाई किराए पूरे साल नियंत्रित करना संभव नहीं, मांग–आपूर्ति तय करती है दाम: सिविल एविएशन मंत्री

नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइंस से जुड़े संकट और बढ़ते हवाई किरायों के बीच नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने लोकसभा में सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि हवाई किरायों को पूरे वर्ष नियंत्रित करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अंतिम किराया मांग और आपूर्ति के सिद्धांत से तय होता है और विशेषकर त्योहारों के मौसम में हवाई किरायों में बढ़ोतरी स्वाभाविक है। मंत्री ने सदन को बताया कि सरकार यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए नियामक व्यवस्था बनाए रखती है, लेकिन बाजार की वास्तविकताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर किरायों पर सालभर नियंत्रण नहीं लगाया जा सकता। डीजीसीए की सख्ती, चार अधिकारी हटाए गएइंडिगो संकट को गंभीरता से लेते हुए विमानन नियामक डीजीसीए ने कड़ा कदम उठाया है। इंडिगो की निगरानी से जुड़े डीजीसीए विंग में लापरवाही पाए जाने पर डिप्टी चीफ फ्लाइट ऑपरेशंस...
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड, दिल्ली-एनसीआर में धुंध; यूपी, पंजाब-हरियाणा में शीतलहर का अलर्ट
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उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड, दिल्ली-एनसीआर में धुंध; यूपी, पंजाब-हरियाणा में शीतलहर का अलर्ट

नई दिल्ली। उत्तर भारत में सर्दी ने अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार को दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप रहने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। दिल्ली-एनसीआर में धुंध और ठंडराजधानी दिल्ली में शनिवार सुबह धुंध छाए रहने की संभावना है। दिन में आंशिक बादल रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली का अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह और देर रात ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जाएगा। यूपी में घना कोहरा, यात्रा में परेशानी की आशंकाउत्तर प्रदेश में 13 से 15 दिसंबर तक पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में घना कोहरा छाए रहन...
‘भारत के लिए जीने का समय है, मरने का नहीं’ — देश को तोड़ने वाली भाषा पर मोहन भागवत की कड़ी चेतावनी
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‘भारत के लिए जीने का समय है, मरने का नहीं’ — देश को तोड़ने वाली भाषा पर मोहन भागवत की कड़ी चेतावनी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने देश में बढ़ती विभाजनकारी सोच पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि भारत के लिए अब जीने का समय है, न कि मरने का। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में ऐसी भाषा का कोई स्थान नहीं है जो भारत को तोड़ने की बात करे, जैसे— ‘तेरे टुकड़े होंगे’। यह विचार मोहन भागवत ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर के गीत ‘सागर प्राण तलमाला’ की 115वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। राष्ट्र सर्वोपरि, विभाजनकारी सोच अस्वीकार्यभागवत ने सावरकर की देशभक्ति को स्मरण करते हुए कहा कि भारत में केवल अपने राष्ट्र की भक्ति होनी चाहिए। जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर समाज को बांटने वाली सोच को उन्होंने राष्ट्र निर्माण के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बताय...
अनुकंपा नियुक्ति कोई अधिकार नहीं, केवल मानवीय सहारे का माध्यम: सुप्रीम कोर्ट
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अनुकंपा नियुक्ति कोई अधिकार नहीं, केवल मानवीय सहारे का माध्यम: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने अनुकंपा के आधार पर दी जाने वाली नियुक्तियों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह मृतक कर्मचारी के परिवार को तत्काल राहत देने की एक मानवीय व्यवस्था है, न कि उच्च पद या पदोन्नति का अधिकार। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि केवल पात्रता के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति के जरिए ऊंचे पद का दावा नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने अपने अहम फैसले में कहा कि अनुकंपा पर की गई नियुक्तियां असाधारण परिस्थितियों में सामान्य भर्ती नियमों के अपवाद के रूप में दी जाती हैं। इनका उद्देश्य मृतक कर्मचारी के परिवार को आर्थिक सहारा देना होता है, न कि इसे वरिष्ठता या पदोन्नति हासिल करने की सीढ़ी बनाना। उच्च पद की मांग स्वीकार्य नहींपीठ ने स्पष्ट किया कि मृतक कर्मचारी का आश्रित, भले ही वह उच्च पद के लिए शैक्षणिक या तकनीकी रूप से पात...
न्यूजीलैंड के वाणिज्य मंत्री भारत दौरे पर, भारत–न्यूजीलैंड एफटीए वार्ता को गति देने पर पीयूष गोयल से अहम चर्चा
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न्यूजीलैंड के वाणिज्य मंत्री भारत दौरे पर, भारत–न्यूजीलैंड एफटीए वार्ता को गति देने पर पीयूष गोयल से अहम चर्चा

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को शीघ्र अंतिम रूप देने के उद्देश्य से दोनों देशों के बीच शुक्रवार को उच्चस्तरीय बातचीत हुई। न्यूजीलैंड के वाणिज्य मंत्री टॉड मैकक्ले ने भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की और वार्ता को तेज करने के व्यावहारिक उपायों पर विचार-विमर्श किया। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि भारत–न्यूजीलैंड एफटीए के प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई है। दोनों पक्षों ने आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और लाभकारी समझौते की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई। गौरतलब है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच एफटीए पर आधिकारिक वार्ता की शुरुआत 16 मार्च 2025 को हुई थी। अब तक इसके चार चरण पूरे हो चुके हैं, जिनमें व्यापार, निव...
अमेरिका अगर खुश है तो तुरंत करें हस्ताक्षर: पीयूष गोयल ने फ्री ट्रेड डील पर बयान
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अमेरिका अगर खुश है तो तुरंत करें हस्ताक्षर: पीयूष गोयल ने फ्री ट्रेड डील पर बयान

मुंबई, 12 दिसंबर 2025: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका से भारत के प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका हमारे ऑफर से खुश है, तो उसे बिना किसी देरी के समझौते पर हस्ताक्षर कर देना चाहिए।” गोयल ने बताया कि भारत की तरफ से व्यापार समझौते के लिए पेशकश का अमेरिकी प्रशासन ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के उप व्यापार प्रतिनिधि रिक स्विट्जर की भारत यात्रा नए वार्ता दौर का हिस्सा नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों के बीच बेहतर समझ बनाने का प्रयास है। गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते पर कोई समय-सीमा तय करना सही नहीं होगा, क्योंकि कोई भी व्यापार डील तभी सफल होती है जब दोनों पक्षों को लाभ हो। उन्होंने कहा, “समय-सीमा बनाकर वार्ता करने से गलतियां होती हैं।” इस दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर ने कहा कि भारत ने मक्क...
मुस्कुराइए, अब आप भारत के नागरिक हैं: पाकिस्तान से आए 195 लोगों को मिली नागरिकता
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मुस्कुराइए, अब आप भारत के नागरिक हैं: पाकिस्तान से आए 195 लोगों को मिली नागरिकता

नई दिल्ली, 12 दिसंबर 2025: पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर भारत आए 195 लोगों को लंबे इंतजार के बाद भारत की नागरिकता मिल गई। यह वे लोग हैं, जिन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होने के कारण परेशानियों और खतरे का सामना किया और शरण लेकर भारत का रास्ता चुना। इसमें से 122 लोगों को नागरिकता CAA (सिटिजनशिप (अमेंडमेंट) एक्ट) के तहत दी गई, जबकि बाकी 73 लोगों को अन्य नियमों के तहत सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। नागरिकता पाने वालों में हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के लोग शामिल हैं। गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी ने नागरिकता वितरण कार्यक्रम में कहा, “पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों को गंभीर चुनौतियों और सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ता है। नागरिकता नियमों में बदलाव का मकसद भारत में शरण लेने वाले लोगों को बराबर पहचान दिलाना है। मुस्कुराइए, आप अब भारत के नागरिक हैं।” भावुक पल नागरिकता प्राप्त करने...
मोसाद जैसे ऑपरेशन में माओवादी पकड़े गए, ट्रैकर्स और ड्रोन टेस्ट से खुली रणनीति
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मोसाद जैसे ऑपरेशन में माओवादी पकड़े गए, ट्रैकर्स और ड्रोन टेस्ट से खुली रणनीति

नई दिल्ली, 12 दिसंबर 2025: माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद जैसा ऑपरेशन चलाकर बड़ा कामयाब एक्शन लिया। नक्सलियों के इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन उपकरणों में गुप्त रूप से ट्रैकर लगाए गए, जिससे उनके छुपे हुए ऑपरेशन्स और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का खुलासा हुआ। हाल ही में सरेंडर करने वाले माओवादी नेताओं तक्लपल्ली वासुदेवा राव (अशन्ना) और मल्लोजुला वेणुगोपाल (सोनू) से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई। सुरक्षा एजेंसियों ने वॉकी-टॉकी, लैपटॉप, मोबाइल, रेडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में छिपे ट्रैकर्स का पता लगाया। इसके कारण संगठन के कई गुप्त मिशन और वरिष्ठ नेता की गतिविधियों का पता चल पाया। ड्रोन और जासूसी की कोशिशें पूछताछ में पता चला कि माओवादी ड्रोन का इस्तेमाल सुरक्षा बलों पर हमले और जासूसी के लिए करना चाहते थे, लेकिन बड़े पैमाने पर ड्रोन ऑपरेशन के लिए जरूरी ...