Tuesday, August 11

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काली, दुर्गा और भोले बाबा का वेश बनाकर करते थे जेबकतरी, कोलकाता पुलिस ने बहुरूपियों के गैंग का किया पर्दाफाश

कोलकाता। देवी-देवताओं का वेश धारण कर लोगों की आस्था और सहानुभूति का फायदा उठाकर जेबकतरी करने वाले एक गिरोह का कोलकाता पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह कोलकाता की सड़कों पर कभी माता काली, कभी मां दुर्गा तो कभी भगवान शिव (भोले बाबा) के रूप में बहुरूपिया बनकर घूमता था और श्रद्धालुओं व राहगीरों की भीड़ में मौका पाकर मोबाइल और कीमती सामान चुरा लेता था।

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पुलिस ने इस मामले में गुजरात के रहने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से शहर में सक्रिय था और इसकी गतिविधियां केवल कोलकाता तक सीमित नहीं हो सकतीं।

जोरासांको में दर्ज केस के बाद हुआ खुलासा

पुलिस के अनुसार जोरासांको थाना क्षेत्र में एक शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि कुछ संदिग्ध बहुरूपिये धार्मिक वेशभूषा पहनकर सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को रोकते, पैसे मांगते और बातचीत के दौरान जेब काट लेते थे।

गुजरात के आनंद जिले के रहने वाले हैं आरोपी

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—

  • एलिन रामजू सलात

  • धीरू कालोभाई सलात

  • समीरभाई सलात

  • राजू कुमार

के रूप में हुई है। चारों आरोपी गुजरात के आनंद जिले के निवासी हैं और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आदतन अपराधी बताए जा रहे हैं।

मोबाइल छीनने में थे माहिर

पुलिस का कहना है कि आरोपी मुख्य रूप से भीड़-भाड़ वाले इलाकों में घूमते थे और लोगों की भावनाओं का लाभ उठाकर उनके मोबाइल फोन और अन्य सामान पर हाथ साफ कर देते थे। बहुरूपिया बनकर पैसे मांगना आम बात होने के कारण लोग उन्हें शक की नजर से नहीं देखते थे, जिससे अपराधियों को आसानी से मौका मिल जाता था।

खत्म होती लोककला का उठाया गलत फायदा

पुलिस ने बताया कि बहुरूपी एक पारंपरिक लोककला है, जो कभी गांवों और कस्बों में ‘जात्रा’ जैसे लोक नाट्यों का अहम हिस्सा हुआ करती थी। इसमें कलाकार धार्मिक त्योहारों के समय देवी-देवताओं के रूप में सजकर पौराणिक दृश्य प्रस्तुत करते हैं। हालांकि, इस गिरोह ने इसी परंपरा और लोगों की श्रद्धा का दुरुपयोग कर अपराध को अंजाम दिया।

पार्क स्ट्रीट से पकड़े गए युवक ने दिए अहम सुराग

पुलिस ने बताया कि हाल ही में पार्क स्ट्रीट इलाके से मोहम्मद सहानवाज नामक एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद इस गिरोह के बारे में कई अहम सुराग मिले। पूछताछ में सामने आया कि यह रैकेट कोलकाता से बाहर भी फैला हो सकता है।

जांच जारी, नेटवर्क के विस्तार की आशंका

कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह गिरोह शहर में बहुरूपियों के प्रति लोगों के ‘सॉफ्ट कॉर्नर’ का फायदा उठाकर अपराध कर रहा था। फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं तथा किन शहरों में इस तरह की घटनाएं हुई हैं।

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