Sunday, August 30

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संजय तो तेजस्वी के ‘आंख-कान’, RJD में 30 साल से हरियाणवी प्रभाव कायम—लालू यादव के दो खासों की कहानी
Politics, State

संजय तो तेजस्वी के ‘आंख-कान’, RJD में 30 साल से हरियाणवी प्रभाव कायम—लालू यादव के दो खासों की कहानी

पटना/चंडीगढ़।लालू यादव परिवार में विरासत की जंग के बीच एक नाम सबसे अधिक चर्चा में है—संजय यादव, तेजस्वी यादव के सबसे भरोसेमंद सलाहकार। तेजस्वी के हरियाणवी मित्र संजय यादव पर पार्टी में फूट का आरोप लगाया जा रहा है। रोहिणी आचार्य के ट्वीट के बाद विपक्ष से लेकर सत्तारूढ़ दलों तक कई नेताओं ने उन्हें निशाने पर लिया है। संजय 2024 में बिहार से राज्यसभा पहुंचे और आरजेडी में आज सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं। दिलचस्प यह है कि संजय यादव आरजेडी में अकेले हरियाणवी नहीं हैं। उनसे पहले प्रेमचंद गुप्ता, जो हरियाणा के भिवानी से आते हैं, तीन दशकों तक लालू यादव के सबसे विश्वसनीय सहयोगी रहे हैं और लगातार राज्यसभा भेजे जाते रहे। तेजप्रताप ने कहा ‘जयचंद’, रोहिणी ने ठहराया जिम्मेदार बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद RJD परिवार के अंदर संघर्ष खुलकर सामने आ गया है।परिवार के कई सदस्य तेज...
झारखंड: आजादी के 78 साल बाद मिली पक्की सड़क की सौगात, ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से दान की जमीन
Jharkhand, State

झारखंड: आजादी के 78 साल बाद मिली पक्की सड़क की सौगात, ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से दान की जमीन

जामताड़ा।झारखंड के जामताड़ा जिले के पहरूडीह गांव में आजादी के 78 वर्ष बाद आखिरकार पक्की सड़क का सपना पूरा होने जा रहा है। सालों से विकास की मुख्य धारा से कटे इस आदिवासी बहुल गांव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अंततः ग्रामीणों ने एकजुट होकर सड़क निर्माण के लिए अपनी निजी जमीन सरकार को दान में दे दी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क बनाने को मंजूरी मिली। 60 आदिवासी परिवारों का वर्षों पुराना संघर्ष पहरूडीह गांव में लगभग 450 की आबादी वाले 60 आदिवासी परिवार रहते हैं। गांव में सड़क नहीं होने के कारण चारपहिया वाहन कभी प्रवेश नहीं कर पाता था।बीमार होने पर मरीजों को खटिया या हाथगाड़ी पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाया जाता था। बरसात में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती थी। ग्रामीणों की झुंझलाहट और वर्षों की मांग आखिरकार तब रंग लाई जब ...
केदारनाथ मंदिर प्रसाद बनाने की तकनीक में बड़ा बदलाव: IIT कानपुर बना रहा लड्डू तैयार करने की मशीन, महिलाओं की मेहनत होगी आधी
State, Uttar Pradesh

केदारनाथ मंदिर प्रसाद बनाने की तकनीक में बड़ा बदलाव: IIT कानपुर बना रहा लड्डू तैयार करने की मशीन, महिलाओं की मेहनत होगी आधी

कानपुर/देहरादून।केदारनाथ धाम में चढ़ाए जाने वाले चौलाई और गुड़ के प्रसाद को तैयार करने की प्रक्रिया अब आधुनिक तकनीक से और आसान बनने जा रही है। IIT कानपुर के रिसर्च स्कॉलर एक ऐसी मशीन तैयार कर रहे हैं, जिससे लड्डू बनाने में लगने वाली भारी मेहनत और समय दोनों में बड़ी कमी आएगी। सांचे में चिपकने की समस्या दूर करने पर शोध डिज़ाइन विभाग प्रमुख प्रो. सत्यकी रॉय ने बताया कि फिलहाल मशीन के सांचों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। गुड़ के चिपचिपे स्वभाव के कारण सामग्री सांचे में चिपक जाती है।इसे देखते हुए लकड़ी, स्टील और अन्य धातुओं के मोल्ड पर लगातार प्रयोग चल रहे हैं, ताकि सबसे उपयुक्त विकल्प चुना जा सके। महिलाओं की तकलीफ़ देख शुरू हुआ विचार प्रो. रॉय ने बताया कि दो वर्ष पहले वे एक पीएचडी छात्र के साथ रुद्रप्रयाग के दौरे पर पहुंचे थे। वहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं केदारनाथ मंदिर के लिए ...
नोएडा: मोहाली डबल मर्डर केस का आरोपी गिरफ्तार, कैब ड्राइवर–गार्ड–मैनेजर बनकर तीन साल तक बदलता रहा पहचान
State, Uttar Pradesh

नोएडा: मोहाली डबल मर्डर केस का आरोपी गिरफ्तार, कैब ड्राइवर–गार्ड–मैनेजर बनकर तीन साल तक बदलता रहा पहचान

नोएडा/मोहाली।पत्रकार केजे सिंह और उनकी 90 वर्षीय मां गुरचरण कौर की हत्या के मामले में तीन साल से फरार मुख्य आरोपी गौरव कुमार को पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपनी पहचान बदलता रहा—कभी कैब ड्राइवर, कभी सुरक्षा गार्ड और बाद में सिक्योरिटी मैनेजर बनकर वह शहर में बेरोक-टोक घूमता रहा। इस मामले ने पुलिस सत्यापन प्रणाली की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। सेक्टर-36 से दबोचा गया आरोपी मोहाली पुलिस ने 6 नवंबर को गौरव को नोएडा के सेक्टर-36 से पकड़ा। वह एक बिना पंजीकृत सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से डेढ़ साल से गार्ड और प्रबंधक के पद पर काम कर रहा था। शुरुआत में वह सुरक्षा गार्ड था, लेकिन धीरे-धीरे उसने आरडब्ल्यूए का भरोसा जीत लिया।मार्च 2024 में एजेंसी द्वारा हटाए जाने के बाद भी वह अलग पहचान से सिक्योरिटी मैनेजर बन गया। आरडब्ल्यूए ने उसके सत्यापन की पुष्ट...
“घर पर दिखीं तो जान से मार देंगे…” गाजियाबाद में 22 साल पुराने मकान पर दबंगों का कब्जा, आधी रात की वारदात ने कंपा दी रूह
State, Uttar Pradesh

“घर पर दिखीं तो जान से मार देंगे…” गाजियाबाद में 22 साल पुराने मकान पर दबंगों का कब्जा, आधी रात की वारदात ने कंपा दी रूह

गाजियाबाद (टोनिका सिटी)।टोनिका सिटी में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दबंगों ने 22 साल पुराने मकान पर जोर-जबरदस्ती से कब्जा कर लिया। फिल्म ‘खोसला का घोंसला’ की तरह यहाँ भी आधी रात एक परिवार को उनके ही घर से बाहर फेंक दिया गया। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुकी है। तड़के 4 बजे घर में घुसे 25–30 दबंग पीड़ित अशफाक अली ने पुलिस को बताया कि 16 नवंबर को करीब सुबह 4 बजे 25–30 हथियारबंद लोग उनके घर में जबरन घुस आए।घर में मौजूद महिलाओं को चारों तरफ से घेरकर बेरहमी से पीटा गया। महिलाओं की मदद करने पहुंचे माजिद का हाथ मोड़ दिया गया और दोनों को लात-घूँसों से गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। महिलाओं का अपहरण कर दूर छोड़ आए अशफाक के मुताबिक, हमलावर दोनों महिलाओं को जबरन अपनी गाड़ी में डालकर दूर डीएलएफ इलाके में छोड़ आए, ताकि घर खाली रहे और कब्जा आसान हो जाए।इसके बाद दबंग ...
क्या बिहार की तरह पश्चिम बंगाल में भी महिलाओं के खातों में आएंगे 10–20 हजार रुपये?
Opinion, State

क्या बिहार की तरह पश्चिम बंगाल में भी महिलाओं के खातों में आएंगे 10–20 हजार रुपये?

क्या केंद्र सरकार बंगाल की महिला वोटरों को लुभाने के लिए ला सकती है ‘स्पेशल योजना’? बिहार चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत ने पूरे देश के राजनीतिक समीकरण बदल दिए। बिहार में महिला मतदाताओं ने रिकॉर्ड संख्या में एनडीए के पक्ष में मतदान किया, जिसे ‘लेडी फैक्टर’ की बड़ी जीत कहा गया।राज्य सरकार द्वारा लड़की बचाओ–लड़की पढ़ाओ, कन्या सुमंगला, लाडली योजना जैसी स्कीमों के साथ—महिलाओं के खातों में सीधे 10–10 हजार रुपये की आर्थिक मदद ने चुनावी हवा को स्पष्ट रूप से प्रभावित किया। अब सवाल है—क्या बिहार मॉडल पश्चिम बंगाल में भी दोहराया जा सकता है?क्या केंद्र सरकार बंगाल की महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़ी आर्थिक सहायता / डायरेक्ट बेनिफिट योजना ला सकती है? बंगाल की जमीन—बड़ी चुनौती और बड़ा अवसर पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले कई वर्षों में कन्याश्री, लक्ष्मी भंडार, रूपश्री...
PM मोदी की भविष्यवाणी, बिहार–मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र की घटनाएं और राजनीतिक संकेत
Bihar, Opinion, Politics, State

PM मोदी की भविष्यवाणी, बिहार–मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र की घटनाएं और राजनीतिक संकेत

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली ऐतिहासिक हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विजय-संबोधन में एक बड़ी राजनीतिक भविष्यवाणी की—**“बहुत जल्द राष्ट्रीय कांग्रेस दो धड़ों में बँटने वाली है।”उनका यह बयान केवल किसी राजनीतिक कटाक्ष की तरह नहीं था, बल्कि पिछले कुछ वर्षों की घटनाओं और चुनावी परिदृश्यों को देखें तो यह वक्तव्य एक गहरी रणनीति और संकेतों से भरा हुआ दिखाई देता है। **मध्यप्रदेश से शुरुआत, महाराष्ट्र तक विस्तार—क्या कांग्रेस टूट के दौर में है? देश ने देखा कि कैसे मध्यप्रदेश में कांग्रेस को भीतर से तोड़कर भाजपा ने दोबारा सत्ता हासिल की।इसके तुरंत बाद महाराष्ट्र में भी उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी को दो बड़े हिस्सों में बाँटकर सत्ता का नया समीकरण तैयार किया गया।दोनों राज्यों के उदाहरण यह सिद्ध करते हैं कि भाजपा विपक्षी दलों के अंदर छिपे असंतोष को राजनीतिक अवसर में...
“बिहार जीत गया… अब बंगाल की बारी”— बीजेपी समर्थकों के इस संदेश का असल मतलब क्या है?
Bihar, Opinion, Politics, State

“बिहार जीत गया… अब बंगाल की बारी”— बीजेपी समर्थकों के इस संदेश का असल मतलब क्या है?

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर एक नारा तेज़ी से ट्रेंड करने लगा —“बिहार जीत लिया… अब बंगाल!”इस वाक्य ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ाई, बल्कि यह एक संकेत भी है कि बीजेपी समर्थक अब अगले बड़े राजनीतिक युद्धक्षेत्र पर नज़रें जमा चुके हैं— पश्चिम बंगाल**। लेकिन यह नारा सिर्फ उत्साह का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गहरे राजनीतिक अर्थ और रणनीतियाँ छिपी हैं। आइए समझते हैं कि आखिर “बिहार जीतकर अब बंगाल की तरफ बढ़ने” का क्या मतलब है। **1. राजनीतिक ऊर्जा और मनोवैज्ञानिक बढ़त का संकेत चुनावों में जीत केवल सीटों का खेल नहीं होती, यह मनोवैज्ञानिक बढ़त भी देती है।बिहार में सफलता ने बीजेपी समर्थकों को यह आत्मविश्वास दिया है कि पार्टी कठिन चुनावों में भी जीत का रास्ता बना सकती है।इसलिए “अब बंगाल” कहना चुनावी ऊर्जा को अगले राज्य में ट्रांसफर करने का संकेत है। ...
कौन हैं ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी? प्रेमानंद महाराज के आश्रम में हुई दुर्लभ मुलाकात, रामायण की चौपाई से हुआ स्वागत
State, Uttar Pradesh

कौन हैं ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी? प्रेमानंद महाराज के आश्रम में हुई दुर्लभ मुलाकात, रामायण की चौपाई से हुआ स्वागत

मथुरा: आध्यात्मिक जगत की दो प्रतिष्ठित विभूतियों— जगद्गुरु महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी और संत प्रेमानंद महाराज—की विशेष भेंट वृंदावन के श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम में हुई। बीज मंत्रों के माध्यम से लाखों लोगों को रोगमुक्त करने के लिए प्रसिद्ध कुमार स्वामी इस मुलाकात के दौरान मौन-व्रत में थे, जिसके चलते उनके प्रश्न शिष्यों द्वारा पूछे गए। दोनों संतों के बीच मंत्रशक्ति, संत परंपरा और भगवत-प्राप्ति के मार्ग पर विस्तृत आध्यात्मिक संवाद हुआ। रामायण की चौपाई बोलकर किया स्वागत कुमार स्वामी के आगमन पर प्रेमानंद महाराज ने ‘जो प्रभु मोह अनुग्रह की ना…’ चौपाई का पाठ कर उनके प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ईश्वर की प्रेरणा के बिना ऐसा दिव्य मिलन संभव नहीं। इस भेंट को उन्होंने “विशेष कृपा” बताया। मंत्रों और संत-शक्ति पर विस्तृत चर्चा सत्संग के दौरान प्रेमानंद महाराज ने कहा कि...
सोनभद्र खदान हादसा: 75 टन की चट्टान के नीचे दबी 15 जिंदगियां, चार और शव बरामद; अब तक 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि
State, Uttar Pradesh

सोनभद्र खदान हादसा: 75 टन की चट्टान के नीचे दबी 15 जिंदगियां, चार और शव बरामद; अब तक 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश): ओबरा क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुंडी पत्थर खदान में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पाँच हो गई है। सोमवार सुबह राहत-बचाव दलों ने चार और मजदूरों के शव मलबे से निकाले। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार तीसरे दिन राहत कार्य में जुटी हैं, जबकि और मजदूरों के दबे होने की आशंका ने अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। 300 फीट गहराई में टूटी विशाल चट्टान, 75 टन का मलबा बना मौत का पहाड़ हादसा 15 नवंबर को हुआ, जब श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में ड्रिलिंग के दौरान अचानक 30 फीट लंबी-चौड़ी और करीब 75 टन वजनी चट्टान टूटकर 300 फीट नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर पड़ी। खदान में उस समय लगभग 15 मजदूर मौजूद थे। कई भागने में सफल रहे, लेकिन कई चट्टान के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और रातभर मलबा हटाने का काम जारी रह...