Friday, August 14

Madhya Pradesh

“अब किसी को काटना मत, बचा लाए हैं तुमको…” युवक की बातों पर फन हिलाता रहा कोबरा, भिंड का वीडियो वायरल
Madhya Pradesh, State

“अब किसी को काटना मत, बचा लाए हैं तुमको…” युवक की बातों पर फन हिलाता रहा कोबरा, भिंड का वीडियो वायरल

  भिंड (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के भिंड जिले से इंसान और प्रकृति के अनोखे रिश्ते को दर्शाता एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ठंड से बेहाल एक कोबरा सांप को बचाने की कोशिश कर रहे युवक और उसके बीच हुआ यह अनोखा ‘संवाद’ लोगों को हैरान भी कर रहा है और मुस्कुराने पर भी मजबूर कर रहा है।   ठंड से अचेत पड़ा था कोबरा   यह वीडियो भिंड जिले के लहार क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एक युवक सुबह सड़क पर निकला था, तभी उसकी नजर सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़े एक कोबरा सांप पर पड़ी। युवक को लगा कि ठंड की वजह से सांप सुन्न हो गया है और अगर उसे वहीं छोड़ दिया गया तो कोई उसे मार सकता है।   अलाव जलाकर दी गर्माहट   युवक ने पास के खेत में अलाव जलाया और सावधानी से कोबरा को वहां ले आया। आग की गर्माहट मिलते ही सांप में धीरे-धीरे हलचल शुरू ...
एमएसपी बढ़ी, सरकार को राहत—किसानों को मायूसी, सिर्फ 15 रुपये बोनस पर 2600 रुपये में होगी गेहूं खरीदी
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एमएसपी बढ़ी, सरकार को राहत—किसानों को मायूसी, सिर्फ 15 रुपये बोनस पर 2600 रुपये में होगी गेहूं खरीदी

  भोपाल। मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन को लेकर मोहन सरकार ने इस वर्ष भी 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस घोषणा से जहां राज्य सरकार को आर्थिक राहत मिली है, वहीं किसानों में इसे लेकर खास उत्साह नजर नहीं आ रहा। कारण यह है कि इस बार किसानों को बोनस के रूप में केवल 15 रुपये प्रति क्विंटल ही अतिरिक्त मिलेंगे।   दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई बढ़ोतरी ने राज्य सरकार का बोझ काफी हद तक कम कर दिया है। पिछले वर्ष गेहूं का एमएसपी 2275 रुपये था, जिस पर राज्य सरकार ने 125 रुपये बोनस जोड़कर 2400 रुपये में खरीदी की थी। बाद में दर बढ़ाकर 2600 रुपये करने से सरकार पर 175 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भार पड़ा था।   इस वर्ष केंद्र ने गेहूं का एमएसपी बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। ऐ...
इंदौर में दूषित पानी से 10 से अधिक मौतें, भोपाल में महापौर ने पूरी इंजीनियरिंग टीम सड़कों पर उतारी
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इंदौर में दूषित पानी से 10 से अधिक मौतें, भोपाल में महापौर ने पूरी इंजीनियरिंग टीम सड़कों पर उतारी

  भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जिसने पूरे मध्य प्रदेश में सनसनी फैला दी है। इस खौफनाक घटना ने राजधानी भोपाल के प्रशासन की नींद उड़ा दी है। भोपाल की महापौर मालती राय ने फौरन पूरे नगर निगम की इंजीनियरिंग टीम को सड़कों पर उतारकर पाइपलाइन की जांच का आदेश दिया है।   पुरानी पाइपलाइनें बन रही मौत का कारण? महापौर ने सब-इंजीनियर और सुपरवाइजरों को निर्देश दिया है कि वे अपने इलाकों में उतरकर पाइपलाइन का निरीक्षण करें और हर रिपोर्ट पल-पल नगर निगम को भेजें। चिंता इस बात की है कि शहर में बिछी पुरानी और जर्जर पाइपलाइनें कहीं सीवेज के गंदे नालों से मिलकर पानी में जहरीला तत्व तो नहीं मिला रही। अगर ऐसा हुआ, तो भोपाल के घरों में भी मौत का पानी पहुंचने का खतरा बढ़ जाएगा।   अवधपुरी में जांच शुरू, सैंपल लिए गए नगर निगम की टीम बुधवार को...
इंदौर भागीरथपुरा: दूषित पानी बना ‘जहर’, 13 मौतें और 250 से अधिक बीमार
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इंदौर भागीरथपुरा: दूषित पानी बना ‘जहर’, 13 मौतें और 250 से अधिक बीमार

    इंदौर: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की वजह से हालात बेकाबू हो गए हैं। इलाके में 13 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 250 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महीनों से पानी की गुणवत्ता बिगड़ रही थी, लेकिन उनकी शिकायतों को प्रशासन ने अनसुना किया।   लोगों का गुस्सा और नाराजगी भागीरथपुरा के निवासी कहते हैं, “हमारा पार्षद बदतमीज है। हमारी शिकायतों को समय पर सुनाई होती तो आज इतनी मौतें नहीं होती।” उन्होंने बताया कि पानी में लीकेज के कारण नर्मदा पाइपलाइन में गंदा पानी चला गया, जो घरों तक पहुंच गया।   महीनों की लापरवाही का नतीजा स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में कुछ महीने पहले ड्रेनेज और नर्मदा पाइपलाइन का काम किया गया, लेकिन बेहद लापरवाही से। कई जगहों पर नर्मदा पाइपलाइन को ड्रेनेज लाइन के ऊपर से गुजारा गया, जिससे बारिश में ओव...
दूषित पानी से 6 महीने के बच्चे की दर्दनाक मौत, मां का रो-रोकर बुरा हाल
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दूषित पानी से 6 महीने के बच्चे की दर्दनाक मौत, मां का रो-रोकर बुरा हाल

    इंदौर (भागीरथपुरा): इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी का भयावह असर सामने आया है। केवल 6 महीने के नन्हे बच्चे की पानी पीने के कारण मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बच्चे को उल्टी-दस्त की शिकायत थी और इलाज के दौरान उसकी जान चली गई।   मां की पीड़ा बेहाल कर देने वाली बच्चे की मां साधना साहू का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि 10 साल की मिन्नतों के बाद उन्हें यह बेटा हुआ था और गर्भावस्था में उन्हें पूरी तरह बेड रेस्ट करना पड़ा। मां का कहना है कि इलाके में लंबे समय से गंदा पानी आ रहा था। दूध कम आने के कारण उन्हें मजबूरी में बच्चे को बाहर का दूध देना पड़ा, जिसमें पानी मिला हुआ था।   साधना ने आगे कहा, “मेरा बच्चा चला गया, पता नहीं और कितने बच्चे इस गंदे पानी की भेंट चढ़ेंगे।” परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी 10 साल की बेटी को भी पेट दर्द की समस्या रहती...
इंदौर में दूषित पानी का मामला: जनता की जान पर भारी स्थानीय नेता का ‘फोकट’ रवैया
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इंदौर में दूषित पानी का मामला: जनता की जान पर भारी स्थानीय नेता का ‘फोकट’ रवैया

    इंदौर: भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण 10 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच नगर विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जब पत्रकारों ने सवाल किया, तो उन्होंने आपा खोते हुए कहा, "फोकट की बात मत पूछो।" यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मंत्री को माफी मांगनी पड़ी।   वायरल वीडियो में मंत्री का बचाव करते हुए एक और व्यक्ति नजर आया, जो नीले कुर्ते में था। यह कोई और नहीं बल्कि उसी इलाके का बीजेपी पार्षद कमल वाघेला है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब इलाके में लोग गंदे पानी और स्वास्थ्य संकट की शिकायत लेकर पार्षद के पास गए, तो उन्होंने उन्हें धमका कर भगा दिया।   इसके अलावा, चार महीने से पानी की समस्या बनी होने के बावजूद पार्षद ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। वहीं, एक अन्य वायरल वीडियो में कमल वाघेला पार्क ...
जनता गंदा पानी पीकर मरती रही, नेता झूला झूलते रहे कैलाश विजयवर्गीय की ‘ढाल’ बने नीले कुर्ते वाले नेता की सच्चाई आई सामने
Madhya Pradesh, State

जनता गंदा पानी पीकर मरती रही, नेता झूला झूलते रहे कैलाश विजयवर्गीय की ‘ढाल’ बने नीले कुर्ते वाले नेता की सच्चाई आई सामने

स्वच्छता के लिए देशभर में पहचान बना चुके इंदौर शहर की छवि उस वक्त धूमिल हो गई, जब भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 10 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग बीमार होकर अस्पतालों में भर्ती हो गए। इस गंभीर और संवेदनशील मामले पर सवाल पूछे जाने पर प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का आपा खो देना और एक पत्रकार से यह कहना कि “फोकट की बात मत करो”, जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा साबित हुआ।   वीडियो वायरल होने के बाद मंत्री को भले ही माफी मांगनी पड़ी, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में एक और चेहरा सामने आया, जिसने मामले को और भी शर्मनाक बना दिया।       नीले कुर्ते वाला नेता कौन है?   वायरल वीडियो में मंत्री का बचाव करते हुए पत्रकार से उलझते नजर आने वाला व्यक्ति बीजेपी पार्षद कमल वाघेला है। खास बात यह है कि कमल वाघेला उसी भागीरथपुरा वार्ड का पा...
फिल्टर पानी पीने वाले मंत्री को सवाल ‘फोकट’ लगे, बीजेपी के ‘संस्कारी कैलाश’ की जुबान पर नहीं लगाम
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फिल्टर पानी पीने वाले मंत्री को सवाल ‘फोकट’ लगे, बीजेपी के ‘संस्कारी कैलाश’ की जुबान पर नहीं लगाम

    भोपाल, 1 जनवरी: इंदौर के भागीरथपुरा में बेमौत मर रहे लोगों पर सवाल पूछना बीजेपी के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नागवार गुजरा। 15 दिनों से फैली डायरिया और 10 मौतों के बावजूद मंत्री ने सवाल पूछने वाले पत्रकार से झल्लाकर कहा कि यह सवाल ‘फोकट’ का है और क्या घंटा हो गया।   मंत्री की यह तिलमिलाहट इस वजह से भी सामने आई कि प्रभावित इलाके में उनके परिवार का कोई सदस्य नहीं है और वे खुद फिल्टर या बोतलबंद पानी पीते हैं। पत्रकार की तर्कपूर्ण प्रतिक्रिया के बाद मंत्री ने घटनास्थल छोड़ दिया।       विवाद के बाद माफी   इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा कि पिछले दो दिनों से टीम लगातार प्रभावित क्षेत्र में स्थिति सुधारने में लगी थी। दूषित पानी से प्रभावित लोगों की पीड़ा में मेरी प्रतिक्रिया गलत थी, इसके लिए खेद प्रकट करता हूँ...
39 दिन तक मौत से लड़े तीन ‘नन्हे योद्धा’, 1 किलो के वजन पर भी नहीं हारी उम्मीद, अब घर लौटे
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39 दिन तक मौत से लड़े तीन ‘नन्हे योद्धा’, 1 किलो के वजन पर भी नहीं हारी उम्मीद, अब घर लौटे

  सतना: सतना जिला अस्पताल ने इतिहास रच दिया है। मैहर के बुडेखन गांव की 28 वर्षीय रंजना पटेल के घर जन्मे तीन बच्चों ने जन्म के बाद 39 दिनों तक एसएनसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ी। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की दिन-रात मेहनत ने इन तीनों ‘नन्हे योद्धाओं’ को पूरी तरह स्वस्थ कर दिया।   21 नवंबर को जन्मे तीनों ट्रिपलेट का वजन क्रमशः 1.4 किलो, 1.6 किलो और 1 किलो था। जन्म के समय बच्चे बेहद कमजोर थे और सामान्य वजन से काफी कम थे। इन्हें तुरंत गहन नवजात चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों और नर्सों की सतत देखभाल में करीब 1 महीना 9 दिन तक उनका इलाज चला।   एसएनसीयू इंचार्ज डॉ. सुधांशु गर्ग ने बताया, “ऐसे कम वजन वाले ट्रिपलेट के मामलों में अक्सर एक या दो बच्चों की मृत्यु हो जाती है। लेकिन हमारी टीम ने हार नहीं मानी। लगातार निगरानी और बेहतर इलाज के कारण तीनों...
मृत किसान की जमीन 9 बार बेची गई, एक्सपायर पावर ऑफ अटॉर्नी से हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा
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मृत किसान की जमीन 9 बार बेची गई, एक्सपायर पावर ऑफ अटॉर्नी से हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा

    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने जमीन घोटाले का एक चौंकाने वाला मामला उजागर किया है। आरोप है कि एक मृत किसान की कृषि भूमि को उसकी मौत के बाद भी एक्सपायर पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए नौ बार बेच दिया गया। इस मामले में नेहरू नगर निवासी मनिराज सिंह और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का प्रकरण दर्ज किया गया है।   यह कार्रवाई जावर तहसील के बरखेड़ी गांव निवासी योगेश कुशवाहा की शिकायत पर की गई, जिन्होंने 18 जून 2025 को EOW से इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत की थी।   2018 में बनी थी पावर ऑफ अटॉर्नी, 2022 में हुई किसान की मौत   EOW की जांच में सामने आया कि जावर तहसील के बरखेड़ा नाथू गांव स्थित कृषि भूमि के असली मालिक किसान अचला सिंह मेवाड़ा ने 18 दिसंबर 2018 को अपनी जमीन के एक हिस्से के लिए मनिराज सिंह के पक्ष में ...