53 साल से ग्वालियर मेले में लोगों की उम्मीद बनें एलएस अजनेरिया, खोए बच्चों को दिलाते हैं घरवालों से मिल
ग्वालियर, आकाश सिकरवार: ग्वालियर व्यापार मेला, एशिया के सबसे बड़े मेलों में से एक, अपनी चमक-दमक और भीड़-भाड़ के लिए मशहूर है। लेकिन इस भीड़-भाड़ के बीच एक आवाज़ पिछले 53 वर्षों से अनगिनत परिवारों के लिए ‘उम्मीद’ बन चुकी है। यह आवाज़ हैं एलएस अजनेरिया की।
जब मेला घूमते समय कोई बच्चा या बुजुर्ग अपने अपनों से बिछड़ जाता है, तो उनका रेडियो रूम पर किया गया अनाउंसमेंट ही सबसे भरोसेमंद रास्ता बन जाता है। अजनेरिया बताते हैं कि हर दिन 20 से 30 परिवार, कभी-कभी भीड़ ज्यादा होने पर 50 परिवार, अपनों को ढूंढते हुए उनके पास आते हैं। लोग रोते हुए आते हैं और हंसते हुए जाते हैं। उनकी आवाज़ में जो जज्बात और सहारा है, वही मेला का सबसे खूबसूरत पहलू बन चुका है।
एलएस अजनेरिया पिछले पांच दशक से मेले के रेडियो रूम की कमान संभाल रहे हैं। उनका काम केवल खोए हुए लोगों को मिलाना ही नहीं, बल्कि मेले में सुरक्षा और अलर...










