Friday, May 15

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दिल्ली कार ब्लास्ट: जैश-ए-मोहम्मद फिदायीन का वीडियो जारी, इमरान मसूद के बयान पर राजनीतिक घमासान तेज

नई दिल्ली/लखनऊ। राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े फिदायीन डॉ. उमर मोहम्मद नबी का वीडियो बयान सामने आने के बाद पूरे राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा हमलावर को “भटका हुआ युवक” बताने पर सियासत और गर्मा गई है। बीजेपी ने इस बयान पर तीखा हमला बोला है।

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बीजेपी का पलटवार—“इंडी एलायंस का घोषित एजेंडा”

बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इमरान मसूद पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि एक आतंकवादी के प्रति सहानुभूति प्रकट करना कांग्रेस और इंडी एलायंस की “वोट बैंक राजनीति” का हिस्सा है।
उन्होंने कहा—
“इमरान मसूद एक फिदायीन के लिए करुणा दिखा रहे हैं। यह पहली बार नहीं है, इंडी एलायंस के कई नेता पहले भी आतंकियों के पक्ष में बयान देते रहे हैं। मजहबी तुष्टिकरण इनके राजनीतिक स्वभाव का हिस्सा बन चुका है।”

त्रिपाठी ने बाटला हाउस एनकाउंटर का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि “आतंकियों के मारे जाने पर सोनिया गांधी की आंखों में आंसू आ गए थे।” उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी, जिसमें पहले इमरान मसूद रहे हैं, आतंकवादियों को अदालत से छुड़वाने की पक्षधर रही है।

बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने भी जताई नाराजगी

बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि किसी भी जिहादी के प्रति सहानुभूति दिखाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा—
“अगर इस बार इमरान मसूद ने भटके हुए लोगों की बात कही है, तो यह सकारात्मक संकेत हो सकता है। लेकिन कांग्रेस की समग्र सोच आतंकवाद के खिलाफ कभी सख्त नहीं रही। कपिल सिब्बल जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता आतंकियों के मुकदमे लड़ते रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि जब भी आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई होती है, तब महबूबा मुफ़्ती, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला जैसे नेताओं की आवाजें गायब हो जाती हैं।
शर्मा ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि “आतंकवाद को धर्म से न जोड़ें, और न ही आतंकियों के प्रति किसी प्रकार की सहानुभूति दिखाएं।”

आतंकवाद पर सियासत का पारा चढ़ा

जैश-ए-मोहम्मद फिदायीन का वीडियो सामने आने के बाद जहां जांच एजेंसियां मामले की तहकीकात में जुटी हैं, वहीं नेताओं के बयानों ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है।
बीजेपी ने आरोप लगाया है कि विपक्ष आतंकवाद को लेकर दोहरी नीति अपनाता है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।

दिल्ली ब्लास्ट की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां आतंकी मॉड्यूल के नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

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