Swarth Siddhi Yog: क्यों शुभ माना जाता है सर्वार्थ सिद्धि योग, जानिए कब होता है इसका निर्माण


सनातन धर्म में कोई भी मांगलिक कार्य ग्रह और नक्षत्रों के अनुसार शुभ समय देखकर ही किए जाते हैं। ज्योतिष पंचांग में ग्रह नक्षत्रों की गणना के आधार पर शुभ मुहूर्त तय करते हैं। इन्हीं में से एक सर्वार्थ सिद्धि योग विशेष नक्षत्रों के योग से बनता है। यह योग शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार होना चाहिए।

By Ekta Sharma

Publish Date: Wed, 03 Jul 2024 01:15:40 PM (IST)

Updated Date: Wed, 03 Jul 2024 01:15:40 PM (IST)

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Swarth Siddhi Yog: क्यों शुभ माना जाता है सर्वार्थ सिद्धि योग, जानिए कब होता है इसका निर्माण
सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. इस योग के अंतर्गत किए गए सभी कार्य सफल होते हैं।
  2. यह एक विशेष दिन पर एक विशेष नक्षत्र में पड़ता है।
  3. ज्योतिष में हर तरह से इस योग को शुभ माना गया है।
धर्म डेस्क, इंदौर। Swarth Siddhi Yog: ज्योतिष शास्त्र में कई शुभ नक्षत्रों का उल्लेख किया गया है। इन्हीं में से एक सर्वार्थ सिद्धि योग भी माना जाता है। यह बहुत ही शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस योग के अंतर्गत किए गए सभी कार्य सफल माने जाते हैं। इस योग के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को कार्यों में सफलता और आर्थिक लाभ भी मिलता है। आइए, जानते हैं कि सर्वार्थ सिद्धि योग कब बनता है और इसका क्या महत्व है।

सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग तब बनता है, जब एक विशेष दिन पर एक विशेष नक्षत्र पड़ता है। वार और नक्षत्र के मेल से सर्वार्थ सिद्धि योग बनता है। किसी भी कार्य के लिए यह शुभ माना जाता है। इस दौरान सभी ग्रह शुभ स्थिति में होते हैं और व्यक्ति को सफलता दिलाने में मदद करते हैं। इसलिए सर्वार्थ सिद्धि योग में ही कोई भी शुभ कार्य करना चाहिए।

नया काम शुरू करने के लिए शुभ समय

नया काम शुरू करने के लिए भी यह अच्छा समय माना जाता है। यह योग धन, सुख और समृद्धि प्राप्ति के लिए भी शुभ माना जाता है। अगर आप कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने की सोच रहे हैं, तो यह योग बहुत अनुकूल है। अगर आप कोई नई कला सीखना चाहते हैं, तो यह योग शुभ होता है। इस योग के दौरान सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, इससे आत्मविश्वास बढ़ता है।

इन कार्यों के लाभकारी सर्वार्थ सिद्धि योग

यह अवधि धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, हवन आदि के लिए यह शुभ है। इस दौरान प्रमोशन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। अगर आप किसी विवाद या मुकदमे में फंसे हैं, तो यह योग आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इस अवधि में विवाद सुलझने की संभावना बढ़ जाती है। नया व्यवसाय शुरू करना, नया घर या वाहन खरीदना, विवाह, शिक्षा, यात्रा आदि के सर्वार्थ सिद्धि योग को बेहद शुभ माना गया है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’



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