मामला भाटपारा के कांकिनारा इलाके का है. (फोटो: ANI)

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मामला भाटपारा के कांकिनारा इलाके का है. (फोटो: ANI)

West Bengal Violence: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) हिंसा का विरोध करने के लिए दो दिनों के बंगाल दौरे पर हैं. मंगलवार को उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की. इस दौरान वे पार्टी कार्यकर्ता अभिजीत सरकार के परिवार से भी मिले.

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में हिंसा का दौर जारी है. बीते बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनके घर में बम फेंके. चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से ही राज्य में हिंसा भड़क गई थी. राजनीतिक दल एक-दूसरे पर लगातार आरोप लगा रहे हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी समर्थकों पर हमले किए. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, नॉर्थ 24 परगना जिले के एक बीजेपी कार्यकर्ता राज विश्वास ने बुधवार को आरोप लगाया है कि उनके घर में किसी ने बम फेंका है. उन्होंने कहा ‘मैंने मेरे घर पर तीन लोगों की तरफ से बम फेंके जाने का सीसीटीवी फुटेज देखे हैं. मेरा परिवार डरा हुआ है.’ उन्होंने जानकारी दी ‘पुलिस यहां आई थी और उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की मांग की है.’ बंगाल में बीते दो दिनों से हिंसा जारी है. मामला भाटपारा के कांकिनारा इलाके का है. एक्‍शन: पद संभालते ही ममता ने 29 आईपीएस बदले, कूचबिहार के एसपी सस्पेंड बीजेपी ने जताया विरोधबीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हिंसा का विरोध करने केलिए दो दिनों के बंगाल दौरे पर हैं. मंगलवार को उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की. इस दौरान वे पार्टी कार्यकर्ता अभिजीत सरकार के परिवार से भी मिले. आरोप लगाए जा रहे हैं कि कोलकाता के बेलियाघाट में चुनाव के बाद हुई हिंसा में उनकी हत्या कर दी गई थी. उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ता हरण अधिकारी के परिवार से भी मुलाकात की. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही एक्शन मोड में आ गई थीं. रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि उन्होंने अपने आवास पर एक बैठक बुलाई थी, जिसमें जारी हिंसा को खत्म करने के आदेश दिए गए थे. बनर्जी ने बीते बुधवार को तीसरी बार राज्य की सीएम के तौर पर शपथ ली.

बुधवार को केंद्र ने पश्चिम बंगाल को एक और पत्र भेजकर साफ किया है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा पर रिपोर्ट भेजने में देरी को ‘गंभीरता’ से लिया जाएगा. वहीं, सीएम बनर्जी ने भी डीजीपी पी नीरजनयन समेत राज्य के 30 शीर्ष अधिकारी अधिकारियों का तबादला कर दिया है. सीएम बनने के बाद उन्होंने कहा है कि किसी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी.









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