Sunday, July 26

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चीन में कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों की कीमत बढ़ाई, गिरती आबादी ने सरकार की चिंता बढ़ाई
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चीन में कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों की कीमत बढ़ाई, गिरती आबादी ने सरकार की चिंता बढ़ाई

    बीजिंग: चीन में गिरती जनसंख्या और बढ़ती बुजुर्ग आबादी को लेकर सरकार गंभीर चिंता में है। 2024 में देश की आबादी लगातार तीसरे साल घट गई, जबकि 60 साल से ऊपर की आबादी अब 20% से अधिक हो चुकी है। इसके कारण चीन “अमीर बनने से पहले बूढ़ा” होने के खतरे का सामना कर रहा है।   जनसंख्या बढ़ाने के प्रयासों के तहत चीन की सरकार ने 1 जनवरी से कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर लंबे समय से लगी टैक्स छूट समाप्त कर दी है। अब इन उत्पादों पर 13% वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) लागू होगा। इस कदम का उद्देश्य लोगों को बच्चों की जन्मदर बढ़ाने के लिए प्रेरित करना और गर्भनिरोधक दवाओं की खरीदारी से रोकना है।   चीन की जन्म दर अब 1.16 प्रतिशत तक गिर चुकी है, जो जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए जरूरी 2.1 से काफी नीचे है। पिछले दशक में, 2014 में चीन की आबादी लगभग 136.8 करोड़ थी। 2016 में वन-चाइल्ड पॉलिसी समाप...
अमेरिका की समर्थन वाली “तख्तापलट योजना” और ईरान में विरोध प्रदर्शन
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अमेरिका की समर्थन वाली “तख्तापलट योजना” और ईरान में विरोध प्रदर्शन

    तेहरान: ईरान में महंगाई, बेरोज़गारी और इस्लामिक सरकार के विरोध में पिछले एक हफ्ते से देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुले तौर पर धन्यवाद दिया और बताया कि उनके पास ईरान में “स्थिर बदलाव” की योजना है।   रजा पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी “अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं” और उन्हें अमेरिका के साथ संबंध बहाल करने का संदेश लेकर भेजा गया है। उनका कहना है कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक शासन गिरता है तो उनका मकसद ईरान में लोकतंत्र और स्थिरता लाना है।   उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शनकारी “मुख्य रास्तों और सड़कों पर नाकाबंदी करके शासन के दमन को कमजोर कर सकते हैं।” रजा पहलवी ने लोगों से डर पर काबू पाने और छोटे समूहों में एकजुट होकर सड़को...
भारत के डिप्लोमेट और जमात-ए-इस्लामी नेता की ‘गुप्त बैठक’ पर बवाल, नेता ने कहा—बेबुनियाद रिपोर्ट
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भारत के डिप्लोमेट और जमात-ए-इस्लामी नेता की ‘गुप्त बैठक’ पर बवाल, नेता ने कहा—बेबुनियाद रिपोर्ट

    ढाका: भारत के एक राजनयिक और बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी पार्टी के अमीर डॉ. शफीकुर रहमान के बीच कथित ‘गुप्त बैठक’ को लेकर बांग्लादेश में राजनीतिक और मीडिया बवाल शुरू हो गया है। हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि बैठक 2025 की शुरुआत में हुई थी, लेकिन जमात-ए-इस्लामी नेता ने इसे बेबुनियाद और गुमराह करने वाला बताया।   रहमान ने कहा कि यह बैठक उनके घर पर हुई जब वह इलाज के बाद घर लौटे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई देशों के राजनयिक उनसे मिलने आए थे, जिनमें दो भारतीय डिप्लोमेट भी शामिल थे। रहमान ने बताया, “जैसे अन्य देशों के प्रतिनिधि आए, वैसे ही भारतीय डिप्लोमेट भी मुझसे मिलने आए। बातचीत सामान्य और पारदर्शी थी, इसमें कोई सीक्रेट चीज नहीं थी।”   जमात-ए-इस्लामी के नेता ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि मीडिया द्वारा इसे ‘गुप्त बैठक’ बताना पूरी तरह भ्रमित करने वाला है। रहमा...
चीन की मिलिट्री ड्रिल से नहीं डरा ताइवान, राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने दी संप्रभुता की कसम
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चीन की मिलिट्री ड्रिल से नहीं डरा ताइवान, राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने दी संप्रभुता की कसम

  ताइपे: ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने नए साल के संदेश में चीन के विस्तारवादी प्रयासों को खुली चुनौती देते हुए द्वीप की राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा की कसम खाई। राष्ट्रपति लाई ने कहा कि चीन की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं के सामने अंतरराष्ट्रीय समुदाय यह देख रहा है कि ताइवानी लोग अपनी रक्षा के लिए कितने दृढ़ हैं।   लाई की टिप्पणी उस समय आई है जब कुछ दिन पहले चीन ने ताइवान के चारों ओर लाइव-फायर सैन्य अभ्यास किया था। वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नए साल के मौके पर अपने संबोधन में ताइवान के एकीकरण को अपरिहार्य बताते हुए इसे समय की मांग कहा और चेताया कि इसे रोका नहीं जा सकता।   राष्ट्रपति का साफ संदेश: लाई चिंग-ते ने कहा, “राष्ट्रपति के तौर पर मेरा रुख हमेशा स्पष्ट रहा है—राष्ट्रीय संप्रभुता की दृढ़ता से रक्षा करना, राष्ट्रीय रक्षा और पूरे समाज के लचीलेपन को मजबूत क...
टैरिफ की दीवार और भरोसे में दरार: भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्यों अटकी?
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टैरिफ की दीवार और भरोसे में दरार: भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्यों अटकी?

  वॉशिंगटन/नई दिल्ली: साल 2025 में भारत और अमेरिका के बीच लंबित ट्रेड डील लगातार उलझनों में फंसी रही। दोनों देशों के अधिकारी कई दौर की कठिन बातचीत के बावजूद बड़ा द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) फाइनल नहीं कर पाए। इस दौरान अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर 50% तक कर दिया, जिसका सीधा असर टेक्सटाइल, लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री पर पड़ा।   ट्रंप प्रशासन और भारत की रणनीति: अमेरिका का मानना है कि भारत अपनी संरक्षणवादी नीतियों—जैसे ऊंचे शुल्क, जटिल मानक और नियामकीय अनिश्चितता—से कारोबार के रास्ते में बाधा डाल रहा है। वहीं, भारत ने अपने घरेलू संवेदनशीलताओं और आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए दबाव झेलने से इंकार किया। ट्रंप प्रशासन में यह धारणा भी है कि भारत दोनों नांवों की सवारी कर रहा है—अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी और रूस के साथ ऊर्जा व रक्षा संबंध।   सबसे बड़ी अड...
स्विट्जरलैंड में नए साल के जश्न पर बार में धमाका, कई लोगों की मौत
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स्विट्जरलैंड में नए साल के जश्न पर बार में धमाका, कई लोगों की मौत

  बर्न: नए साल के जश्न के दौरान स्विट्जरलैंड के क्रान्स-मोंटाना स्थित लग्जरी बार ले कॉन्सेटेलेशन में भीषण धमाका हुआ, जिसमें कई लोग मारे गए और कई घायल हैं। स्विस पुलिस के अनुसार, धमाका स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 1:30 बजे बार के बेसमेंट में हुआ, जिसके बाद आग फैल गई।   पुलिस प्रवक्ता गैटन लैथियन ने बताया कि अभी तक धमाके का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें लोग बार से भागते दिखाई दे रहे हैं। प्रभावितों के परिवारों के लिए हेल्पलाइन शुरू की गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए इमरजेंसी सेवाएं, एंबुलेंस और एयर-ग्लेशियर हेलीकॉप्टर मौके पर तैनात किए गए हैं।   क्रान्स-मोंटाना, स्विस ऑल्प्स का मशहूर स्की रिसॉर्ट, दुनिया भर के पर्यटकों को स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और गोल्फ जैसी गतिविधियों के लिए आकर्षित करता है। बार की क्षमता लगभग 400 लोगों की...
ईरान की अर्थव्यवस्था पाताल में: महंगाई, करेंसी और प्रतिबंधों की आग में क्या बच पाएगी इस्लामिक सरकार?
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ईरान की अर्थव्यवस्था पाताल में: महंगाई, करेंसी और प्रतिबंधों की आग में क्या बच पाएगी इस्लामिक सरकार?

  तेहरान, 1 जनवरी: ईरान की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पिछले साल के अंत तक पूरी तरह से संकट में पहुँच गई है। गिरती करेंसी रियाल, बढ़ती महंगाई और अमेरिकी–यूरोपीय प्रतिबंधों के बीच जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। रविवार को राजधानी तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन चौथे दिन हिंसक रूप ले चुके हैं।   दुकानदारों और छोटे व्यापारियों ने कारोबार बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जो जल्द ही पूरे शहर और अन्य प्रांतों जैसे इस्फहान, यज़्द, जंजन, कूहदश्त और फासा तक फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने गिरती रियाल और बढ़ती महंगाई के खिलाफ आवाज उठाई। इस साल डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत आधी हो गई है, जिससे आम जनता का जीवन कठिनाइयों से भरा हो गया है। एक डॉलर अब लगभग 14.2 लाख रियाल के बराबर हो गया है, जबकि खाद्य पदार्थों की कीमतें पिछले साल की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी हैं।...
बांग्लादेश में तारिक रहमान ही भारत का एकमात्र विकल्प: क्या BNP हरा पाएगी जमात को?
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बांग्लादेश में तारिक रहमान ही भारत का एकमात्र विकल्प: क्या BNP हरा पाएगी जमात को?

  ढाका/नई दिल्ली, 1 जनवरी: बांग्लादेश की राजनीति में नए साल की शुरुआत ही अहम मोड़ लेकर आई है। पहली महिला प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद ढाका में उनका जनाज़ा मंगलवार को लाखों लोगों की भीड़ में संपन्न हुआ, जिसके कारण नए साल की पूर्व संध्या के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। खालिदा जिया की मौत ने BNP को राजनीतिक सहानुभूति और जनाधार में फायदा पहुंचाया है, जिससे पार्टी आगामी 12 फरवरी के चुनावों में मजबूत स्थिति में दिख रही है।   नई दिल्ली के सामने बांग्लादेश में अगली सरकार का समर्थन तय करने के लिए सीमित विकल्प हैं। मुख्य विकल्प हैं BNP, NCP और जमात-ए-इस्लामी। जमात-ए-इस्लामी का कट्टर इस्लामी और भारत-विरोधी रुख भारत के लिए इसे सहयोगी बनाना मुश्किल बनाता है। वहीं NCP ने जमात के साथ गठबंधन कर लिया है। ऐसे में भारत के लिए तारिक रहमान और BNP ही सबसे व्यवहार्य विकल्प बनते हैं।...
भारत-पाकिस्तान संघर्ष में मध्यस्थता का दावा: चीन क्यों कर रहा ‘चौधरी’ बनने की कोशिश?
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भारत-पाकिस्तान संघर्ष में मध्यस्थता का दावा: चीन क्यों कर रहा ‘चौधरी’ बनने की कोशिश?

  बीजिंग/नई दिल्ली, 1 जनवरी: 2025 के आखिरी दिनों में चीन ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष में मध्यस्थता का दावा करके एक नई दक्षिण एशिया रणनीति पेश की है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने बयान में भारत और पाकिस्तान को एक ही तराजू पर तौलते हुए कहा कि बीजिंग को दोनों देशों के बीच शांति स्थापित कराने का अधिकार और जिम्मेदारी है।   विशेषज्ञों का मानना है कि वांग यी का यह बयान व्यक्तिगत नहीं, बल्कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के पॉलिटिकल ब्यूरो और केंद्रीय विदेशी मामलों की नीति के अनुरूप है। इसका मकसद दक्षिण एशिया में चीन को एक मध्यस्थ और क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित करना है।   चीन ने इस कदम के जरिए साफ संकेत दिया है कि वह अब भारत को पाकिस्तान के बराबर मान रहा है और अपनी वैश्विक छवि के अनुरूप इस क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। यह रणनीति डोनाल्ड ट्रंप जैसे पूर्व अम...
बलूचिस्तान पर नियंत्रण खोता पाकिस्तान: असीम मुनीर की नई भारत-विरोधी रणनीति
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बलूचिस्तान पर नियंत्रण खोता पाकिस्तान: असीम मुनीर की नई भारत-विरोधी रणनीति

  इस्लामाबाद/नई दिल्ली, 1 जनवरी: बलूचिस्तान पर पाकिस्तान की पकड़ कमजोर होती जा रही है। बलूचों का विद्रोह लगातार फैल रहा है और अगले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र का अलग देश बनने की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं। इसी बीच पाकिस्तान सेना के प्रमुख असीम मुनीर ने नया भारत-विरोधी नैरेटिव अपनाया है, ताकि बलूचिस्तान में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें।   असीम मुनीर ने दावा किया है कि उनकी सेना बलूचिस्तान में काम कर रहे “भारत समर्थित एजेंटों” की योजनाओं को नाकाम कर देगी और हिंसा फैलाने वाले तत्वों को दबा देगी। उनके इस बयान का मकसद पाकिस्तान के भीतर जनता और सुरक्षा बलों को यह संदेश देना है कि भारत क्षेत्र में हस्तक्षेप कर रहा है और सेना ही बलूचिस्तान की रक्षा कर सकती है।   खुफिया सूत्रों के अनुसार, मुनीर का यह रुख पाकिस्तान की कमजोर होती सैन्य पकड़ को मज़बूत करने और घरेलू दर्शकों का ध्या...