Friday, July 24

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गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होगा भारत? ट्रंप ने भेजा न्योता, एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई
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गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होगा भारत? ट्रंप ने भेजा न्योता, एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई

    वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण और शांति व्यवस्था के लिए बनाए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में भारत को शामिल होने का न्योता भेजा है। ट्रंप से पहले पाकिस्तान और तुर्की को भी न्योता भेजा गया था। बोर्ड का उद्देश्य तबाह हुए गाजा में अस्थायी शासन स्थापित करना, उसका पुनर्निर्माण करना और हमास का निरस्त्रीकरण सुनिश्चित करना है।   वाइट हाउस ने कहा है कि बोर्ड की अध्यक्षता डोनाल्ड ट्रंप स्वयं करेंगे। इसमें टेक्नोक्रेट्स की एक फिलिस्तीनी कमेटी और एक सलाह देने वाली अंतरराष्ट्रीय समिति होगी। इस बोर्ड में शामिल होने के लिए 1 अरब डॉलर की फीस निर्धारित की गई है।   भारत के लिए दुविधा भारत की विदेश नीति की जटिलताओं के कारण इस न्योते पर विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है।   कंवल सिब्बल, भारत के पूर्व विदेश सचिव और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानक...
मोहनजोदड़ो में मिली प्राचीन सुरक्षा दीवार, मुगलकालीन दिल्ली जैसी व्यवस्था का संकेत
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मोहनजोदड़ो में मिली प्राचीन सुरक्षा दीवार, मुगलकालीन दिल्ली जैसी व्यवस्था का संकेत

    इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में चल रही खुदाई में सिंधु घाटी सभ्यता के महत्वपूर्ण नगर मोहनजोदड़ो में एक विशाल प्राचीन दीवार के अवशेष मिले हैं। यह दीवार शहर की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा थी और ग्रेट बाथ के पास स्तूप के पश्चिम में पाई गई है।   अमेरिकी आर्कियोलॉजिस्ट डॉ. जोनाथन मार्क केनोयर के नेतृत्व में टीम ने बताया कि दीवार शहर के चारों ओर फैली हुई थी और इसे “महान दीवार” की तरह सुरक्षा के लिए बनाया गया था। खुदाई से यह भी पता चला है कि शहर में प्रवेश के लिए गेट बनाए गए थे, जिन पर राजकीय कर्मचारियों की तैनाती होती थी और बाहरी लोगों से टैक्स लिया जाता था।   सुरक्षा और नगर नियोजन का अद्भुत नमूना   दीवार की खोज से पता चला कि मोहनजोदड़ो में सुरक्षा को लेकर उन्नत प्रणाली थी। कच्ची ईंटों से बनी यह दीवार मोहेनजोदड़ो से लगभग 800 साल पुरानी हो सकती है। श...
राफेल जेट पर फ्रांस को बड़ा झटका, कोलंबिया ने 29,000 करोड़ की डील रद्द की
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राफेल जेट पर फ्रांस को बड़ा झटका, कोलंबिया ने 29,000 करोड़ की डील रद्द की

    पेरिस/नई दिल्ली: भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने की बातचीत एडवांस स्तर पर है, लेकिन इसी बीच फ्रांस को ग्लोबल मार्केट में बड़ा झटका लगा है। फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी डसॉल्ट एविएशन की उम्मीद थी कि कोलंबिया से लगभग 29,000 करोड़ रुपये की डील मिल जाएगी। कोलंबिया अपने पुराने इजरायली किफिर जेट विमानों को बदलने के लिए राफेल में दिलचस्पी दिखा रहा था।   हालांकि ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, कोलंबियाई सरकार ने राफेल की बजाय स्वीडन के ग्रिपेन फाइटर जेट को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। स्वीडन ने कोलंबिया को लंबी अवधि के इंडस्ट्रियल सपोर्ट, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, लोकल असेंबली की संभावना और ऑपरेशनल व मेंटेनेंस खर्च में कमी का ऑफर दिया था। माना जा रहा है कि इसी वजह से कोलंबिया ने राफेल को ठुकरा दिया।   भारत की स्थिति अलग भारत ने राफेल जेट के साथ जाने का फैसला ...
ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दखल: जॉर्जिया मेलोनी की गोलमोल बातें यूरोप के लिए चेतावनी, कंवल सिब्बल ने जताई चिंता
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ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दखल: जॉर्जिया मेलोनी की गोलमोल बातें यूरोप के लिए चेतावनी, कंवल सिब्बल ने जताई चिंता

    रोम/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की योजना ने यूरोप के देशों में हलचल मचा दी है। यूरोप के ज्यादातर देश इस कदम का कड़ा विरोध कर रहे हैं, जबकि कुछ देश अमेरिका के साथ तनाव बढ़ाने से बचते नजर आ रहे हैं।   भारत के पूर्व विदेश सचिव और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार कंवल सिब्बल ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के रुख पर सवाल उठाए हैं। सिब्बल का कहना है कि मेलोनी ग्रीनलैंड मुद्दे पर गोलमोल बयान देकर समस्या टालने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन इससे यूरोप की मुश्किलें कम नहीं होंगी।   सिब्बल ने कहा कि मेलोनी का यह कहना कि ग्रीनलैंड में यूरोपीय नाटो सैनिकों की तैनाती अमेरिका विरोधी नहीं है, अमेरिका को गलतफहमी में डाल सकता है। सिब्बल ने अपने पोस्ट में लिखा, “किसी समस्या से भागने का मतलब यह नहीं कि समस्या दूर चली जाएगी। यूरोप पीछे ह...
दावोस में फिर मिलेंगे डोनाल्ड ट्रंप से शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर, अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों पर होगी चर्चा
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दावोस में फिर मिलेंगे डोनाल्ड ट्रंप से शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर, अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों पर होगी चर्चा

  इस्लामाबाद/दावोस: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर इस हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं। यह मुलाकात स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित 56वें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान होने की संभावना है। WEF की बैठक 19 से 23 जनवरी तक चलेगी, जिसमें पाकिस्तान, अमेरिका और दुनियाभर के नेता शामिल होंगे।   सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान और अमेरिका के बीच हाल के महीनों में रिश्तों में सुधार देखा गया है। बीते साल शहबाज शरीफ और असीम मुनीर ने वाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की थी। इस बार भी दोनों पक्षों के बीच अफगानिस्तान, गाजा के पीस बोर्ड और रणनीतिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।   पाकिस्तानी प्रधानमंत्री सोमवार को अपने डेलिगेशन के साथ दावोस के लिए रवाना होंगे, जबकि ट्रंप मंगलवार को वहां पहुंचेंगे। इसके साथ ही अम...
गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए भारत-पाकिस्तान को ट्रंप का न्योता, मेंबरशिप फीस एक अरब डॉलर
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गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए भारत-पाकिस्तान को ट्रंप का न्योता, मेंबरशिप फीस एक अरब डॉलर

    वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के लिए बनाए जा रहे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में कई देशों को आमंत्रित किया है। यह बोर्ड इजरायल और हमास के बीच हुए सीजफायर समझौते के दूसरे चरण का अहम हिस्सा है और गाजा के पुनर्निर्माण की देखरेख करेगा।   रिपोर्ट के मुताबिक, इस बोर्ड में शामिल होने के लिए प्रत्येक देश को एक अरब डॉलर (लगभग नौ हजार करोड़ रुपये) का भुगतान करना होगा। अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह राशि मुख्य रूप से गाजा के पुनर्निर्माण के लिए इस्तेमाल की जाएगी, न कि प्रशासनिक खर्च या कर्मचारियों की सैलरी के लिए। जो सदस्य प्रारंभिक तीन वर्षों में भुगतान नहीं करेंगे, उनका कार्यकाल केवल तीन साल तक ही रहेगा।   इस बोर्ड की अध्यक्षता डोनाल्ड ट्रंप स्वयं करेंगे। इसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और अमेरिकी विदेश म...
ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और ईरान के बाद डोनाल्ड ट्रंप का फोकस अब कनाडा पर
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ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और ईरान के बाद डोनाल्ड ट्रंप का फोकस अब कनाडा पर

    वॉशिंगटन/कनाडा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के हफ्तों में कनाडा पर अपनी निगाहें गहरा दी हैं। यह कदम ऐसे समय में आया है, जब ट्रंप पहले ही ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों के साथ तनावपूर्ण संबंधों को लेकर सुर्खियों में हैं।   एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप को आर्कटिक क्षेत्र में कनाडा की सुरक्षा क्षमता पर चिंता है। उनका मानना है कि चीन और रूस जैसे देशों के बढ़ते प्रभाव के सामने कनाडा कमजोर दिखाई दे रहा है। इसीलिए ट्रंप निजी तौर पर चाहते हैं कि कनाडा अपनी रक्षा क्षमता और खर्च में बढ़ोतरी करे।   अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कनाडा पर किसी सैन्य कार्रवाई या आक्रामक कदम की कोई योजना नहीं है। मुख्य विचार कनाडा के साथ समझौता कर उसकी उत्तरी सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने का है।   कनाडा ने हाल ही में चीन के साथ अपने संबंधों को बेहतर...
ईरान में उथल-पुथल के बाद खामेनेई का अमेरिका पर सीधा हमला, बोले– ईरान को निगलने की साजिश रच रहे हैं ट्रंप
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ईरान में उथल-पुथल के बाद खामेनेई का अमेरिका पर सीधा हमला, बोले– ईरान को निगलने की साजिश रच रहे हैं ट्रंप

तेहरान। ईरान में बीते तीन हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के दौर के बाद हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होते दिख रहे हैं, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी और तीखी हो गई है। इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सार्वजनिक मंच पर सामने आए और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला। ईद अल-मबथ के अवसर पर हजारों लोगों को संबोधित करते हुए खामेनेई ने हालिया विरोध प्रदर्शनों को “अमेरिकी साजिश” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका का असली मकसद ईरान को हड़पना और तेहरान को कमजोर करना है। खामेनेई ने कहा कि ट्रंप के उकसावे और दखल की वजह से ही देश में हिंसा फैली, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ। खामेनेई ने कहा, “ईरान में हालिया दंगे एक सुनियोजित अमेरिकी साजिश थे। अमेरिका का उद्देश्य ईरान को निगलना है। तेहरान को खत्म करने के लिए उन्होंने योजनाएं बनाईं और उन पर काम...
अली खामेनेई के विदेशी शिया लड़ाके, 5000 की फौज ने ईरान में प्रदर्शन कुचला
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अली खामेनेई के विदेशी शिया लड़ाके, 5000 की फौज ने ईरान में प्रदर्शन कुचला

तेहरान: ईरान में करीब तीन हफ्ते से जारी विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन ने कथित तौर पर विदेश से आए शिया मिलिशिया लड़ाकों की मदद ली। रिपोर्टों के अनुसार, इराक से आए करीब 5,000 शिया लड़ाके धार्मिक तीर्थयात्रियों का बहाना बनाकर ईरान में दाखिल हुए और प्रदर्शनकारियों को कुचलने में सक्रिय भूमिका निभाई। मानवाधिकार समूहों और स्थानीय सूत्रों के हवाले से खबर है कि इन मिलिशिया लड़ाकों ने आक्रामक कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिससे करीब 2,600 लोगों की मौत हुई। ईरानी सुरक्षा बलों के कुछ हिस्सों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से हिचकिचाई, लेकिन विदेशी लड़ाकों ने यह कार्य सौंपे जाने के बाद बिना किसी रोक-टोक के कार्रवाई की। विदेशी मिलिशिया की भूमिका ये लड़ाके इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) से जुड़े समूहों—जैसे कताइब हिजबुल्लाह, हरकत हिजबुल्ल...
ग्रीनलैंड में कोल्ड वार 2.0: आर्कटिक में बन रहे नए कॉरिडोर, अमेरिका, चीन और रूस की टकराहट
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ग्रीनलैंड में कोल्ड वार 2.0: आर्कटिक में बन रहे नए कॉरिडोर, अमेरिका, चीन और रूस की टकराहट

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: आर्कटिक में पिघलती बर्फ ने दुनिया के भू-राजनीतिक नक्शे को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस क्षेत्र में बनने वाले नए समुद्री रास्ते—विशेषकर ग्रीनलैंड के पास—भविष्य की ग्लोबल सप्लाई चेन और शक्ति संतुलन पर गहरा असर डाल सकते हैं। इसी कारण अमेरिका, चीन और रूस ग्रीनलैंड और इसके आसपास के क्षेत्रों पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की महत्वाकांक्षा रखते हैं। उनका मकसद केवल रणनीतिक रूप से पश्चिमी गोलार्ध को सुरक्षित करना ही नहीं, बल्कि चीन और रूस को आर्कटिक में बढ़ते प्रभाव से रोकना भी है। अमेरिकी योजना के तहत तकनीकी श्रेष्ठता, वित्तीय लाभ और सुरक्षा आधारित व्यापार को मजबूती देना प्राथमिक लक्ष्य है। आर्कटिक कॉरिडोर: नया ग्लोबल हब ग्रीनलैंड से होकर गुजरने वाले दो प्रमुख मार्ग इस क्षेत्र की महत्वाकांक्षा...