Friday, July 24

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इस्लामिक NATO: मुस्लिम दुनिया में एकता जरूरी, सऊदी-पाक डिफेंस डील का विस्तार हो सकता है ख्वाजा आसिफ का बड़ा इशारा, तुर्की सहित अन्य देशों के शामिल होने के संकेत
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इस्लामिक NATO: मुस्लिम दुनिया में एकता जरूरी, सऊदी-पाक डिफेंस डील का विस्तार हो सकता है ख्वाजा आसिफ का बड़ा इशारा, तुर्की सहित अन्य देशों के शामिल होने के संकेत

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने फिर से मुस्लिम देशों के बीच नाटो जैसा सैन्य गठबंधन बनाने के संकेत दिए हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोमवार को कहा कि मुस्लिम देशों को अपनी सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उनका कहना था कि ऐसा करने से प्रत्येक देश अलग-थलग होकर कमजोर नहीं होगा। आसिफ ने इजरायल का नाम लेते हुए कहा कि कई मुस्लिम देश इसे सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पाकिस्तान-सऊदी अरब रक्षा समझौते (SMDA) का दायरा बढ़ सकता है और इसमें तुर्की या अन्य देश शामिल किए जा सकते हैं। पाकिस्तान के पूर्व मंत्री रजा हयात हिराज ने भी कहा था कि सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच रक्षा समझौते में तुर्की की शामिल होने की संभावना लगभग तय है। तीनों देशों ने एक साल की बातचीत के बाद डील का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस समझौते में नाटो जैसी व्यवस्थ...
डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में बढ़ाई सेना आर्मी चीफ के नेतृत्व में तैनाती, नाटो से सहयोग का किया अनुरोध
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डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में बढ़ाई सेना आर्मी चीफ के नेतृत्व में तैनाती, नाटो से सहयोग का किया अनुरोध

नुक/कॉपेनहेगन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लेने की धमकियों के बीच डेनमार्क ने अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है। रॉयल डेनिश आर्मी के चीफ पीटर बॉयसेन के नेतृत्व में सैनिकों की नई टुकड़ी सोमवार को ग्रीनलैंड के पश्चिमी हिस्से में कंगेरलुस्सुअक एयरपोर्ट पर उतरी। डेनमार्क ने बीते कुछ दिनों में आर्कटिक द्वीप पर अपनी सैन्य मौजूदगी लगातार बढ़ाई है। पहले से ग्रीनलैंड की राजधानी नुक और कंगेरलुस्सुअक में 100 सैनिक तैनात हैं। नई टुकड़ी आर्कटिक एंड्योरेंस ट्रेनिंग एक्सरसाइज में भाग लेगी। डेनमार्क के मेजर जनरल सोरेन एंडरसन ने कहा कि यह एक लॉन्ग-टर्म मिशन है और सैनिकों की तैनाती 1–2 साल तक जारी रहेगी। डेनमार्क सरकार ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए नाटो मिशन का अनुरोध भी किया है। रक्षा मंत्री ट्रोल्स लुंड पॉलसेन ने ब्रसेल्स में नाटो प्रमुख मार्क रूट के साथ बैठ...
UAE राष्ट्रपति के दिल्ली दौरे से पाकिस्तान में मची बेचैनी, सऊदी को किया फोन
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UAE राष्ट्रपति के दिल्ली दौरे से पाकिस्तान में मची बेचैनी, सऊदी को किया फोन

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) के दिल्ली दौरे ने पाकिस्तान को चिंता में डाल दिया है। सिर्फ 2–3 घंटे के इस दौरे में भारत और UAE ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी सहित 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 200 अरब डॉलर करने पर सहमति जताई। दौरे के दौरान रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा सुरक्षा, एडवांस्ड कंप्यूटिंग और निवेश में कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। सबसे अहम था रणनीतिक रक्षा साझेदारी पर लेटर ऑफ इंटेंट, जो रक्षा निर्माण, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और क्षमता विकास में करीबी सहयोग का संकेत देता है। पाकिस्तान के लिए यह कदम चिंता का कारण बन गया है, खासकर उस समय जब सऊदी अरब और UAE के रिश्ते तनावपूर्ण हैं और सऊदी अरब, पाकिस्तान के साथ पिछले साल किए गए रक्षा समझौते के तहत इ슬ामिक NATO बनाने की योजना पर काम कर रहा है। पाकिस्तान ने तुरंत प्रतिक्रिया दी...
डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति: क्या अमेरिका ग्रीनलैंड पर करेगा कब्जा?
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डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति: क्या अमेरिका ग्रीनलैंड पर करेगा कब्जा?

नई दिल्ली (अवधेश कुमार): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से खुलकर कहते रहे हैं कि वे ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहते हैं। यह क्षेत्र डेनमार्क का सेल्फ-रूलिंग इलाका है, लेकिन ट्रंप ने हाल ही में डेनमार्क और यूरोपीय सहयोगियों को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप बिना योजना और रणनीति के कोई कदम नहीं उठाते। जब 20 जनवरी, 2025 को उन्होंने राष्ट्रपति पद संभाला, तब उनके कई बयान हल्के में लिए गए और मजाक का विषय बने। लेकिन अब यह साफ हो गया है कि उनके बयानों को नजरअंदाज करना खतरनाक होगा। ग्रीनलैंड पर नजर: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका लाने के बाद, विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी प्रभाव बढ़ना लगभग तय है। यदि ट्रंप ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल कर लेते हैं, तो आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका का सामरिक और खनिज संसाधनों पर प्रभु...
चीनी J-35 भी भारत के 114 राफेल का मुकाबला नहीं कर पाएगा, पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ की चेतावनी
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चीनी J-35 भी भारत के 114 राफेल का मुकाबला नहीं कर पाएगा, पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ की चेतावनी

इस्लामाबाद/नई दिल्ली: भारत द्वारा फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये के इस महा-सौदे पर अगले महीने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान हस्ताक्षर हो सकते हैं। भारत के इस कदम को पाकिस्तान के रक्षा विशेषज्ञों ने अपनी वायुसेना के लिए गंभीर चुनौती बताया है। पाकिस्तान के चर्चित डिफेंस एनालिस्ट बिलाल खान ने कहा है कि भारतीय वायुसेना में 114 अत्याधुनिक राफेल विमानों की एंट्री केवल संख्या का सवाल नहीं है, बल्कि यह ऑपरेशनल क्षमता, नेटवर्क इंटीग्रेशन और युद्धक प्रभुत्व का बड़ा संकेत है। राफेल सिर्फ फाइटर नहीं, पूरा युद्धक इकोसिस्टम बिलाल खान के अनुसार, राफेल को हल्के में लेना रणनीतिक भूल होगी। उन्होंने कहा, “राफेल महज एक लड़ाकू विमान नहीं है, बल्कि यह सेंसर, हथियार प्रणालि...
नोबेल प्राइज पर दोष न दें, ट्रंप को नॉर्वे पीएम का कड़ा जवाब
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नोबेल प्राइज पर दोष न दें, ट्रंप को नॉर्वे पीएम का कड़ा जवाब

ओस्लो: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गहर स्टोर के बीच नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर तनातनी बढ़ गई है। ट्रंप ने नॉर्वे के पीएम को मैसेज कर नाराजगी जताई कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला और इसे लेकर उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिका के अधिकार के अपने इरादे का हवाला भी दिया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गहर स्टोर ने स्पष्ट किया कि ट्रंप के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। स्टोर ने कहा, "नोबेल पुरस्कार विजेताओं के चयन में नॉर्वे सरकार की कोई भूमिका नहीं होती। यह पुरस्कार पूरी तरह से स्वतंत्र नोबेल कमेटी देती है। इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हम पर आरोप लगाना गलत है।" स्टोर ने बताया कि उन्होंने ट्रंप को साफ-साफ समझाया कि नोबेल पुरस्कार देने का निर्णय नॉर्वेजियन सरकार का नहीं, बल्कि स्वतंत्र नोबेल कमेटी का है। उन्होंने कहा, "ट्रंप ने मैसेज में कहा कि नॉर्वे ने...
अमेरिकी F-35 बनाम चीनी J-20: हवा में बादशाहत की जंग तेज, ड्रैगन बनाएगा 1300 स्टील्थ जेट
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अमेरिकी F-35 बनाम चीनी J-20: हवा में बादशाहत की जंग तेज, ड्रैगन बनाएगा 1300 स्टील्थ जेट

    बीजिंग: अमेरिका और चीन के बीच वायु शक्ति की दौड़ बढ़ती जा रही है। अमेरिकी एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट के जवाब में चीन J-20 और J-35A स्टील्थ फाइटर जेट का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रहा है। ब्रिटिश थिंक टैंक RUSI की ताजा रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि साल 2030 तक चीन और रूस की हवाई ताकत अमेरिकी वायु श्रेष्ठता के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।   चीन की बढ़ती वायु शक्ति   रिपोर्ट के अनुसार, साल 2020 में चीन के पास केवल 90–100 हैवी फाइटर जेट थे। 2025 तक यह संख्या बढ़कर 450 हो गई। J-16 फाइटर जेट का उत्पादन दोगुना होकर 80–100 तक पहुंच गया। साल 2030 तक चीन के पास 900 J-16 और 800 J-10C फाइटर जेट तैनात हो सकते हैं। J-10C वायुसेना के AESA रडार और आधुनिक सेंसर से लैस है और यह भारत के राफेल जेट से मुकाबला कर सकता है।   J-20 और J-35A स्टील्थ फाइटर   चीन की J-20 स्टील्थ...
बूढ़ा हो रहा चीन, जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर, फिर भी अर्थव्यवस्था बढ़ रही
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बूढ़ा हो रहा चीन, जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर, फिर भी अर्थव्यवस्था बढ़ रही

    बीजिंग: चीन में 2025 में जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के अनुसार, प्रति 1,000 लोगों पर जन्म दर केवल 5.63 रही, जो 2023 के 6.39 से भी कम है। लगातार चौथे साल आबादी में गिरावट हुई है, जिससे चीन की डेमोग्राफिक चुनौती गहरी हो गई है।   हालांकि, आर्थिक मोर्चे पर चीन ने आश्चर्यजनक प्रदर्शन किया। 2025 में देश की अर्थव्यवस्था 5% बढ़ी, जो सरकार के वार्षिक लक्ष्य के अनुरूप है। निर्यात में वृद्धि ने अमेरिका के साथ व्यापार तनाव और घरेलू कमजोर खपत की कमी को संतुलित किया। चीन ने पिछले साल रिकॉर्ड 1.2 ट्रिलियन डॉलर का ट्रेड सरप्लस हासिल किया।   जन्म दर गिरने के कारण   जन्म दर में गिरावट का मुख्य कारण दशकों से लागू “वन-चाइल्ड” नीति और उसके बाद भी बच्चों को पालने की बढ़ती लागत, बदलती सामाजिक प्राथमिकताएं, शिक्षा स्तर मे...
इजरायल ने ईरान पर अमेरिकी हमले का किया विरोध, सत्ता परिवर्तन का मौका क्यों गंवाया?
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इजरायल ने ईरान पर अमेरिकी हमले का किया विरोध, सत्ता परिवर्तन का मौका क्यों गंवाया?

    तेल अवीव/वॉशिंगटन: अमेरिकी सूत्रों ने खुलासा किया है कि इजरायल ने अमेरिका को ईरान पर संभावित सैन्य हमले से रोक दिया। अमेरिकी प्रशासन ने इजरायल के इस तर्क को मान्यता देते हुए हमला स्थगित कर दिया।   इजरायल ने अमेरिका को स्पष्ट किया कि कोई भी सीमित सैन्य कार्रवाई ईरान में शासन परिवर्तन सुनिश्चित नहीं कर पाएगी। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, अगर ईरान दुर्लभ परिस्थितियों में भी 700 मिसाइलों तक हमला करता है, तो जून में हुए 500 बैलिस्टिक मिसाइल हमले के समय जितना नुकसान हुआ था, लगभग वही नुकसान इस बार भी हो सकता है।   इजरायल का मानना था कि अमेरिकी हमला ईरान की सरकार को गिराने में असफल रहेगा, जबकि इसके कारण इजरायल को गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी वजह से उसने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी कि हमला करना जोखिम भरा हो सकता है और लंबे संघर्ष की स्थिति पैदा कर सकता है। &nb...
यूरोप की सबसे शक्तिशाली सेना बना रहा जर्मनी, भारत के ‘अग्निवीर’ मॉडल से प्रेरणा
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यूरोप की सबसे शक्तिशाली सेना बना रहा जर्मनी, भारत के ‘अग्निवीर’ मॉडल से प्रेरणा

    बर्लिन: रूस के बढ़ते खतरे के बीच जर्मनी अपनी सेना को फिर से यूरोप की सबसे शक्तिशाली बनाने की राह पर है। जर्मनी में अब 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के लिए आर्मी में शामिल होना नई सरकारी योजना के तहत वॉलंटरी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है। यह योजना जर्मनी को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार यूरोप की सबसे मजबूत पारंपरिक सेना बनाने में मदद करेगी।   पिछले साल जर्मनी की सक्रिय सैन्य शक्ति 1,84,000 थी, जो हाल ही में बढ़कर 1,86,500 हो गई है। चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने संसद में स्पष्ट किया कि बुंडेसवेहर को “यूरोप की सबसे मजबूत पारंपरिक सेना” बनने की आवश्यकता है।   पॉट्सडैम स्थित बुंडेसवेहर सेंटर ऑफ मिलिट्री हिस्ट्री एंड सोशल साइंसेज के सीनियर रिसर्चर टिमो ग्राफ ने कहा, “यह लंबे समय में हमारी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति है और 2021 के बाद हमारी सबसे मजबूत सेना।”   जर्...