Friday, July 24

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दावोस में नई बम-प्रूफ सुपर कार से पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप, जानें कितनी ताकतवर है अमेरिकी राष्ट्रपति की लिमोजिन
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दावोस में नई बम-प्रूफ सुपर कार से पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप, जानें कितनी ताकतवर है अमेरिकी राष्ट्रपति की लिमोजिन

    दावोस: स्विट्जरलैंड के दावोस में हो रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ नई कैडिलैक एस्केलेड प्रेसिडेंशियल लिमोजिन देखी गई। इसे अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के बेड़े का नया एडिशन माना जा रहा है।   रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप दावोस के लिए VC-25A एयर फोर्स वन से निकले थे, लेकिन इलेक्ट्रिकल समस्या के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने यूएस मरीन कॉर्प्स के VH-60N हेलीकॉप्टर के जरिए ज्यूरिख से दावोस का सफर तय किया। वहां उनका स्वागत मोटरकेड के साथ हुआ, जिसमें कम से कम दो एस्केलेड और कई शेवी सबअर्बन SUV शामिल थीं।   कार की सुरक्षा और तकनीक: दावोस से सामने आई तस्वीरों में ट्रंप की नई एस्केलेड में भारी बख्तरबंद सुरक्षा दिखाई दी। खासकर आगे की विंडशील्ड और दरवाजों के आसपास इसे मजबूत बनाया गया है। कार की छत और ड्राइवर की सीट क...
इंडोनेशिया में मिली दुनिया की सबसे पुरानी रॉक आर्ट, 67,800 साल पुराने हैं हाथों के निशान
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इंडोनेशिया में मिली दुनिया की सबसे पुरानी रॉक आर्ट, 67,800 साल पुराने हैं हाथों के निशान

    जकार्ता: इंडोनेशिया के सुलावेसी तट पर स्थित एक गुफा में पुरातत्वविदों ने दुनिया की सबसे पुरानी रॉक आर्ट की खोज की है। गुफा की दीवारों पर बने हाथ के स्टेंसिल कम से कम 67,800 साल पुराने हैं। यह खोज मानव इतिहास और शुरुआती माइग्रेशन के रहस्यों को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।   इंडोनेशियाई और ऑस्ट्रेलियाई पुरातत्वविदों की टीम ने इस खोज को नेचर जर्नल में प्रकाशित किया है। टीम के सह-लेखक और ऑस्ट्रेलिया की ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के पुरातत्वविद मैक्सिम ऑबर्ट ने बताया, "हम जो देख रहे हैं वह एक बहुत गहरी और प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा का धीरे-धीरे खुलासा है, जो हाल तक हमारे लिए अदृश्य थी।"   शोधकर्ताओं ने गुफा की दीवारों पर लाल गेरू से बनाए गए नुकीले उंगलियों वाले हाथों के स्टेंसिल पाए। यह स्टाइल केवल सुलावेसी में देखी गई है और इसकी उम्र स्पेन की गुफाओं में पाए गए स...
कनाडा के पीएम का बड़ा बयान: भारत जैसी देशों को संभालनी होगी विश्व व्यवस्था, दिल्ली को नजरअंदाज करना गलती
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कनाडा के पीएम का बड़ा बयान: भारत जैसी देशों को संभालनी होगी विश्व व्यवस्था, दिल्ली को नजरअंदाज करना गलती

    दावोस: स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वैश्विक राजनीति में मध्यम शक्तियों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाली मौजूदा विश्व व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। उन्होंने भारत और चीन जैसी देशों के महत्व को रेखांकित किया और चेतावनी दी कि इन्हें नजरअंदाज करना बड़ी गलती होगी।   कार्नी ने अपने भाषण में कहा, "अमेरिका ने दशकों तक वैश्विक राजनीति को संभाला है, लेकिन अब यह व्यवस्था टूट रही है। मध्यम शक्तियों को एकजुट होकर काम करना होगा। यदि आप मेज पर नहीं हैं, तो आप मेनू पर हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी ताकतों को खुश करने से सुरक्षा नहीं मिलती और मध्यम देशों के लिए एकजुटता ही वर्तमान परिदृश्य में सबसे बड़ा विकल्प है।   कार्नी ने खासतौर से भारत का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली को नए ग्लोबल ऑर्डर में अह...
यूरोप बाहर, पुतिन अंदर: ट्रंप का बोर्ड ऑफ पीस पश्चिमी एकता को तोड़ सकता है
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यूरोप बाहर, पुतिन अंदर: ट्रंप का बोर्ड ऑफ पीस पश्चिमी एकता को तोड़ सकता है

  वॉशिंगटन/मॉस्को/दावोस: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की खबर ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। बोर्ड का उद्देश्य गाजा में युद्धविराम समझौते की निगरानी और क्षेत्रीय शांति स्थापित करना है, लेकिन यूरोप की बड़ी शक्तियों ने इसमें भाग लेने से इनकार कर दिया है।   क्रेमलिन ने बताया कि रूस इस न्योते का जवाब तब देगा जब विदेश मंत्रालय इसे पूरी तरह समीक्षा कर ले और रणनीतिक साझेदारों से विचार-विमर्श कर ले। रूस ने बोर्ड में स्थायी सदस्यता के लिए 1 अरब डॉलर शुल्क के संदर्भ में भी दांव खेला है और कहा है कि यह शुल्क यूक्रेन युद्ध के बाद जब्त की गई रूसी संपत्तियों से ही भुगतान किया जाएगा।   ट्रंप ने दुनिया के 59 नेताओं को बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा है। अब तक इजरायल, मिस्र, सऊदी अरब, यूएई, तुर्की, मोरक्क...
पाकिस्तान गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल, शहबाज सरकार के फैसले पर मचा बवाल
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पाकिस्तान गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल, शहबाज सरकार के फैसले पर मचा बवाल

  इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा को लेकर बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का फैसला किया है। इस बोर्ड की स्थापना मुख्य रूप से गाजा में युद्धविराम समझौते की निगरानी और क्षेत्र में शांति कायम करने के उद्देश्य से की गई है।   पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने इसकी पुष्टि की और बताया कि यह कदम गाजा शांति योजना के समर्थन में उठाया गया है। विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान ने ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का न्योता स्वीकार कर लिया है।   हालांकि, शहबाज शरीफ सरकार के इस फैसले का देश के भीतर विरोध शुरू हो गया है। पूर्व सीनेटर मुस्तफा नवाज खोखर ने कहा कि बिना किसी सार्वजनिक बहस और संसद की राय के पाकिस्तान को इस बोर्ड में शामिल कर दिया गया, जो सरकार की जनता के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने...
भारत और यूरोपीय संघ करेंगे बड़ी रक्षा डील, दिल्ली में होगा ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन
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भारत और यूरोपीय संघ करेंगे बड़ी रक्षा डील, दिल्ली में होगा ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन

  ब्रसेल्स/नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) अगले सप्ताह नई दिल्ली में होने वाले शिखर सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने यूरोपीय संसद में इस ऐलान की पुष्टि की।   काजा कलास ने बताया कि यह साझेदारी एक व्यापक रणनीतिक एजेंडे का हिस्सा होगी और इसमें समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी उपाय और साइबर-डिफेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल होंगे। उन्होंने कहा, "आज EU ने नई सुरक्षा और रक्षा पार्टनरशिप पर आगे बढ़ने के लिए सहमति जताई है। अगले सप्ताह नई दिल्ली में EU-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।"   उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस शिखर सम्मेलन में भारत और EU के बीच मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा की भी उम्मीद है। काजा कलास ने कहा, "कुछ ही दिनों में यूरोपियन यूनियन और भार...
ग्रीनलैंड पर ट्रंप का यू-टर्न: यूरोपीय देशों पर टैरिफ का फैसला पलटा
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ग्रीनलैंड पर ट्रंप का यू-टर्न: यूरोपीय देशों पर टैरिफ का फैसला पलटा

    वॉशिंगटन/दावोस: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने के अपने फैसले को वापस ले लिया है। इससे पहले ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया था कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण के लिए वे किसी भी सैन्य कार्रवाई का सहारा नहीं लेंगे।   दावोस में NATO के प्रमुख मार्क रट के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित टैरिफ अब लागू नहीं होंगे। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "NATO प्रमुख मार्क रट के साथ मेरी बहुत उत्पादक बैठक हुई। हमने ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र को लेकर भविष्य की डील का फ्रेमवर्क तय किया है। यह अमेरिका और उसके NATO सहयोगियों दोनों के लिए फायदेमंद होगा। इसलिए मैंने यूरोपीय देशों पर लगाए जाने वाले टैरिफ को रद्द कर दिया है।"   ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अपने भाषण में यह भी...
डिएगो गार्सिया बेस और चागोस द्वीप विवाद: ट्रंप ने कहा ‘बेवकूफी’, मॉरीशस ने दिया करारा जवाब
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डिएगो गार्सिया बेस और चागोस द्वीप विवाद: ट्रंप ने कहा ‘बेवकूफी’, मॉरीशस ने दिया करारा जवाब

वॉशिंगटन/बीजिंग: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे और चागोस द्वीप समूह को लेकर ब्रिटेन पर निशाना साधा। उन्होंने ब्रिटेन के फैसले को "बहुत बड़ी बेवकूफी" करार दिया, जिसमें ब्रिटेन ने चागोस द्वीप समूह को मॉरीशस को सौंपने पर सहमति जताई थी। चागोस द्वीप और डिएगो गार्सिया बेस क्या हैं? चागोस द्वीप समूह मध्य हिंद महासागर में स्थित लगभग 60 द्वीपों का समूह है। इसका सबसे बड़ा द्वीप डिएगो गार्सिया है, जिस पर अमेरिका-ब्रिटेन का एक महत्वपूर्ण सैन्य बेस मौजूद है। यह बेस अमेरिकी नौसेना के जहाजों के लिए सर्विस स्टेशन और लंबी दूरी के बॉम्बर में ईंधन भरने के लिए अहम है। इसके अलावा, डिएगो गार्सिया का स्थान निगरानी और खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए भी अत्यंत रणनीतिक माना जाता है। यहाँ लगभग 4,000 अमेरिकी और ब्रिटिश सैन्य और नागरिक अधिकारी तैनात हैं। ...
New World Order: अमेरिका नहीं, मैं हूं दुनिया का असली नेता, चीन का बड़ा ऐलान
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New World Order: अमेरिका नहीं, मैं हूं दुनिया का असली नेता, चीन का बड़ा ऐलान

बीजिंग: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक और मनमानी विदेश नीति के बीच चीन ने खुद को दुनिया का नया नेतृत्वकर्ता साबित करने की रणनीति शुरू कर दी है। ट्रंप ने टैरिफ और धमकियों के जरिए वैश्विक सहयोगियों पर दबाव बनाया है, जिससे कई देश अब चीन की ओर झुक रहे हैं। चीन ने खुद को बताया वैकल्पिक वैश्विक नेता ट्रंप की ग्रीनलैंड पर चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद, चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने सालाना अल्पाइन बैठक में कहा कि बीजिंग "लगातार साझा भविष्य वाले समुदाय की सोच पर काम कर रहा है और बहुपक्षवाद व मुक्त व्यापार का समर्थन करने में दृढ़ है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "हम सहयोग और एकजुटता को प्राथमिकता दे रहे हैं, और फूट व टकराव के बजाय समाधान पेश कर रहे हैं। दुनिया की आम समस्याओं के लिए चीन समाधान प्रस्तुत कर रहा है।" विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की यह रणनीति ट्रंप प्रशासन की विदेशी नीति के झ...
भारत के 3,300 बनेई मेनाशे समुदाय के लोग कब इज़राइल जाएंगे? नेतन्याहू की मंजूरी के बावजूद देरी जारी
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भारत के 3,300 बनेई मेनाशे समुदाय के लोग कब इज़राइल जाएंगे? नेतन्याहू की मंजूरी के बावजूद देरी जारी

नई दिल्ली/तेल अवीव: भारत में रहने वाले बनेई मेनाशे यहूदी समुदाय के 3,300 सदस्यों को इज़राइल भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन उनका जाने का समय अभी तय नहीं हो सका है। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मंजूरी के बाद भारत में यहूदी जनजातियों की स्क्रीनिंग की प्रक्रिया शुरू हुई। दिसंबर 2025 में आइजोल और कोलासिब में कैंप लगाकर इन आवेदकों का इंटरव्यू किया गया और शॉर्टलिस्ट किया गया। इंटरव्यू प्रक्रिया सीधे इज़राइली सरकार द्वारा संचालित की गई थी, जिसमें 25 सदस्यों वाला प्रतिनिधिमंडल शामिल था। टीम का नेतृत्व इज़राइल के अलियाह और एब्जॉर्प्शन मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर-जनरल रैंक के अधिकारी ने किया। यह पहला मौका था जब एक दशक के अंतराल के बाद इतनी बड़ी संख्या में इंटरव्यू आयोजित किए गए। पिछली बार 2015 में हुए इंटरव्यू के बाद प्रवासियों का आखिरी बैच 2021 में “शावेई इज़राइल” योजना...