Thursday, July 23

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AI से खुद को बदल रही भारतीय सेना, आम आदमी के लिए भी बन रही हाईटेक तकनीकें
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AI से खुद को बदल रही भारतीय सेना, आम आदमी के लिए भी बन रही हाईटेक तकनीकें

भारतीय सेना अब सिर्फ युद्धभूमि तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से खुद को पूरी तरह से अपग्रेड कर रही है। इंडियन आर्मी ने हाल ही में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में कई स्वदेशी AI एप्लिकेशंस का प्रदर्शन किया, जिन्हें न केवल सेना बल्कि आम नागरिक भी विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग कर सकते हैं। सेना का कहना है कि ये तकनीकें शिक्षा, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। यह सभी ऐप्लिकेशंस सेना के इन-हाउस डेवलप किए गए हैं और इन्हें ड्यूल यूज यानी सैन्य और सिविल दोनों रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रमुख AI तकनीकें और उनके उपयोग 1. Vehicle Tracking SystemAI आधारित यह फ्लीट मॉनिटरिंग सिस्टम GPS टेलीमेट्री, डेटा एनालिटिक्स और रियल-टाइम डैशबोर्ड के जरिए काफिले और लॉजिस्टिक्स की निगरानी ...
अब कोई अनजान आपकी कॉल नहीं सुन पाएगा, Jio ने MyJio ऐप में पेश किया नया फीचर
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अब कोई अनजान आपकी कॉल नहीं सुन पाएगा, Jio ने MyJio ऐप में पेश किया नया फीचर

नई दिल्ली: रिलायंस जियो ने अपने MyJio ऐप में यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए एक नया फीचर पेश किया है। अब ग्राहक सीधे ऐप के जरिए वॉयस और वीडियो कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग्स मैनेज कर सकते हैं, बिना फोन की डिफॉल्ट सेटिंग्स में जाए। कॉल फॉरवर्डिंग से कैसे खतरा होता था कॉल फॉरवर्डिंग एक ऐसी सुविधा है, जिसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर कोई आपके नंबर पर कॉल फॉरवर्डिंग ऑन कर दे, तो वह आपकी सारी कॉल्स सुन सकता है। इससे बचने के लिए जियो ने यह नया फीचर ऐप में पेश किया है, जिससे यूजर्स सीधा MyJio ऐप में जाकर अपने कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग्स को कंट्रोल कर सकते हैं। फीचर इस्तेमाल करने की शर्त इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए फोन में मोबाइल डेटा ऑन होना जरूरी है। वाई-फाई के माध्यम से यह सुविधा काम नहीं करेगी। कैसे करें इस्तेमाल अपने फोन में MyJio ऐप खोलें। प्रोफाइल आइकन पर टैप करे...
इंटरनेट के ‘पितामह’ डेविड जे. फार्बर नहीं रहे, 91 साल की उम्र में ली आखिरी सांस
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इंटरनेट के ‘पितामह’ डेविड जे. फार्बर नहीं रहे, 91 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

टोक्यो: इंटरनेट के विकास में अहम योगदान देने वाले डेविड जे. फार्बर का 91 साल की उम्र में टोक्यो, जापान में निधन हो गया। उन्हें डिजिटल युग में ईमेल और नेटवर्किंग जैसी तकनीकों की भविष्यवाणी करने वाले ‘इंटरनेट का पितामह’ के रूप में याद किया जाएगा। बेटे ने दी निधन की जानकारी डेविड जे. फार्बर के बेटे इमानुएल फार्बर ने बताया कि उनके पिता का निधन हार्ट फेलियर के कारण हुआ। डेविड जे. फार्बर कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर थे और उन्होंने छात्रों को ऐसी शिक्षाएं दीं, जिनके कारण उनका नाम ग्लोबल इंटरनेट सिस्टम्स में शामिल हुआ। उन्होंने नेटवर्किंग और कंप्यूटिंग को जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 1950 के दशक में शुरू हुआ करियर डेविड जे. फार्बर ने अपना करियर 1950 के दशक में बेल लैबोरेटरीज में शुरू किया। उनकी रिसर्च ने कंप्यूटिंग को नेटवर्क कम्युनिकेशन की दिशा में अग्रसर किया, जो आगे चलकर इंटरनेट की नींव...
अब मोबाइल ऐप पर होगी बिजली की खरीद-बिक्री, दिल्ली में शुरू होने जा रही वर्चुअल नेट मीटरिंग
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अब मोबाइल ऐप पर होगी बिजली की खरीद-बिक्री, दिल्ली में शुरू होने जा रही वर्चुअल नेट मीटरिंग

नई दिल्ली: अब दिल्ली में उपभोक्ता सोलर बिजली को मोबाइल ऐप के जरिए खरीद-बेच सकेंगे। दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने वर्चुअल नेट मीटरिंग की नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसके तहत लोग आपस में अतिरिक्त बिजली बेच सकते हैं और साझा सोलर प्लांट की बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं। वर्चुअल नेट मीटरिंग क्या है? वर्चुअल नेट मीटरिंग एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके जरिए सोलर बिजली का इस्तेमाल उन लोगों द्वारा भी किया जा सकेगा, जिनके पास अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने की जगह नहीं है। इसके तहत एक ही सोलर प्लांट से उत्पन्न बिजली को कई उपभोक्ताओं में बांटा जा सकेगा। उदाहरण के लिए, एक बिल्डिंग के 20 लोग मिलकर किसी खाली जगह पर कॉमन सोलर प्लांट लगा सकते हैं और उसका फायदा सभी के स्मार्ट मीटर पर दिखाई देगा। फायदा क्या होगा? सोलर बिजली बनाने वाले उपभोक्ता अपनी अतिरिक्त बिजली बेचकर आय कमा सकेंगे। उ...
‘कट जाएगा पानी का कनेक्शन’ का झांसा, आर्मी ऑफिसर से लूटे 8.83 लाख रुपये
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‘कट जाएगा पानी का कनेक्शन’ का झांसा, आर्मी ऑफिसर से लूटे 8.83 लाख रुपये

जम्मू-कश्मीर: साइबर अपराधियों ने जम्मू-कश्मीर के टेरिटोरियल आर्मी के डिप्टी कमांडर को पानी का बिल न भरने की धमकी देकर 8.83 लाख रुपये ठग लिए। अपराधियों ने अपने जाल में फंसाने के लिए व्हाट्सऐप कॉल के जरिए एक फर्जी APK फाइल इंस्टॉल करने को कहा। साइबर ठगी का तरीका आरोपी खुद को PHE विभाग का अधिकारी बताकर कॉल किए। उन्होंने डिप्टी कमांडर को धमकाया कि अगर बिल समय पर नहीं भरा गया तो उनका पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद व्हाट्सऐप पर भेजे गए नकली पेमेंट लिंक और APK फाइल डाउनलोड कराने के जाल में ऑफिसर फंस गए। APK फाइल इंस्टॉल होते ही अपराधियों को बैंक अकाउंट का पूरा एक्सेस मिल गया। इसके बाद मिनटों में बैंक अकाउंट से कई ट्रांजैक्शन किए गए और 8.83 लाख रुपये निकाल लिए गए। नुकसान और शिकायत अधिकारियों को तुरंत अपने फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग्स अकाउंट में अनधिकृत ट्रांजैक्शन का पता चला। उन्होंन...
हर छठे इंसान की समस्या सुलझा रहा AI, भारतीय यूजर्स में तेजी
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हर छठे इंसान की समस्या सुलझा रहा AI, भारतीय यूजर्स में तेजी

नई दिल्ली: आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) ने भारतीय समाज और उद्योग में तेजी से पैठ बना ली है। इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान सामने आए आंकड़ों के मुताबिक 86% भारतीय कंपनियां AI का इस्तेमाल कर रही हैं और 14% भारतीय आबादी AI डिवाइसेज चला रही है। इसका मतलब है कि AI दुनिया के हर छठे व्यक्ति की समस्या को सुलझा रहा है। ग्लोबल और भारत का AI बाजार ग्लोबल AI मार्केट: 288.8 अरब डॉलर US निवेश: 109.08 अरब डॉलर चीन निवेश: 9.29 अरब डॉलर भारत निवेश: 1.16 अरब डॉलर Microsoft का हिस्सा: 39% भारतीय AI बाजार: 7.63 अरब डॉलर भारत में Gen-AI ऐप डाउनलोड: 3.8 अरब (16% ग्लोबल डाउनलोड) इंडिया AI मिशन का बजट: 10,371.92 करोड़ रुपये इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में क्या है खास नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस समिट में 100 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। 500 कंपन...
भारत का पहला ऑफलाइन AI प्लेटफॉर्म, Sarvam Edge लॉन्च: फोन और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट चलेगा AI
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भारत का पहला ऑफलाइन AI प्लेटफॉर्म, Sarvam Edge लॉन्च: फोन और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट चलेगा AI

नई दिल्ली: भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI ने भारत में Sarvam Edge नामक नया AI प्लेटफॉर्म लॉन्च कर दिया है, जो फोन और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी काम करेगा। इसका उद्देश्य AI तकनीक को आम लोगों तक पहुँचाना है, चाहे वे महंगे इंटरनेट प्लान या क्लाउड सर्वर का उपयोग न कर सकें। ऑन-डिवाइस AI का नया युग Sarvam Edge अपने डिवाइस की प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल करता है और डेटा को क्लाउड पर भेजे बिना काम करता है। इसका मतलब है कि आपका डेटा 100% सुरक्षित रहेगा। प्लेटफॉर्म 10 प्रमुख भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और यह खुद पहचान लेता है कि आप कौन सी भाषा बोल रहे हैं। Sarvam Edge ऑफलाइन भी स्पीच-टू-टेक्स्ट, ट्रांसलेशन और टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसी भारी-भरकम प्रक्रियाएं कर सकता है। इससे नेटवर्क की समस्या के चलते काम रुकने की चिंता नहीं रहेगी। स्मार्टफोन और लैपटॉप के लिए खास डिजाइन Sarvam AI ने Sarvam Ed...
भारत में ChatGPT का दबदबा, हर हफ्ते 10 करोड़ एक्टिव यूजर्स के साथ बना अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार
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भारत में ChatGPT का दबदबा, हर हफ्ते 10 करोड़ एक्टिव यूजर्स के साथ बना अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार

नई दिल्ली: इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 से पहले OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने खुलासा किया कि भारत में हर हफ्ते 10 करोड़ (100 मिलियन) एक्टिव ChatGPT यूजर्स हैं। यह आंकड़ा भारत को अमेरिका के बाद ChatGPT का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बनाता है। युवा और छात्र बन रहे प्रमुख यूजर ऑल्टमैन ने बताया कि भारत में सबसे ज्यादा ChatGPT का इस्तेमाल छात्रों द्वारा किया जा रहा है। भारतीय छात्रों ने इसे पढ़ाई, प्रोजेक्ट, इंटरव्यू तैयारी और अन्य लर्निंग वर्कफ्लो में अपनाया है। इसी वजह से भारत AI कंपनियों के लिए एक बड़ा ग्रोथ सेगमेंट बन गया है। भारत में OpenAI की रणनीति काम आई OpenAI ने भारत की युवा आबादी और एक अरब से अधिक इंटरनेट यूजर्स को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति बनाई। अगस्त 2025 में नई दिल्ली में OpenAI का ऑफिस खोला गया और भारत के प्राइस-सेंसिटिव मार्केट के लिए खास प्लान पेश किए। इनमें 5 डॉलर (लगभग 450 रुपये...
देश का पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल, बेहतरीन फिल्मों को मिलेगा लाखों का इनाम
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देश का पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल, बेहतरीन फिल्मों को मिलेगा लाखों का इनाम

नई दिल्ली: 16 फरवरी, 2026 से भारत मंडपम में शुरू हो रही इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 के तहत 17 फरवरी को पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल (IAFF) आयोजित किया जाएगा। इस फेस्टिवल का आयोजन कुतुब मीनार में होगा और इसमें 500 से अधिक ग्लोबल लीडर, टेक दिग्गज और नीति निर्माता शामिल होंगे। इवेंट में फिल्मों की स्क्रीनिंग, पैनल डिस्कशन और 12,000 डॉलर (लगभग 11 लाख रुपये) के पुरस्कार के साथ एक अवॉर्ड सेरेमनी होगी। IAFF का उद्देश्य ग्लोबल AI इनोवेशन को भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के साथ जोड़ना और AI विजुअल स्टोरीटेलिंग में नई दिशा दिखाना है। कौन-कौन होंगे शामिल फेस्टिवल में मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, OpenAI, गूगल और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के लीडर्स, निवेशक और पॉलिसीमेकर हिस्सा लेंगे। खास स्पीकर्स में एनवीडिया के एशिया साउथ मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल धूपर भी शामिल हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा इवेंट की शुरुआत रेड-कार्प...
ChatGPT की ताकत बढ़ाने OpenClaw के क्रिएटर पीटर स्टीनबर्गर हुए OpenAI में शामिल
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ChatGPT की ताकत बढ़ाने OpenClaw के क्रिएटर पीटर स्टीनबर्गर हुए OpenAI में शामिल

नई दिल्ली: OpenClaw बनाने वाले मशहूर टेक एक्सपर्ट पीटर स्टीनबर्गर अब OpenAI के साथ जुड़ गए हैं। उनके आने से ChatGPT और अन्य AI एजेंट्स और अधिक एडवांस और आसान इस्तेमाल वाले बनेंगे। पीटर स्टीनबर्गर ने बताया कि उनका उद्देश्य AI को इतना सरल बनाना है कि उनकी मां भी इसे बिना किसी तकनीकी ज्ञान के इस्तेमाल कर सकें। OpenAI के साथ जुड़कर वह पर्सनल AI एजेंट्स के विकास पर काम करेंगे, जो ईमेल मैनेज करना, रेस्टोरेंट बुक करना और फ्लाइट चेक-इन जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों को आसान बनाएंगे। OpenClaw का भविष्य OpenClaw, जिसे पहले ClawBot के नाम से भी जाना जाता था, अब फाउंडेशन के तौर पर ओपन-सोर्स बना रहेगा। OpenAI इसे सपोर्ट करती रहेगी। पीटर ने कहा कि OpenAI जैसी संस्था के साथ जुड़ना उनके प्रोजेक्ट को तेज़ी से दुनिया के सबसे एडवांस AI मॉडल तक पहुँचाने का रास्ता है। अगला मिशन पीटर का अगला लक्ष्य AI को इतना...