
धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सालय में इथिकल कमेटी के समक्ष 17 पीजी विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की शोध प्रबंध की रूपरेखा

उज्जैन | सद्वार्ता

शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, उज्जैन में शनिवार को इथिकल कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के 17 स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों ने अपने शोध प्रबंध की विस्तृत रूपरेखा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से प्रस्तुत की।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. ओ.पी. व्यास ने बताया कि पीजी विद्यार्थियों द्वारा दोपहर 2 बजे से शोध योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। इनमें कायचिकित्सा विभाग से 4, द्रव्यगुण से 5, रचना शरीर से 2, पंचकर्म से 3 तथा प्रसूति तंत्र विभाग से 3 विद्यार्थियों ने अपने शोध कार्य की रूपरेखा प्रस्तुत कर जानकारी दी।
बैठक की अध्यक्षता इथिकल कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अजीत पाल सिंह चौहान ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शोध कार्य राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (NCISM), नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (MPMSU), जबलपुर की निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप किया जाना चाहिए। उन्होंने शोध में गुणवत्ता, नैतिकता और वैज्ञानिक मानकों का विशेष ध्यान रखने पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य डॉ. ओ.पी. व्यास ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया।
बैठक में शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय, इंदौर से प्रतिनिधि एवं सदस्य डॉ. सिद्धेश्वर सतुआ, विधि विशेषज्ञ श्रीमती समता पटेल, डॉ. रूचि बघेल, आर.डी. गार्डी मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्रोफेसर डॉ. अजय कीर्ति जैन, डॉ. सुनीता डीराम, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वंदना सराफ, समन्वय सदस्य डॉ. योगेश वाणे, सदस्य सचिव डॉ. शिरोमणि मिश्रा तथा वरिष्ठ नागरिक सदस्य श्री भैरूलाल माहेश्वरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिरोमणि मिश्रा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. योगेश वाणे ने व्यक्त किया। तकनीकी सहयोग श्री नारायण सूर्यवंशी ने प्रदान किया।
इस संबंध में जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रकाश जोशी द्वारा दी गई।


