

नई दिल्ली, 22 जुलाई (सद्वार्ता)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर छात्रों के मुद्दे से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों के हितों के प्रति गंभीर है, तो उसे बुधवार को ही संसद के दोनों सदनों में इस विषय पर विस्तृत चर्चा करानी चाहिए।

प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने और बाद में रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने मंगलवार सुबह लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने का आग्रह किया था। उनके अनुसार, अध्यक्ष ने कहा कि इसके लिए सरकार की अनुमति आवश्यक होगी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इससे स्पष्ट है कि सरकार इस विषय पर चर्चा नहीं चाहती।
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दे करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़े हैं। ऐसे में सरकार को इन विषयों पर संसद में खुली चर्चा कर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सियासी मायने भी तलाशे जा रहे हैं
राहुल गांधी द्वारा छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाने को राजनीतिक विश्लेषक आगामी लोकसभा चुनावों के संदर्भ में भी देख रहे हैं। उनका मानना है कि विपक्ष शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे मुद्दों के माध्यम से युवा मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, विपक्ष ने अपने अभियान को छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग से जुड़ा आंदोलन बताया है।
दूसरी ओर, भाजपा का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दों का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार और युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
छात्रों के मुद्दे पर बढ़ता राजनीतिक टकराव अब संसद से लेकर सड़कों तक पहुंच गया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस विषय पर संसद में चर्चा कराती है या नहीं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा किस दिशा में आगे बढ़ता है।


