Thursday, July 23

technology

बस 5 साल में पूरी मानवता से स्मार्ट होगा AI, एलन मस्क ने दावोस में की भविष्यवाणियाँ
technology

बस 5 साल में पूरी मानवता से स्मार्ट होगा AI, एलन मस्क ने दावोस में की भविष्यवाणियाँ

  वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम, दावोस 2026 में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और टेस्ला व स्टारलिंक जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क ने तकनीक और भविष्य को लेकर कई अहम बातें कही। मस्क ने दावा किया कि अगले पांच साल यानी 2031 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सामूहिक रूप से पूरी मानवता से ज्यादा स्मार्ट हो जाएगा। मस्क ने कहा, “इस साल या निश्चित रूप से अगले साल तक हमारे पास ऐसा AI होगा, जो इंसानों की तुलना में अधिक बुद्धिमान होगा।” उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब वे AI को लेकर सकारात्मक नजरिया दिखा रहे हैं; मस्क पहले भी इस तकनीक के संभावित लाभ और जोखिमों पर अपनी राय दे चुके हैं।   एलियंस पर मस्क का नजरिया एलियंस और अंतरिक्ष जीवन को लेकर दुनियाभर में लंबे समय से चर्चा होती रही है। दावोस में मस्क ने कहा कि 9,000 से अधिक सैटेलाइटों के बावजूद अब तक किसी एलियन स्पेसशिप के कारण हमारी दिशा में ...
दक्षिण कोरिया ने पेश किया दुनिया का पहला ‘AI कानून’, स्टार्टअप्स में मची खलबली
technology

दक्षिण कोरिया ने पेश किया दुनिया का पहला ‘AI कानून’, स्टार्टअप्स में मची खलबली

यूरोपियन यूनियन (EU) को पीछे छोड़ते हुए दक्षिण कोरिया ने दुनिया का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेसिक एक्ट पेश कर दिया है। नए कानून के तहत कंपनियों को ग्राहकों को पहले से बताना होगा कि वे AI आधारित प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा, AI से बनी सभी चीजों पर स्पष्ट लेबल या वॉटरमार्क लगाना अनिवार्य होगा।   AI बेसिक एक्ट क्या है? दक्षिण कोरिया के नए AI कानून के अनुसार, कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में AI के इस्तेमाल पर इंसानी निगरानी अनिवार्य होगी। इनमें परमाणु सुरक्षा, पीने के पानी का उत्पादन, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं और वित्तीय लेनदेन शामिल हैं। AI कंपनियों को ग्राहकों को पहले से सूचित करना होगा और AI से बनी चीजों को पहचानने योग्य बनाना होगा। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि AI जनित कंटेंट कभी-कभी असली जैसी दिखती है और लोगों के लिए इसे अलग पहचानना मुश्किल हो जाता है।   स...
नरक में बदल गई चार आईटी प्रोफेशनल्स की जिंदगी, सोशल मीडिया का एक लिंक पड़ा भारी
technology

नरक में बदल गई चार आईटी प्रोफेशनल्स की जिंदगी, सोशल मीडिया का एक लिंक पड़ा भारी

  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नौकरी के झांसे में फंसना भारतीय युवाओं के लिए भारी पड़ सकता है। विदेश में अच्छी कमाई का लालच देकर चार आईटी प्रोफेशनल्स को म्यांमार ले जाकर वहां जबरन साइबर अपराध कराए गए।   नौकरी का झांसा और विश्वास जीतना पीड़ितों ने बताया कि इंस्टाग्राम पर डेटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी के विज्ञापन देख कर उन्होंने लिंक पर क्लिक किया। लिंक के जरिए उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया और सुरक्षित विदेशी नौकरी, अच्छे वेतन और शानदार रहने की सुविधा का भरोसा दिलाया गया। पासपोर्ट बनवाने के लिए कहा गया और जिनके पास पैसे नहीं थे, उनके अकाउंट में 10,000 रुपये भेजे गए।   थाईलैंड से म्यांमार तक का डरावना सफर पासपोर्ट बन जाने के बाद युवाओं को फ्लाइट टिकट भेजकर थाईलैंड बुलाया गया। वहां उन्हें फाइव-स्टार होटल में ठहराया गया, फिर छह–सात बार गाड़ी बदलकर म्यांमार ल...
सिम कार्ड का एक कोना कटा क्यों होता है? डिजाइन से आगे की बात, जानें पीछे का विज्ञान
technology

सिम कार्ड का एक कोना कटा क्यों होता है? डिजाइन से आगे की बात, जानें पीछे का विज्ञान

क्या आपने कभी गौर किया है कि हर सिम कार्ड का एक कोना कटा हुआ होता है? यह सिर्फ डिजाइन का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कारण है, जो आपके फोन और सिम कार्ड दोनों को सुरक्षित रखता है।   सिम कार्ड का इतिहास और आकार सिम कार्ड की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी। तब ये कार्ड आज के क्रेडिट कार्ड जितने बड़े हुआ करते थे। जैसे-जैसे मोबाइल फोन छोटे हुए, सिम कार्ड का आकार भी मिनी, माइक्रो और अंततः नैनो सिम में बदल गया। यूरोपीय दूरसंचार मानक संस्थान (ETSI) ने इस कटे कोने वाले डिज़ाइन को अपनाया ताकि पूरी दुनिया में सिम कार्ड का एक ही मानक हो। आकार बदलने के बावजूद कटे हुए कोने का डिज़ाइन आज भी अपरिवर्तित है, क्योंकि यह सरल होने के साथ-साथ संचार सुरक्षा के लिए भी बेहद प्रभावी है।   एक कोना क्यों कटा होता है? सिम कार्ड का एक कोना इसलिए कटा होता है ताकि यूजर इसे फोन में सह...
टेक न्यूज़, 23 जनवरी 2026 पुलिस के पास होगा जासूसी सॉफ्टवेयर, चोरी की किताबों से AI ट्रेनिंग देने का आरोप, ऐपल सिरी में बड़ा बदलाव, मोटोरोला सिग्नेचर भारत में लॉन्च
technology

टेक न्यूज़, 23 जनवरी 2026 पुलिस के पास होगा जासूसी सॉफ्टवेयर, चोरी की किताबों से AI ट्रेनिंग देने का आरोप, ऐपल सिरी में बड़ा बदलाव, मोटोरोला सिग्नेचर भारत में लॉन्च

नवभारत टाइम्स की प्रमुख टेक खबरों में 23 जनवरी को शामिल हैं: ऐपल सिरी में एआई चैटबॉट का नया अवतार, आयरलैंड में पुलिस को जासूसी सॉफ्टवेयर की मंजूरी की तैयारी, एनवीडिया पर चोरी किताबों से एआई ट्रेनिंग देने के आरोप, और मोटोरोला का प्रीमियम स्मार्टफोन भारत में लॉन्च।   ऐपल सिरी बनेगा AI चैटबॉट एप्पल अपने वॉइस असिस्टेंट सिरी को एआई चैटबॉट में बदलने की तैयारी कर रही है। नए सिरी में यूजर वन-टू-वन बातचीत कर सकेंगे, इमेज जनरेशन कर पाएंगे और स्क्रीन पर दिख रही दो तस्वीरों के बारे में पूछ सकते हैं। सिरी वॉइस और टेक्स्ट दोनों में सपोर्ट करेगा और जवाब आम बोलचाल की भाषा में देगा। रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव इस साल की दूसरी छमाही में पेश किया जा सकता है।   आयरलैंड में पुलिस के पास जासूसी सॉफ्टवेयर का अधिकार आयरलैंड सरकार एक नया कानून लाने की तैयारी में है, जिससे पुलिस को जासूसी सॉफ्टवेयर का...
Redmi Pad 2 Pro 5G: 27 दिन का अनुभव — डिस्प्ले और बैटरी ने किया प्रभावित, कुछ फीचर्स लगे औसत
technology

Redmi Pad 2 Pro 5G: 27 दिन का अनुभव — डिस्प्ले और बैटरी ने किया प्रभावित, कुछ फीचर्स लगे औसत

Redmi Pad 2 Pro का वाई-फाई वेरिएंट 24,999 रुपये में उपलब्ध है, जबकि 5G मॉडल की शुरुआती कीमत 27,999 रुपये है। इस टैबलेट की मुख्य खासियत इसकी बिल्ड क्वालिटी, डिस्प्ले और बैटरी हैं। टैबलेट का पिछला हिस्सा एल्यूमीनियम अलॉय से बना है और बैक कैमरा मॉड्यूल को एक अलग पैटर्न के साथ डिज़ाइन किया गया है। यदि आप नया टैबलेट खरीदने का सोच रहे हैं, तो आमतौर पर आपकी प्राथमिकताएँ अच्छी डिस्प्ले, दमदार बैटरी और संतोषजनक परफॉर्मेंस होंगी। 25–30 हजार रुपये की रेंज में Redmi Pad 2 Pro 5G इन सभी मानकों पर खरा उतरता है। मैंने इस टैब को 27 दिनों तक इस्तेमाल किया और इसके अच्छे और औसत फीचर्स का अनुभव साझा कर रहा हूँ। मजबूत, प्रीमियम लेकिन भारी Pad 2 Pro 5G का डिजाइन प्रीमियम और मजबूत है। इसका वजन 600 ग्राम से अधिक है, जो लंबे समय तक हाथ में पकड़ने पर थोड़ा भारी लगता है, खासकर बच्चों के लिए। इसका मोटा वजन 12,000mA...
ऑस्ट्रेलिया के कदम की तर्ज पर आंध्र प्रदेश में बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की तैयारी
technology

ऑस्ट्रेलिया के कदम की तर्ज पर आंध्र प्रदेश में बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की तैयारी

विशाखापत्तनम: ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने के बाद अब ऐसा कदम भारत में भी उठाया जा सकता है। दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने कहा है कि कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया पर दिखाए जाने वाले कंटेंट को पूरी तरह समझ नहीं पाते। ऐसे में उन्हें सुरक्षित रखने के लिए मजबूत कानूनी ढांचे की जरूरत है।   ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण पिछले महीने दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों को टिकटॉक, एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म चलाने से रोक दिया। बच्चों के लिए नए अकाउंट बनाना भी प्रतिबंधित है और पुराने अकाउंट को डिएक्टिवेट करना होगा। इस फैसले ने दुनिया भर में चर्चा पैदा की और पैरंट्स ने इसे सकारात्मक कदम माना।   आंध्र प्रदेश का प्लान मीडिया रिपोर्टों के...
इसी साल लॉन्च होगा OpenAI का पहला एआई गैजेट, स्मार्टफोन की जरूरत कम कर देगा
technology

इसी साल लॉन्च होगा OpenAI का पहला एआई गैजेट, स्मार्टफोन की जरूरत कम कर देगा

नई दिल्ली: एआई टेक्नोलॉजी के लिए मशहूर कंपनी OpenAI इसी साल अपनी पहली हार्डवेयर डिवाइस लॉन्च करने जा रही है। यह डिवाइस उपयोगकर्ताओं को स्मार्टफोन पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी और एआई से सीधे संवाद करने की सुविधा देगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गैजेट 2026 की दूसरी छमाही यानी जून से दिसंबर के बीच बाजार में आ सकता है।   गोली आकार के ईयरबड्स या एआई पेन कंपनी के पहले गैजेट के बारे में जानकारी अब तक आधिकारिक रूप से नहीं आई है, लेकिन लीक रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यह गोली आकार के दो ईयरबड्स हो सकते हैं, जो कान में फिट होंगे और चैटजीपीटी के साथ इंटीग्रेट होंगे। कुछ रिपोर्टों में इसे एआई पावर्ड पेन के रूप में भी बताया गया है। OpenAI का उद्देश्य केवल फैंसी गैजेट बनाना नहीं है, बल्कि एक ऐसा स्मार्ट टूल तैयार करना है जो उपयोगकर्ता को आसपास के माहौल और आवाज़ के संकेत समझने में मदद करेगा औ...
बैंक और UPI ऐप्स में जल्द आएगा ‘इमरजेंसी बटन’, एक क्लिक में ठगी रोकेगा डिजिटल फ्रॉड
technology

बैंक और UPI ऐप्स में जल्द आएगा ‘इमरजेंसी बटन’, एक क्लिक में ठगी रोकेगा डिजिटल फ्रॉड

नई दिल्ली: बढ़ते साइबर फ्रॉड और डिजिटल ठगी के मामलों को रोकने के लिए गृह मंत्रालय एक नया ‘इमरजेंसी बटन’ लाने की तैयारी में है। यह फीचर बैंक और UPI ऐप्स में जोड़ा जाएगा, जिससे ठगी का शक होने पर यूजर अपने खाते को तुरंत फ्रीज कर सकेगा। सरकार का यह कदम लोगों की मेहनत की कमाई को बचाने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।   इमरजेंसी बटन कैसे काम करेगा? गृह मंत्रालय ने इस विषय पर एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जिसमें RBI, इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), दिल्ली पुलिस के विशेषज्ञ और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। कमेटी इस समाधान पर काम कर रही है, जिसमें बैंक और UPI ऐप्स में किल स्विच या इमरजेंसी बटन को शामिल किया जाएगा। इस बटन को दबाते ही: खाते से होने वाली सभी ट्रांजेक्शन रियल-टाइम में रुक जाएंगी। ठगों तक पैसा नहीं पहुंच पा...
स्ट्रोक के मरीज फिर से बोल पाएंगे, कैम्ब्रिज के वैज्ञानिकों ने बनाया AI कॉलर डिवाइस Revoice
technology

स्ट्रोक के मरीज फिर से बोल पाएंगे, कैम्ब्रिज के वैज्ञानिकों ने बनाया AI कॉलर डिवाइस Revoice

नई दिल्ली: स्ट्रोक या अन्य न्यूरोलॉजिकल कारणों से बोलने में दिक्कत महसूस करने वाले मरीजों के लिए नई उम्मीद जग गई है। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक AI वियरेबल कॉलर बनाया है, जिसका नाम Revoice है। इस डिवाइस की मदद से मरीज बिना किसी सर्जरी या दिमाग में इम्प्लांट के फिर से अपनी आवाज में बोलने की क्षमता हासिल कर सकते हैं।   पोर्टेबल और असरदार स्पीच सॉल्यूशन इस डिवाइस को पहनने वाला व्यक्ति जैसे ही बोलने की कोशिश करता है, Revoice उसके गले से निकलने वाले सूक्ष्म कंपन और भावनात्मक संकेतों को सेंसर के जरिए पहचानता है। AI मॉडल इन संकेतों से बोले गए शब्दों के टुकड़ों को जोड़कर पूरे वाक्य बनाता है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर Luigi Occhipinti के अनुसार, अधिकांश स्ट्रोक मरीज कई बार प्रैक्टिस के बाद वाक्य बोल सकते हैं, लेकिन रोजमर्रा की बातचीत में उन्हें ...