Thursday, July 23

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दिल्ली पुलिस की ‘तीसरी आंख’: 26 जनवरी को AI स्मार्ट ग्लास पहनेंगे पुलिसकर्मी, अपराधियों की पहचान होगी सेकंडों में
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दिल्ली पुलिस की ‘तीसरी आंख’: 26 जनवरी को AI स्मार्ट ग्लास पहनेंगे पुलिसकर्मी, अपराधियों की पहचान होगी सेकंडों में

नई दिल्ली: इस गणतंत्र दिवस पर दिल्ली पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एक नई तकनीक का इस्तेमाल करेगी। 26 जनवरी को पहली बार पुलिसकर्मी AI पावर्ड स्मार्ट ग्लास पहनेंगे, जो भीड़ में भी संदिग्धों और अपराधियों की पहचान करने में सक्षम होंगे। कैसे काम करेंगे ये स्मार्ट ग्लास: स्मार्ट ग्लास में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और थर्मल इमेजिंग जैसी तकनीकें लगी हैं। ये ग्लास सीधे पुलिस के डेटाबेस से जुड़े होंगे, जिसमें अपराधियों की पूरी जानकारी उपलब्ध है। जैसे ही कोई व्यक्ति ग्लास के सामने आएगा, सिस्टम उसका चेहरा सेकंडों में पहचान कर हरे या लाल सिग्नल दिखाएगा। लाल सिग्नल आने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकेगी। थर्मल इमेजिंग की मदद से छुपी हुई धातु की वस्तुएं या हथियार भी पता लग सकेंगे। मोबाइल से जुड़े रहेंगे ग्लास:पुलिसकर्मी अपने मोबाइल फोन से ग्लास को कनेक्ट क...
6G लॉन्‍च से पहले अमेरिकी इंजीनियरों की बड़ी कामयाबी: वायरलैस चिप ने दी फाइबर केबल जितनी स्पीड
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6G लॉन्‍च से पहले अमेरिकी इंजीनियरों की बड़ी कामयाबी: वायरलैस चिप ने दी फाइबर केबल जितनी स्पीड

नई दिल्ली: 6G नेटवर्क आने से पहले अमेरिकी इंजीनियरों ने डेटा ट्रांसमिशन की दुनिया में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित किया है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, UC Irvine की टीम ने ऐसी वायरलैस चिप बनाई है, जो फाइबर ऑप्टिक केबल जैसी हाईस्पीड डेटा ट्रांसमिट करने में सक्षम है। दावा है कि यह चिप कम बिजली खर्च करती है और भविष्य की एडवांस्ड ट्रांसमिशन तकनीकों के लिए दरवाजे खोल सकती है। कैसे हासिल हुई यह सफलता:पेम हेदारी और उनकी टीम 2020 से इस वायरलैस चिप पर काम कर रही थी। उन्हें पता था कि मौजूदा चिप्स उच्चस्पीड डेटा ट्रांसमिट नहीं कर सकती और लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहती। इसलिए उन्होंने डिजिटल से एनालॉग कन्वर्टर (DAC) ब्लॉक को खत्म कर सीधे रेडियो-फ्रीक्वेंसी सिग्नल बनाने की तकनीक विकसित की। इस चिप की खासियतें: फाइबर ऑप्टिक केबल जितनी हाईस्पीड डेटा ट्रांसमिट करने में सक्षम। कम बिजली की खपत। ...
चीनी वैज्ञानिकों का करिश्मा: इंसान के बाल जितनी पतली, धुलने वाली और फ्लेक्सिबल फाइबर चिप बनी
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चीनी वैज्ञानिकों का करिश्मा: इंसान के बाल जितनी पतली, धुलने वाली और फ्लेक्सिबल फाइबर चिप बनी

नई दिल्ली: चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा अद्भुत फाइबर चिप बनाया है, जो इंसान के बाल जितनी पतली है, 30 इंच तक खिंच सकती है और 15 टन के ट्रक के नीचे दबने के बाद भी काम करती है। इसमें हजारों इलेक्ट्रॉनिक सर्किट लगे हुए हैं और यह स्मार्ट कपड़ों को माइक्रो कंप्यूटर सिस्टम की तरह काम करने में सक्षम बनाती है। शंघाई की फुडन यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम, जिसे Peng Huisheng ने लीड किया, ने 10 साल से भी ज्यादा समय की मेहनत के बाद यह फ्लेक्सिबल फाइबर चिप विकसित की। आम माइक्रोचिप्स सख्त और सपाट सतह पर बनाई जाती हैं, लेकिन इस टीम ने लचीली सतह (Flexible Substrate) का उपयोग करके हर फाइबर में इलेक्ट्रॉनिक सर्किट इंस्टॉल किए। अब ये फाइबर सिर्फ बिजली पहुंचाने या सेंसिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल और एनालॉग सिग्नल दोनों को प्रोसेस कर सकते हैं। फाइबर चिप की खासियतें: हर सेंटीमीटर में 100,000 ट्रांजिस...
Fake Medicine Check: नकली दवा तो नहीं खा रहे आप? अपने फोन से मिनटों में करें जांच
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Fake Medicine Check: नकली दवा तो नहीं खा रहे आप? अपने फोन से मिनटों में करें जांच

नई दिल्ली: भारतीय बाजार में नकली और मिलावटी दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है। अक्सर दिखने में नकली और असली दवा में फर्क करना मुश्किल होता है, जिससे मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उठाने पड़ते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए क्यूआर कोड वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू किया गया है, जो आपकी दवा की असलियत मिनटों में जांचने में मदद करता है। स्मार्टफोन से दवा की असलियत कैसे पता करें: सबसे पहले दवा की पैकिंग पर छपा क्यूआर कोड ढूंढें। अपने स्मार्टफोन के कैमरे या किसी क्यूआर स्कैनर ऐप से कोड को स्कैन करें। स्क्रीन पर दिखाई गई जानकारी में बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और लाइसेंस नंबर जैसी डिटेल्स को पैकिंग पर छपी जानकारी से मिलाएं। अगर जानकारी मेल खाती है, तो दवा असली है। लेकिन अगर स्कैन करने पर "No Record" दिखाई दे या जानकारी मेल न खाए, तो तुरंत सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइ...
बड़े काम का है टीवी का ये पोर्ट: पिक्चर-साउंड होगा दमदार, 99% लोग कर देते हैं नजरअंदाज
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बड़े काम का है टीवी का ये पोर्ट: पिक्चर-साउंड होगा दमदार, 99% लोग कर देते हैं नजरअंदाज

नई दिल्ली: लाखों रुपये खर्च करके स्मार्ट टीवी खरीदने के बावजूद कई लोगों को घर पर वही अनुभव नहीं मिलता जो शोरूम में था। इसके पीछे दोष टीवी का नहीं, बल्कि उसके HDMI पोर्ट की ताकत को न समझने में है। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ सेट-टॉप बॉक्स या टीवी स्टिक कनेक्ट करने के लिए इस्तेमाल करते हैं, जबकि सही सेटिंग से यही पोर्ट आपके टीवी को थिएटर जैसी अनुभव देने में सक्षम है। 1. एक रिमोट से सब कुछ कंट्रोल करेंयदि आपके पास साउंडबार, सेट-टॉप बॉक्स या फायरस्टिक है, तो अलग-अलग रिमोट का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं। टीवी में मौजूद HDMI-CEC टेक्नोलॉजी को ऑन करें। इससे टीवी रिमोट एक ‘यूनिवर्सल रिमोट’ बन जाएगा और जैसे ही आप टीवी ऑन करेंगे, साउंडबार और बॉक्स खुद-ब-खुद ऑन हो जाएंगे। सैमसंग इसे Anynet+, सोनी Bravia Sync और एलजी SimpLink के नाम से पहचानता है। 2. दमदार साउंड के लिए सही पोर्ट चुनेंटीवी के पीछे देखें, ...
एलन मस्क के स्टारलिंक और जियो-एयरटेल को टक्कर: तारा लाइटब्रिज इंटरनेट सस्ता और तेज़
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एलन मस्क के स्टारलिंक और जियो-एयरटेल को टक्कर: तारा लाइटब्रिज इंटरनेट सस्ता और तेज़

नई दिल्ली: इंटरनेट की दुनिया में एक नई हलचल मची है। तारा, जो कभी गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट का हिस्सा थी, अब अलग होकर लेजर तकनीक के जरिए तेज और सस्ता इंटरनेट देने का दावा कर रही है। कंपनी का लाइटब्रिज नेटवर्क प्रकाश की किरणों से डेटा ट्रांसमिट करता है और इसे सैटेलाइट और फाइबर ब्रॉडबैंड इंटरनेट दोनों से तेज और किफायती बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, तारा के लाइटब्रिज नेटवर्क की स्पीड 20GB प्रति सेकंड है और यह 20 किलोमीटर तक डेटा पहुंचाने में सक्षम है। नेटवर्क को जोड़ने के लिए ट्रैफिक लाइट जितनी बड़ी डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे छतों या खंभों पर इंस्टॉल किया जा सकता है। ध्यान रहे कि डिवाइस के सामने कोई बाधा न हो, क्योंकि प्रकाश की किरणों के माध्यम से ही डेटा ट्रांसमिट होता है। तारा का यह इंटरनेट खासकर उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी होगा, जहां केबल इंटरनेट पहुंचाना मुश्किल और मह...
एलोन मस्क के Grok AI ने विराट कोहली की बचपन की फोटो भी नहीं पहचानी
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एलोन मस्क के Grok AI ने विराट कोहली की बचपन की फोटो भी नहीं पहचानी

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल उठ गया है। Elon Musk के Grok AI को विराट कोहली की बचपन की फोटो दिखाई गई और पूछा गया कि यह बच्चा 37 साल की उम्र में कैसा दिखेगा। हालांकि AI ने फोटो बदलकर दिखाई, लेकिन परिणाम विराट कोहली से बिल्कुल मेल नहीं खाया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस अनुभव ने दिखाया कि Grok AI ने विराट की पहचान करने में पूरी तरह नाकामी पाई। AI द्वारा बनाई गई तस्वीर किसी और व्यक्ति जैसी प्रतीत हुई, जिससे यह साफ हुआ कि AI अभी भी हर बार सटीक परिणाम नहीं दे पाता। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना यह याद दिलाती है कि तकनीक को ‘गुरु’ मान लेना खतरनाक हो सकता है। लोग AI पर भरोसा कर भविष्य जानने, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने जैसे कदम उठा रहे हैं, लेकिन यह हमेशा सुरक्षित या सही नहीं होता। हाल ही में OpenAI के ChatGPT पर एक मामला भी सामने आया, जिसमें AI के ...
Motorola Signature स्मार्टफोन भारत में लॉन्च, कीमत 59,999 रुपये – खरीदने और न खरीदने के कारण
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Motorola Signature स्मार्टफोन भारत में लॉन्च, कीमत 59,999 रुपये – खरीदने और न खरीदने के कारण

नई दिल्ली: मोटोरोला ने अपना पहला Signature स्मार्टफोन भारत में लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती कीमत 59,999 रुपये रखी गई है। कंपनी ने इस फोन की डिस्प्ले और कैमरा क्षमताओं को हाइलाइट किया है, जबकि प्रोसेसर, बैटरी और डिजाइन के मामले में कुछ सुधार की गुंजाइश है। खरीदने की प्रमुख वजहें डिस्प्ले: Motorola Signature में 6.8 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इसमें 165Hz का रिफ्रेश रेट, 6200 निट्स की पीक ब्राइटनेस और Corning Gorilla Glass Victus 2 प्रोटेक्शन है। डॉल्बी विज़न सपोर्ट के साथ यह एलपीटीओ एक्सट्रीम AMOLED डिस्प्ले यूजर्स को शानदार विजुअल अनुभव प्रदान करता है। कैमरा: फोन में बैक पर 50 मेगापिक्सल के तीन कैमरे हैं। इसमें मुख्य कैमरा Sony LYT-828 सेंसर के साथ है, दूसरा 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड ऑटोफोकस कैमरा है, और तीसरा 50 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा 100X जूम के साथ दिय...
पाकिस्तान में VPN को लेकर बढ़ा सियासी और तकनीकी विवाद, PTA ने स्पष्ट किया – ‘ब्लॉक करेंगे, लेकिन नहीं करेंगे’
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पाकिस्तान में VPN को लेकर बढ़ा सियासी और तकनीकी विवाद, PTA ने स्पष्ट किया – ‘ब्लॉक करेंगे, लेकिन नहीं करेंगे’

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के दूरसंचार नियामक पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी (PTA) ने साफ कर दिया है कि देश में किसी भी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) को अभी तक ब्लॉक नहीं किया गया है और भविष्य में भी ऐसा कोई इरादा नहीं है। PTA के चेयरमैन हाफिज़ुर रहमान ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए कहा, “हमने पहले भी कहा है और मैं इसे दोहराता हूं – हम VPN को ब्लॉक कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे। आज तक किसी भी VPN को ब्लॉक नहीं किया गया है।” पाकिस्तान में VPN को लेकर पिछले कुछ महीनों से कयास और चर्चाएं जोरों पर हैं। सरकार ने यह तर्क दिया था कि VPN का गलत उपयोग सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफार्मों पर हानिकारक कंटेंट तक पहुंचने और फर्जी खबरों के प्रसार के लिए किया जा सकता है। इसी को देखते हुए PTA ने VPN रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की थी, जिसकी प्रारंभिक समय सीमा 30 नवंबर थी, जिसे बाद में बढ़ा दिया गया। P...
स्मार्ट टीवी हो गया है स्लो? नया खरीदने से पहले ये सेटिंग्स बदलें, मुझे मिला जबरदस्त फायदा
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स्मार्ट टीवी हो गया है स्लो? नया खरीदने से पहले ये सेटिंग्स बदलें, मुझे मिला जबरदस्त फायदा

आजकल स्मार्ट टीवी धीरे चलने की शिकायत आम हो गई है। टीवी का लेट से ऑन होना, ऐप्स का धीरे खुलना और वीडियो में बफरिंग जैसी समस्याएं कई लोगों को परेशान कर देती हैं। ऐसे में नया टीवी खरीदने से पहले आप कुछ सेटिंग्स बदलकर अपनी टीवी की स्पीड वापस पा सकते हैं।   सॉफ्टवेयर अपडेट जरूर करें फोन की तरह टीवी का सॉफ्टवेयर भी अपडेट होता है। कई बार पुराने फर्मवेयर के कारण टीवी स्लो हो जाता है। सेटिंग्स में जाकर देखें कि कोई अपडेट उपलब्ध है या नहीं। पुराने मॉडलों में ऑटो अपडेट नहीं आता, लेकिन कंपनियों की वेबसाइट से मैनुअल फर्मवेयर डाउनलोड करके USB के जरिए इंस्टॉल किया जा सकता है। ये बेसिक फंक्शन्स को सुधारता है और स्पीड बढ़ाता है।   पावर-सेविंग मोड बंद करें पावर-सेविंग मोड टीवी की प्रोसेसिंग पावर कम कर देता है, जिससे मेन्यू धीमे और ऐप्स लोड होने में समय लगता है। सेटिंग्स में जाकर पा...