Tuesday, August 11

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अमेरिका का ‘ड्रीम एक्ट’: हजारों भारतीय छात्रों को मिल सकता है नागरिकता का रास्ता
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अमेरिका का ‘ड्रीम एक्ट’: हजारों भारतीय छात्रों को मिल सकता है नागरिकता का रास्ता

इंदौर/वॉशिंगटन। अमेरिका में लम्बे समय से लंबित पड़े ‘ड्रीम एक्ट’ को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। इलिनोइस से सीनेटर डिक डर्बन, जो 2026 में रिटायर होने वाले हैं, चाहते हैं कि कांग्रेस छोड़ने से पहले यह अहम बिल पास हो जाए। यदि ऐसा हुआ, तो अमेरिका में पले-बढ़े हजारों भारतीय छात्रों के लिए नागरिकता का रास्ता खुल सकता है। क्या है ‘ड्रीम एक्ट’? ‘डेवलपमेंट, रिलीफ एंड एजुकेशन फॉर एलियन माइनर्स एक्ट’, जिसे आमतौर पर ‘ड्रीम एक्ट’ कहा जाता है, उन युवाओं को फायदा देता है, जो बचपन में बिना किसी स्थायी इमिग्रेशन स्टेटस के अमेरिका पहुंचे थे। बिल के तहत ऐसे युवाओं को कंडीशनल परमानेंट रेजिडेंसी मिल सकती है, बशर्ते वे कुछ आवश्यक शर्तें पूरी करें—जैसे पढ़ाई, नौकरी या सेना में सेवा। इसके बाद रास्ता खुलता है ग्रीन कार्ड और आगे चलकर अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने का। कौन हैं ‘ड्रीमर्स’? ड्रीम एक्ट...
अब सिर्फ 18 महीने का मिलेगा अमेरिकी वर्क परमिट! नई पॉलिसी से हजारों भारतीय प्रभावित होंगे
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अब सिर्फ 18 महीने का मिलेगा अमेरिकी वर्क परमिट! नई पॉलिसी से हजारों भारतीय प्रभावित होंगे

अमेरिका में नौकरी करने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए बड़ी खबर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने वर्क परमिट यानी ‘एंप्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट’ (EAD) की वैलिडिटी अवधि में भारी कटौती कर दी है। नई USCIS नीति के तहत कई कैटेगरी के विदेशी वर्कर्स को अब 5 साल के बजाय केवल 18 महीने के लिए वर्क परमिट जारी किया जाएगा। इस बदलाव का सीधा असर उन लाखों भारतीयों पर पड़ेगा, जो अमेरिका में नौकरी कर रहे हैं या ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा में हैं। क्यों बदले नियम? USCIS के अनुसार, वर्क परमिट की अवधि घटाने के पीछे सुरक्षा कारण सबसे बड़ी वजह है।कम वैलिडिटी से— वर्कर्स की बार-बार जांच हो सकेगी फ्रॉड और सुरक्षा जोखिमों की पहचान आसान होगी संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी डायरेक्टर जोसेफ एडलो ने कहा कि हाल ही में विदेशी नागरिक द्वारा नेशनल गार्ड के एक सदस्य ...
न्यूज़ीलैंड में खेती-बागवानी की नौकरियों का बड़ा मौका! विदेशी वर्कर्स के लिए दो नए वीजा लॉन्च
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न्यूज़ीलैंड में खेती-बागवानी की नौकरियों का बड़ा मौका! विदेशी वर्कर्स के लिए दो नए वीजा लॉन्च

विदेशों में नौकरी के अवसर सिर्फ टेक, हेल्थकेयर या फाइनेंस तक सीमित नहीं हैं। कई देशों में सीजनल सेक्टर्स—खासकर खेती, बागवानी, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी—में भी बड़ी संख्या में वर्कर्स की जरूरत होती है। इसी जरूरत को देखते हुए न्यूज़ीलैंड सरकार ने विदेशी कर्मचारियों के लिए दो नए वीजा लॉन्च किए हैं, जो भारत सहित कई देशों के नागरिकों के लिए एक शानदार अवसर बनकर आए हैं। न्यूज़ीलैंड इमिग्रेशन ने ‘एक्रिडेटेड एंप्लॉयर वर्क वीजा (AEWV)’ फ्रेमवर्क के तहत ग्लोबल वर्कफोर्स सीजनल वीजा (GWSV) और पीक सीजनल वीजा (PSV) शुरू किए हैं। इन वीजा कैटेगरी के तहत कंपनियां सीधे विदेश से वर्कर्स हायर कर सकेंगी और भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं सरल होगी। कौन-कौन सी इंडस्ट्रीज को मिलेगा फायदा? नए वीजा मुख्य रूप से उन सेक्टर्स पर फोकस करते हैं जहां सीजनल वर्कर्स की सबसे ज्यादा जरूरत होती है— होर्टिकल्च...
विदेश में पढ़ाई का कम होता क्रेज! सरकार के आंकड़े बता रहे नई हकीकत
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विदेश में पढ़ाई का कम होता क्रेज! सरकार के आंकड़े बता रहे नई हकीकत

भारतीय छात्रों के बीच विदेश में पढ़ाई को लेकर वर्षों से जबरदस्त आकर्षण देखा जाता रहा है। लाखों रुपये के एजुकेशन लोन लेकर युवा अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने जाते रहे हैं। यहां तक कि किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, फिलीपींस और जॉर्जिया जैसे कम पॉपुलर देशों में भी भारतीय छात्रों ने बड़े पैमाने पर प्रवेश लिया। यह ट्रेंड विदेश में पढ़ाई की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता रहा है। लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। सरकार के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार विदेश में पढ़ाई का क्रेज लगातार कम हो रहा है। संसद के शीत सत्र के दौरान विदेश मंत्रालय द्वारा पेश किए गए डेटा के मुताबिक भारतीय छात्रों की विदेश जाने की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। कितने भारतीय पढ़ रहे हैं विदेश में? विदेश मंत्रालय ने बताया कि दुनिया के 153 देशों में कुल 18,82,318 भारतीय छात्र पढ़ाई...
कई राज्यों में स्कूल बंद: कहीं बर्फबारी, कहीं तूफान और हड़ताल; दिल्ली में इस तारीख से शुरू होंगी छुट्टियाँ
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कई राज्यों में स्कूल बंद: कहीं बर्फबारी, कहीं तूफान और हड़ताल; दिल्ली में इस तारीख से शुरू होंगी छुट्टियाँ

नई दिल्ली। दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में देश के कई राज्यों में स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होने जा रही है। दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान, उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और कुछ राज्यों में हड़ताल के चलते कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं कई राज्यों में शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) की तारीखें भी घोषित हो गई हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में फिर बंद हो सकते हैं स्कूल दक्षिण-पूर्वी तट पर चक्रवाती तूफान दितवाह के चलते लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। तमिलनाडु में शुरुआती दिनों में स्कूल-कॉलेज बंद करने का आदेश दिया गया था। अब भी कई जगहों पर जलभराव और खराब मौसम की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार आगामी एक सप्ताह तक स्कूल बंद रखने का फैसला कर सकती है। महाराष्ट्र: शिक्षकों की हड़ताल से ठप हुई पढ़ाई महाराष्ट्र में टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टा...
UPSC सिविल सेवा इंटरव्यू ई-समन लेटर जारी: 19 दिसंबर तक चलेंगे इंटरव्यू, उम्मीदवार ऐसे करें डाउनलोड
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UPSC सिविल सेवा इंटरव्यू ई-समन लेटर जारी: 19 दिसंबर तक चलेंगे इंटरव्यू, उम्मीदवार ऐसे करें डाउनलोड

नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 2025 के सिविल सेवा पर्सनैलिटी टेस्ट (इंटरव्यू) के लिए ई-समन लेटर जारी कर दिए हैं। वे सभी उम्मीदवार जिन्होंने यूपीएससी मेन्स परीक्षा में सफलता प्राप्त की है, अब upsc.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट से अपना ई-समन लेटर डाउनलोड कर सकते हैं। यह ई-समन लेटर उम्मीदवारों के इंटरव्यू में शामिल होने के लिए अनिवार्य दस्तावेज है। इंटरव्यू की तारीखें और विवरण पर्सनैलिटी टेस्ट की शुरुआत: 8 दिसंबर, 2025 अंतिम तिथि: 19 दिसंबर, 2025 कुल उम्मीदवार: 649 कैंडिडेट्स रिपोर्टिंग टाइम: सुबह का सत्र: 9 बजे दोपहर का सत्र: 1 बजे ई-समन लेटर डाउनलोड करने का तरीका: सबसे पहले upsc.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होम पेज पर 'e-Summon: Civil Services (Main) Examination, 2025' लिंक पर क्लिक करें। एक नया पेज खुलेगा, यहां दिए गए लिंक पर क्लिक करें। अ...
UP Anganwadi Bharti 2025: 10,478 पदों पर आवेदन की प्रक्रिया जारी, जल्द करें आवेदन
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UP Anganwadi Bharti 2025: 10,478 पदों पर आवेदन की प्रक्रिया जारी, जल्द करें आवेदन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी भर्ती के तहत 10478 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। ये पद आंगनवाड़ी वर्कर और आंगनवाड़ी हेल्पर के हैं, जिनके लिए 12वीं पास महिलाओं से आवेदन मांगे गए हैं। यदि आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है, इसलिए इच्छुक उम्मीदवार जल्द से जल्द आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाकर अपना आवेदन भर सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर पदों के लिए 24 जिलों में भर्ती निकाली है। इनमें से कई जिलों में आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने वाली है, जबकि कुछ जिलों में यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। जिलेवार आंगनवाड़ी वैकेंसी और अंतिम तिथि यहां यूपी के विभिन्न जिलों में आंगनवाड़ी भर्ती के लिए पदों और आवेदन की अंतिम तिथि दी गई है: जिलापदखाली पदआवेदन की आखिरी तिथिमथुरा (कार्यकर्ता)9814/12/2025...
IAS सफलता की कहानी: पिता के निधन के बाद भी गरिमा लोहिया ने बिना कोचिंग यूपीएससी में हासिल की सफलता
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IAS सफलता की कहानी: पिता के निधन के बाद भी गरिमा लोहिया ने बिना कोचिंग यूपीएससी में हासिल की सफलता

नई दिल्ली: गरिमा लोहिया, बिहार के बक्सर जिले की एक प्रेरणादायक बेटी हैं, जिन्होंने जीवन की कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करके IAS (Indian Administrative Service) में सफलता प्राप्त की। बिना कोचिंग और तमाम मुश्किलों के बावजूद गरिमा ने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी (UPSC) परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल की। आज वे पालीगंज (बिहार) में SDM के पद पर तैनात हैं और अपने क्षेत्र की सेवा कर रही हैं। पिता का सपना और मां की मदद से हुई शुरुआत गरिमा के पिता एक कपड़ों के थोक व्यापारी थे, जिनका सपना था कि उनकी बेटी एक दिन IAS बने। उन्होंने अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए हमेशा प्रेरित किया और यही वजह थी कि गरिमा ने अपनी शिक्षा के लिए बक्सर से दिल्ली तक का सफर तय किया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से बीकॉम की डिग्री प्राप्त की। लेकिन, उनका यह सपना पूरा होते हुए भी अधूरा रह गया। 2015 में अच...
क्या अमेरिका में पुरुषों से ज्यादा कमाती हैं महिलाएं? जानिए सैलरी में अंतर
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क्या अमेरिका में पुरुषों से ज्यादा कमाती हैं महिलाएं? जानिए सैलरी में अंतर

नई दिल्ली: अमेरिका को दुनिया का सबसे बड़ा अवसरों का देश माना जाता है, जहां यदि कोई मेहनत करता है, तो उसे सफलता मिलती है। यही कारण है कि दुनियाभर से लोग बेहतर जीवन की उम्मीद लेकर अमेरिका आते हैं। हालांकि, एक सवाल हमेशा चर्चा में रहा है: क्या अमेरिका में पुरुषों और महिलाओं की सैलरी समान है, या पुरुष ज्यादा कमाते हैं? अमेरिका में महिला-पुरुष सैलरी का अंतर अमेरिका, जो अपनी प्रगति और आधुनिकता के लिए जाना जाता है, वहां भी जेंडर पे गैप (Gender Pay Gap) एक बड़ी समस्या है। प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, महिलाओं की औसत सैलरी पुरुषों की सैलरी का सिर्फ 85% है। इसके अलावा, अमेरिकी सेंसस ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, जब एक महिला और एक पुरुष फुल-टाइम नौकरी कर रहे होते हैं, तो जहां पुरुष को 1 डॉलर मिलता है, वहीं महिला को सिर्फ 81 सेंट मिलते हैं। 2024 में वेतन अंतर में बढ़ोतरी अमेरिकी सेंसस ब्यूर...
भारतीयों को डॉक्टर बनाता है फिलीपींस, देखें यहां मेडिकल डिग्री लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी
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भारतीयों को डॉक्टर बनाता है फिलीपींस, देखें यहां मेडिकल डिग्री लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी

नई दिल्ली: भारत में मेडिकल शिक्षा का क्रेज हमेशा से ही बहुत अधिक रहा है, जिसके कारण हर साल हजारों छात्र विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए जाते हैं। हालांकि, रूस, यूक्रेन, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान जैसे देशों के अलावा अब फिलीपींस भी एक प्रमुख मेडिकल शिक्षा गंतव्य बन चुका है। फिलीपींस में 9,000 से ज्यादा भारतीय छात्र मेडिकल कोर्स कर रहे हैं, जिनमें अधिकांश MBBS के छात्र हैं। फिलीपींस में मेडिकल शिक्षा क्यों है पॉपुलर? फिलीपींस में मेडिकल शिक्षा की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे कई कारण हैं। सबसे पहला कारण है कि यहां पर मेडिकल की पढ़ाई अंग्रेजी में होती है, जो भारतीय छात्रों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसके अलावा, भारत के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की तुलना में यहां की फीस कम है। वहीं, फिलीपींस का अमेरिकी-आधारित शिक्षा प्रणाली छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होती है, खासकर उन छात्रों के लिए जो ...