सावित्रीबाई फुले जयंती 2026: पत्थर फेंके गए, अपमान सहा, फिर भी रुकी नहीं… बनीं देश की पहली महिला शिक्षक
3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के नायगांव में जन्मी सावित्रीबाई फुले ने भारतीय समाज में महिलाओं की शिक्षा का मार्ग रोशन किया। उन्होंने 1848 में अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला।
संघर्ष और साहस की मिसाल
सावित्रीबाई उस समय पढ़ाने निकलीं जब महिलाओं को पढ़ने की इजाजत नहीं थी। समाज के कुछ लोग उन पर पत्थर और कीचड़ फेंकते, अपमान करते, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हर चुनौती के बावजूद उन्होंने हाशिए पर पड़े समुदायों की लड़कियों को पढ़ाया और उन्हें शिक्षा के अवसर दिए।
पति और प्रेरणा
कम उम्र में शादी होने के बावजूद, उनके पति ज्योतिराव फुले ने उन्हें पढ़ने-लिखने और टीचर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। सावित्रीबाई ने सिलेबस तैयार किया, कविताओं के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित किया और समाज में समानता क...










