Wednesday, August 12

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जीडीपी तेज रफ्तार में, लेकिन औद्योगिक उत्पादन फिसला — 13 महीनों का सबसे निचला स्तर, जानें क्या है वजह
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जीडीपी तेज रफ्तार में, लेकिन औद्योगिक उत्पादन फिसला — 13 महीनों का सबसे निचला स्तर, जानें क्या है वजह

नई दिल्ली: देश की अर्थव्यवस्था जहाँ दूसरी तिमाही में 8.2% की दमदार जीडीपी ग्रोथ दर्ज कर रही है, वहीं अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन (IIP) की रफ्तार काफी कमजोर पड़ी है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में सिर्फ 0.4% की बढ़ोतरी हुई है—यह 13 महीनों का सबसे निचला स्तर है। पिछले साल अक्टूबर में ग्रोथ 3.7% और इस साल सितंबर में 4.6% रही थी। मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग और पावर सेक्टर ने किया निराश अक्टूबर महीने में कई प्रमुख सेक्टरों में सुस्ती देखने को मिली— मैन्युफैक्चरिंग : वृद्धि घटकर 1.8% रह गई, जबकि पिछले साल यह 4.4% थी माइनिंग उत्पादन : 1.8% की गिरावट दर्ज, पिछले साल 0.9% की वृद्धि बिजली उत्पादन : 6.9% की बड़ी गिरावट, जबकि एक वर्ष पहले 2% की ग्रोथ कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (टीवी, फ्रिज आदि) की ग्रोथ -0.5% और नॉ...
Bank of Maharashtra OFS: सरकार बेच रही है 6% हिस्सेदारी, निवेशकों के लिए सस्ते में शेयर खरीदने का मौका
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Bank of Maharashtra OFS: सरकार बेच रही है 6% हिस्सेदारी, निवेशकों के लिए सस्ते में शेयर खरीदने का मौका

नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BOM) के शेयर में निवेश करने वालों के लिए बड़ा अवसर खुल गया है। केंद्र सरकार ने बैंक में अपनी 6% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है, जिसके तहत ऑफर फॉर सेल (OFS) की प्रक्रिया आज (2 दिसंबर) से शुरू हो चुकी है। हालांकि, रिटेल निवेशक इसमें कल यानी 3 दिसंबर को बोली लगा सकेंगे। नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए आज का दिन डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव अरुणिश चावला ने जानकारी दी कि आज OFS नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए खुला है। सरकार बैंक की 5% इक्विटी बेच रही है, जबकि 1% ग्रीन शू ऑप्शन रखा गया है ताकि ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जा सके। कितने में मिलेंगे शेयर? सोमवार को बैंक के शेयर की बाजार कीमत ₹57.70 थी, जबकि सरकार ने OFS का फ्लोर प्राइस ₹54 रखा है। यानी निवेशकों को न्यूनतम इसी मूल्य प...
बेंगलुरु से पढ़ाई, माइक्रोसॉफ्ट-गूगल में नौकरी… अब ऐपल के AI विभाग की कमान संभालेंगे अमर सुब्रमण्यम
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बेंगलुरु से पढ़ाई, माइक्रोसॉफ्ट-गूगल में नौकरी… अब ऐपल के AI विभाग की कमान संभालेंगे अमर सुब्रमण्यम

नई दिल्ली: तकनीक जगत की दिग्गज कंपनी ऐपल ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय मूल के जाने-माने रिसर्चर अमर सुब्रमण्यम को नया वाइस प्रेसिडेंट ऑफ AI नियुक्त किया है। सुब्रमण्यम इस पद पर जॉन जियानंद्रेया की जगह लेंगे और सीधे ऐपल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (सॉफ्टवेयर) क्रेग फेडेरिगी को रिपोर्ट करेंगे। अमर सुब्रमण्यम इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट में कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, AI के रूप में कार्यरत थे। उनसे पहले वह गूगल में लगभग 16 वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे, जहाँ उन्होंने जेमिनी असिस्टेंट के इंजीनियरिंग हेड के रूप में अपनी विशेषज्ञता दिखाई। गूगल डीपमाइंड से उनका जुड़ाव उन्हें एआई रिसर्च की शीर्ष पंक्ति में स्थापित करता है। ऐपल ने बयान जारी कर बताया कि सुब्रमण्यम की गहरी तकनीकी समझ और रिसर्च को प्रोडक्ट्स में बदलने की क्षमता कंपनी के Apple Intellig...
टाटा ट्रस्ट से मेहली मिस्त्री का इस्तीफा: रतन टाटा के सपने पर क्या होगा असर?
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टाटा ट्रस्ट से मेहली मिस्त्री का इस्तीफा: रतन टाटा के सपने पर क्या होगा असर?

नई दिल्ली। टाटा समूह के लिए एक अहम विकास के रूप में, दिवंगत रतन टाटा के बेहद करीबी और उद्योग जगत की जानी-मानी हस्ती मेहली मिस्त्री ने स्मॉल एनिमल हॉस्पिटल ट्रस्ट (SAHT) के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। यह वही ट्रस्ट है जो मुंबई में देश का सबसे बड़ा पालतू पशु स्पेशियलिटी हॉस्पिटल संचालित करता है—एक ऐसा प्रोजेक्ट जिसे रतन टाटा ने अपने घायल पालतू कुत्ते के इलाज के अभाव को देखते हुए अपने जीवन का सपना बनाया था। SDTT और SRTT से कार्यकाल खत्म, अब SAHT से अलगाव अक्टूबर में मेहली मिस्त्री का सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) और सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) में ट्रस्टी के तौर पर कार्यकाल पूरा हुआ था, और इसे आगे नहीं बढ़ाया गया। इसके बाद अब उन्होंने SAHT से भी इस्तीफा सौंप दिया है। अपने त्यागपत्र में मिस्त्री ने कहा: “चूंकि मैं SDTT और SRTT से अब जुड़ा नहीं हूं, इसलिए मैं स्मॉल एनिमल हॉस्पिटल ट्...
8th Pay Commission News: आठवें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट, सरकार ने DA मर्ज करने की मांग ठुकराई
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8th Pay Commission News: आठवें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट, सरकार ने DA मर्ज करने की मांग ठुकराई

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का गठन कर दिया गया है। इसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों ने महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में मर्ज करने की मांग तेज कर दी थी। वर्तमान में DA 58% है और यह जनवरी 2024 में ही 50% का स्तर पार कर चुका था। कर्मचारी संगठन लगातार सरकार से इस बढ़े हुए DA को मूल वेतन में जोड़ने की मांग कर रहे थे। लेकिन कर्मचारियों के लिए यह बड़ी खबर है कि सरकार ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार का स्पष्ट बयान लोकसभा में सांसद आनंद भदौरिया के सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि— “सरकार के पास DA को मूल वेतन में मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकार इस मामले पर किसी भी तरह की योजना पर विचार नहीं कर रही है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार DA को हर साल दो बार संशोधि...
अडानी ग्रुप में क्यों लगाया LIC ने पैसा? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का साफ जवाब
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अडानी ग्रुप में क्यों लगाया LIC ने पैसा? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का साफ जवाब

नई दिल्ली: अडानी ग्रुप में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के निवेश को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठाता रहा है। हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आने पर यह मुद्दा तेज़ी से उठा था। हाल ही में वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया कि सरकारी अधिकारियों ने एलआईसी को अडानी ग्रुप में निवेश के लिए प्रेरित किया था। इन्हीं आरोपों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में इस मसले पर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। वित्त मंत्री ने क्या कहा? सीतारमण ने लिखित उत्तर में कहा कि वित्त मंत्रालय एलआईसी के निवेश संबंधी निर्णयों में न तो हस्तक्षेप करता है और न ही कोई निर्देश जारी करता है।उन्होंने जोर देकर कहा कि अडानी ग्रुप में एलआईसी का निवेश उसके बोर्ड द्वारा निर्धारित नीतियों और स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के तहत ही किया गया है। ...
Meesho IPO: कल से खुल रहा मीशो का आईपीओ, ग्रे मार्केट में पहले से दिख रही धूम
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Meesho IPO: कल से खुल रहा मीशो का आईपीओ, ग्रे मार्केट में पहले से दिख रही धूम

मुंबई: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho का IPO कल यानी 3 दिसंबर से खुल रहा है। हालांकि शेयर खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसका जोरदार प्रदर्शन देखा जा रहा है। तय की गई ऊपरी कीमत ₹111 पर भी निवेशकों का उत्साह है और इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 40.54% तक पहुंच चुका है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) क्या है?GMP वह अनौपचारिक कीमत है, जिस पर IPO शेयर लिस्टिंग से पहले खरीदे-बेचे जाते हैं। यदि GMP मजबूत है, तो यह दर्शाता है कि बाज़ार में शेयर की मांग ज्यादा है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं कि लिस्टिंग पर शेयर की कीमत निश्चित रूप से बढ़ेगी। IPO की अहम जानकारी: आवेदन अवधि: 3 दिसंबर से 5 दिसंबर तक शेयर की कीमत: ₹105 – ₹111 प्रति इक्विटी शेयर छोटे निवेशकों के लिए 1 लॉट = 135 शेयर ऊपरी कीमत पर 1 लॉट की कीमत = ₹14,985 शेयरों का अलॉटमेंट: 8 दिसंबर तक लिस्टिंग और ट्रेडिंग: 10 दिसंबर...
मुंबई में टूटा प्रॉपर्टी बिक्री का हर रेकॉर्ड, सरकार का खजाना भरने लगा—जानिए क्यों बढ़ी इतनी डिमांड
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मुंबई में टूटा प्रॉपर्टी बिक्री का हर रेकॉर्ड, सरकार का खजाना भरने लगा—जानिए क्यों बढ़ी इतनी डिमांड

मुंबई/नई दिल्ली। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में नवंबर महीने में प्रॉपर्टी बिक्री ने अब तक के सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए। महंगी रियल एस्टेट मार्केट के लिए मशहूर इस शहर में इन्फ्रास्ट्रक्चर के बड़े प्रोजेक्ट्स और बेहतर कनेक्टिविटी ने प्रॉपर्टी की मांग को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। नवंबर में कुल 12,219 प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड की गईं, जो पिछले साल की तुलना में 20% अधिक हैं। रजिस्ट्रेशन और स्टांप ड्यूटी से महाराष्ट्र सरकार को 1,038 करोड़ रुपये का राजस्व मिला—12% की सालाना बढ़ोतरी। 11 महीनों में 135,807 डील, 12,224 करोड़ की कमाई साल 2025 के पहले 11 महीनों में मुंबई में 135,807 प्रॉपर्टी डील दर्ज हुईं, जिससे राज्य सरकार को 12,224 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला। पिछले साल की तुलना में रजिस्ट्रेशन में 5% और राजस्व में 11% की वृद्धि दर्ज की गई। उद्योग विशेषज्ञ इसे बाजार में खरीदारों के मजबूत भरोसे औ...
दिल्ली-मुंबई एयरपोर्ट से सफर होगा महंगा! 22 गुना तक बढ़ सकती है फीस, 50,000 करोड़ की भरपाई यात्रियों से
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दिल्ली-मुंबई एयरपोर्ट से सफर होगा महंगा! 22 गुना तक बढ़ सकती है फीस, 50,000 करोड़ की भरपाई यात्रियों से

नई दिल्ली। देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों—दिल्ली और मुंबई—से उड़ान भरना अब आम यात्रियों पर भारी पड़ सकता है। टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट एंड अपीलेट ट्रिब्यूनल (TDSAT) के एक आदेश के बाद दोनों एयरपोर्ट्स पर यूजर चार्जेज में 22 गुना तक बढ़ोतरी की आशंका पैदा हो गई है। यह फैसला 2009 से 2014 के बीच टैरिफ की गणना पद्धति को बदलने से जुड़ा है, जिसके चलते एयरपोर्ट ऑपरेटरों को करीब 50,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ बताया गया है। ट्रिब्यूनल के मुताबिक इस नुकसान की भरपाई अब यात्रियों से वसूले जाने वाले यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF), लैंडिंग और पार्किंग चार्जेज में बढ़ोतरी के जरिए की जा सकती है। इससे टिकटों के दामों में तेज उछाल आना तय माना जा रहा है। कितनी महंगी हो सकती है हवाई यात्रा? सूत्रों के अनुसार आदेश लागू होने पर चार्जेज में भारी उछाल देखने को मिल सकता है: दिल्ली एयरपोर्ट घरेलू UDF: ...
सक्सेस स्टोरी: गलती से मिली सीख, संकल्प ने किया कमाल! इंजीनियर दंपती ने खड़ा किया 15 करोड़ का मशरूम साम्राज्य
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सक्सेस स्टोरी: गलती से मिली सीख, संकल्प ने किया कमाल! इंजीनियर दंपती ने खड़ा किया 15 करोड़ का मशरूम साम्राज्य

नई दिल्ली: कहते हैं कठिन हालात ही असली सफलता का रास्ता दिखाते हैं। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के इंजीनियर दंपती पूनम शर्मा और नवीन पटवाल की कहानी इसी कहावत का जीता-जागता उदाहरण है। कोरोना लॉकडाउन के दौरान जहां व्यवसायियों के कदम डगमगा गए, वहीं इस दंपती ने अपनी सबसे बड़ी गलती को सबसे बड़ी ‘सीख’ में बदल डाला। यही वजह है कि आज उनका ब्रांड 'प्लेनेट मशरूम' 15 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर तक पहुंच चुका है। लॉकडाउन का झटका बना टर्निंग प्वाइंट नवीन पटवाल ने 2007 में बैंक लोन से हाई-टेक बटन मशरूम फार्म की शुरुआत की थी। 2016 तक फार्म की क्षमता बढ़कर प्रतिदिन 3 टन हो चुकी थी और पूरी उपज दिल्ली की आजादपुर मंडी भेजी जाती थी।लेकिन 24 मार्च 2020 की शाम लगा लॉकडाउन उनकी मेहनत पर बिजली बनकर गिरा।कोल्ड स्टोरेज के अभाव और वैकल्पिक खरीदार न मिलने से 3,000 किलो मशरूम खेतों में फेंकने पड़े। करीब 2 करोड़ र...