Wednesday, July 22

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मथुरा: जेठानी की मौत के सात दिनों में दोनों देवरानियों का भी निधन, ‘दादियों’ का अनोखा प्रेम बन गया मिसाल

 

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ब्रज की धरती मथुरा से एक दिल छू लेने वाली और हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है। फरह कस्बे में रहने वाली तीन बुजुर्ग महिलाओं के बीच ऐसा गहरा प्रेम और लगाव था कि एक के चले जाने के सात दिनों के भीतर ही बाकी दोनों भी इस दुनिया को अलविदा कह गईं।

 

परिवार और पड़ोसियों के अनुसार, 93 वर्षीय जेठानी अंगूरी देवी का 6 जनवरी को निधन हुआ। अंगूरी देवी केवल परिवार की मुखिया ही नहीं थीं, बल्कि अपनी दोनों देवरानियों—77 वर्षीय सोन देवी और 80 वर्षीय माया देवी—की भी सबसे अच्छी सहेली थीं।

 

अंगूरी देवी के निधन का सदमा सोन देवी बर्दाश्त नहीं कर सकीं और उनकी तबीयत बिगड़ गई। 11 जनवरी को सोन देवी का भी निधन हो गया। इस दुखद सिलसिले ने माया देवी को पूरी तरह अकेला कर दिया, और सात दिनों के भीतर 80 वर्षीय माया देवी ने भी आखिरी सांस ली।

 

यह अनोखी घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बन गई है। आमतौर पर देवरानी-जेठानी के रिश्तों में अनबन की कहानियां सुनी जाती हैं, लेकिन इन तीनों महिलाओं ने साबित कर दिया कि सच्चा प्रेम और मित्रता रिश्तों से भी ऊपर हो सकती है।

 

परिवार वालों और पड़ोसियों के अनुसार, तीनों का साथ हमेशा अटूट था। वे हर सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़ी रहती थीं। यदि किसी दिन भौतिक रूप से मिल नहीं पाती थीं, तो घंटों फोन पर बातचीत किया करती थीं। उनका एक साथ बैठना और समय बिताना पूरे कस्बे में मशहूर था।

 

अब इस अनोखी मित्रता और सच्चे प्रेम की कहानी को लोग “कुदरत का करिश्मा” और “सच्चे प्रेम की पराकाष्ठा” के रूप में याद कर रहे हैं, जहां मौत भी उन्हें अलग करने में नाकाम रही।

 

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