Wednesday, August 12

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UGC विवाद: नीतीश की पार्टी का स्टैंड साफ, सवाल सुनते ही नित्यानंद राय ने लगाई जयकारे

पटना/हाजीपुर: UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए रेगुलेशन 2026 को लेकर बिहार सहित देशभर में सियासी हलचल मची हुई है। अपर जातियों की नाराजगी और विरोध के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी JDU ने अपना रुख स्पष्ट किया है।

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जेडीयू का स्टैंड:
पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “लोकतंत्र में किसी भी तबके की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है और न्यायपालिका का निर्णय सर्वोपरि होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ‘न्याय के साथ विकास’ का आदर्श हैं।”

केंद्रीय शिक्षा मंत्री का भरोसा:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आश्वासन दिया कि किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और नियमों का दुरुपयोग नहीं होगा। उन्होंने कहा कि UGC नियम संविधान के दायरे में रहकर लागू होंगे और किसी को उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा।

नित्यानंद राय का अनोखा रुख:
हाजीपुर के कौनहारा घाट पर आयोजित कार्यक्रम में जब केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय से नए नियम और सवर्णों के विरोध पर सवाल किए गए, तो वे जवाब देने के बजाय ‘हर-हर महादेव’ और ‘भगवान विष्णु’ के जयकारे लगाने लगे। बार-बार सवालों से बचते हुए उन्होंने सीधे जवाब देने से इनकार कर दिया।

विरोध की वजह:
UGC रेगुलेशन 2026 के खिलाफ याचिका में इसे ‘गैर-समावेशी’ करार दिया गया है। विरोध का मुख्य कारण जातिगत भेदभाव की नई परिभाषा है, जिसमें ओबीसी वर्ग को शामिल किया गया, लेकिन सामान्य वर्ग का मानना है कि झूठी शिकायतों पर दंड हटने से नियम का दुरुपयोग हो सकता है। याचिकाकर्ताओं ने नियम को ‘जाति-तटस्थ’ बनाने की मांग की है।

बिहार में इस UGC विवाद ने राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के बीच बहस और आंदोलन को जन्म दे दिया है, जबकि सरकार और केंद्रीय मंत्री लगातार निष्पक्ष और संविधान सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिला रहे हैं।

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