Thursday, July 23

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आज वलयाकार सूर्यग्रहण, जल्द होगा ब्लड मून चंद्रग्रहण
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आज वलयाकार सूर्यग्रहण, जल्द होगा ब्लड मून चंद्रग्रहण

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: मंगलवार, 17 फरवरी को साल का पहला सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। यह वलयाकार सूर्यग्रहण होगा, जिसे देखकर सूर्य आसमान में आग के छल्ले जैसा दिखाई देगा, इसलिए इसे “रिंग ऑफ फायर” भी कहा जाता है। वलयाकार ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है, लेकिन पृथ्वी से दूर होने के कारण सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगाइस सूर्यग्रहण का रिंग ऑफ फायर फेज केवल अंटार्कटिका के बर्फीले इलाके में देखा जा सकेगा। आंशिक रूप से इसे दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी अमेरिका और हिंद महासागर के कुछ हिस्सों से देखा जा सकता है। 3 मार्च को आएगा चंद्रग्रहणसूर्य ग्रहण के कुछ ही दिनों बाद 3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। यह ग्रहण दुनिया के बड़े हिस्से में दिखाई देगा और इसे सुरक्षित रूप से किसी भी स्थान से देखा जा सकता है। चंद्रग्रहण तब होता है जब पृथ्वी ...
बांग्लादेश में तारिक रहमान की शपथ से पहले मोहम्मद यूनुस के करीबी विदेश भागे, नई सरकार से डर?
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बांग्लादेश में तारिक रहमान की शपथ से पहले मोहम्मद यूनुस के करीबी विदेश भागे, नई सरकार से डर?

ढाका: बांग्लादेश में 18 महीने से चल रही अंतरिम सरकार के बाद सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगस्त 2024 से मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में चल रही सरकार अब बीएनपी के हाथों में जा रही है। 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में बीएनपी की जीत के बाद मंगलवार, 17 फरवरी को तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस बीच यूनुस के करीबी सहयोगियों में असहजता दिख रही है। चुनाव नतीजों के अगले दिन यूनुस के विशेष सहायक फैज अहमद तैयब बांग्लादेश छोड़कर जर्मनी चले गए। ढाका के अखबार द डेली स्टार के अनुसार यह अचानक और सरप्राइज डिपार्चर माना जा रहा है। यूनुस के करीबी विदेश क्यों गए?इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव परिणाम के बाद यूनुस के अधिकारी ‘सुरक्षित निकलने’ की कोशिश में थे। ढाका में यह बात पहले से चर्चा का विषय रही कि यूनुस के करीबी अधिकारी सत्ता हस्तांतरण से पहले देश छोड़ सकते हैं। देश छोड़ने से...
‘बलूचों का कातिल, आर्मी का मोहरा है तू’: नॉर्वे में पाक के पूर्व पीएम अनवार-उल-हक काकर का बलूचों ने किया बेइज्जत
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‘बलूचों का कातिल, आर्मी का मोहरा है तू’: नॉर्वे में पाक के पूर्व पीएम अनवार-उल-हक काकर का बलूचों ने किया बेइज्जत

ओस्लो/इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व केयरटेकर प्रधानमंत्री अनवार-उल-हक काकर को नॉर्वे के ओस्लो में बलूचों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। बलूच प्रदर्शनकारियों ने काकर को “बलूचों का कातिल और पाक आर्मी का मोहरा” कहकर जमकर फटकार लगाई। बलूचों ने काकर से बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के अभियानों और ऑपरेशनों को लेकर सवाल किए। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बलूचों की तरह चैन से न रहने की “बद्दुआ” तक दी, लेकिन काकर ने विरोध का कोई जवाब नहीं दिया और केवल शांतिपूर्वक स्थिति संभालते हुए निकलने का रास्ता ढूँढा। बलूच नेता की अपीलबलूचिस्तान के अलगाववादी नेता मीर यार बलूच ने इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और लिखा कि बलूच देशभक्तों ने शांति पूर्ण तरीके से दुनिया को बलूचिस्तान में पाकिस्तान की नीतियों, युद्ध अपराधों और मानवाधिकार उल्लंघनों का ध्यान दिलाया। मीर यार ने नॉर्वे सरकार और अंतररा...
बांग्लादेश में तारिक रहमान ने यूनुस को बड़ा झटका, BNP सांसद रिफॉर्म काउंसिल की शपथ नहीं लेंगे
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बांग्लादेश में तारिक रहमान ने यूनुस को बड़ा झटका, BNP सांसद रिफॉर्म काउंसिल की शपथ नहीं लेंगे

ढाका: बांग्लादेश के चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान ने मोहम्मद यूनुस के रिफॉर्म एजेंडे को बड़ा झटका दिया है। BNP ने घोषणा की है कि उसके जीते हुए सांसद संवैधानिक सुधार परिषद (रिफॉर्म काउंसिल) के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे। बीएनपी के एक सूत्र ने मीडिया को बताया कि यह फैसला पार्टी चेयरमैन तारिक रहमान की तरफ से लिया गया है। BNP के सांसदों से कहा गया कि वे कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल फॉर्म पर साइन न करें, क्योंकि उन्हें काउंसिल का सदस्य नहीं चुना गया है। मोहम्मद यूनुस का एजेंडा रुकासंपादक सलाह उद्दीन शोएब चौधरी के अनुसार, यूनुस रिफॉर्म काउंसिल के जरिए अगली सरकार को नुकसान पहुंचाने और लोकतंत्र को कमजोर करने की योजना बना रहे थे। BNP के इस कदम से उनका एजेंडा फिलहाल रुक गया है। सांसदों ने ली शपथरिफॉर्म काउंसिल पर गतिरोध के बीच BNP ...
जापान की सबसे कमजोर नस पर चीन का दबाव, पीएम साने ताकाइची के सामने विकल्प कठिन
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जापान की सबसे कमजोर नस पर चीन का दबाव, पीएम साने ताकाइची के सामने विकल्प कठिन

टोक्यो/बीजिंग: जापान और चीन के रिश्ते पिछले सालों में सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए हैं। हालिया तनाव की शुरुआत पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री साने ताकाइची के एक बयान से हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा कि ताइवान पर चीन का हमला जापान के अस्तित्व के लिए खतरा है। इस बयान पर चीन नाराज हो गया और बीजिंग ने टोक्यो पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। चीन की ताइवान पर नाराजगीचीन ताइवान को अपनी संप्रभुता का हिस्सा मानता है और किसी भी बाहरी दखल पर कड़ी प्रतिक्रिया करता है। ताकाइची के बयान ने बीजिंग की नाराजगी को और बढ़ा दिया। हाल ही में म्यूनिक सुरक्षा सम्मेलन में चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने जापान में सैन्यवाद लौटने की चेतावनी दी और कहा कि जापान अगर फिर से “खेल” खेलेगा तो उसे तेज हार का सामना करना पड़ेगा। जापान ने झुकने से इनकार कियाचीन की चेतावनियों के बावजूद ताकाइची ने अपने बयान को वापस लेने या माफी मांगने ...
बांग्लादेश में बीएनपी की जीत पर पाकिस्तानी खीज, शहबाज शरीफ ने तारिक रहमान के शपथ समारोह से बनाई दूरी
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बांग्लादेश में बीएनपी की जीत पर पाकिस्तानी खीज, शहबाज शरीफ ने तारिक रहमान के शपथ समारोह से बनाई दूरी

इस्लामाबाद/ढाका: बांग्लादेश में हाल ही में हुए चुनाव में बीएनपी (Bangladesh Nationalist Party) ने शानदार जीत हासिल की है। मंगलवार, 17 फरवरी को बीएनपी नेता तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ समारोह के लिए बीएनपी ने भारत, पाकिस्तान और अन्य 13 देशों को न्योता भेजा है, लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समारोह में नहीं जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह रुख बांग्लादेश में अपनी पसंदीदा पार्टी जमात-ए-इस्लामी की सरकार ना बनने के कारण है। राजनीतिक टिप्पणीकार कमर चीमा के अनुसार, पाकिस्तान जल्दबाजी में ढाका के साथ संबंध सुधारने का कोई कदम नहीं उठाएगा। वह पहले यह देखना चाहता है कि पाकिस्तान को ढाका से क्या हासिल हो सकता है। पाकिस्तान की प्रतिनिधि टीमशहबाज शरीफ समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि वह पहले से तय विदेश दौरे पर हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान की तरफ से म...
अमेरिका ने ईरान पर बढ़ाया सैन्य घेरा, मिडिल ईस्ट में लड़ाकू विमानों और जंगी जहाजों का जमावड़ा
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अमेरिका ने ईरान पर बढ़ाया सैन्य घेरा, मिडिल ईस्ट में लड़ाकू विमानों और जंगी जहाजों का जमावड़ा

वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना सैन्य दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में लड़ाकू विमानों, जंगी जहाजों और एयर डिफेंस सिस्टम का बड़े पैमाने पर जमावड़ा कर रही है। यह कदम मंगलवार को जेनेवा में ईरान के साथ होने वाली परमाणु वार्ता से पहले उठाया गया है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन में तैनात अमेरिकी एयरफोर्स के एसेट्स को मिडिल ईस्ट के नजदीक लाया जा रहा है। इसमें रीफ्यूलिंग टैंकर और F-15 फाइटर जेट शामिल हैं। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि हाल के हफ्तों में अमेरिका से जॉर्डन, बहरीन और सऊदी अरब तक 250 से अधिक मिलिट्री कार्गो फ्लाइट्स जा चुकी हैं। फाइटर जेट की तैनाती25 जनवरी को जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर 14 अमेरिकी F-15 फाइटर जेट तैनात किए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ईरान के संभावित जवाबी हमले से निपटने की तैयारी है। डोनाल्ड ट्रंप की धमकीअमेरिकी राष्...
अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर गिराए गए GBU-57 बंकर बमों का नया ऑर्डर दिया, बढ़ा तनाव
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अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर गिराए गए GBU-57 बंकर बमों का नया ऑर्डर दिया, बढ़ा तनाव

वॉशिंगटन: अमेरिकी वायुसेना ने एयरोस्पेस कंपनी बोइंग को दुनिया के सबसे ताकतवर बंकर बस्टर बम, GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP) का नया ऑर्डर दिया है। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है। अमेरिकी वायुसेना ने बताया कि यह ऑर्डर ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान इस्तेमाल हुए GBU-57 बमों के स्टॉक को फिर से भरने के लिए दिया गया है। बीते साल जून में अमेरिका ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर ये बम गिराए थे। GBU-57 बम जमीन के अंदर जाकर अपने लक्ष्य को भेदने और नष्ट करने में सक्षम हैं। GBU-57 बम की ताकत वजन: 14,000 किलोग्राम लंबाई: 20.5 फीट व्यास: 31.5 इंच वारहेड: 2,500 किलोग्राम AFX-757 और PBXN-114 विस्फोटक मिश्रण क्षमता: 200 फीट मोटे कंक्रीट को भेदने की क्षमता ये बम B-2 स्पिरिट बॉम्बर से गिराए जाते हैं और GPS के माध्यम से अपने लक्ष्य को भेदते हैं। अम...
स्पेस में न्यूक्लियर खतरा: पुतिन का सैटेलाइट किलर, अमेरिका-यूरोप की तैयारी
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स्पेस में न्यूक्लियर खतरा: पुतिन का सैटेलाइट किलर, अमेरिका-यूरोप की तैयारी

मॉस्को/बर्लिन, 16 फरवरी 2026: रूस ने अंतरिक्ष में अपनी ताकत बढ़ाकर पश्चिमी देशों के लिए गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पश्चिमी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार रूस सैटेलाइट वॉरफेयर के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है और इसके पास स्पेस में परमाणु हमला करने की क्षमता भी है। रूस की अंतरिक्ष रणनीति रूस ने अंतरिक्ष में जासूसी अभियान शुरू किया है। इसके तहत दो स्पेसक्राफ्ट Luch-1 और Luch-2 पश्चिमी देशों के सैटेलाइट्स के करीब पहुंचे हैं। ये स्पेसक्राफ्ट सैटेलाइट कम्युनिकेशन इंटरसेप्ट कर सकते हैं और प्रक्षेप पथ बदलकर उन्हें पृथ्वी पर क्रैश भी कर सकते हैं। रूस के ये स्पेसक्राफ्ट “नेस्टिंग डॉल” की तरह काम करते हैं, छोटे सब-सैटेलाइट छोड़ते हैं जो एंटी-सैटेलाइट हथियार छोड़ सकते हैं। अमेरिकी और ब्रिटिश सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, ये हथियार लो ऑर्बिट में परमाणु हमला कर सकते हैं, जिससे हजा...
तारिक रहमान का 31-प्वाइंट प्लान: भारत-बांग्लादेश रिश्तों में सुधार का नया पुल
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तारिक रहमान का 31-प्वाइंट प्लान: भारत-बांग्लादेश रिश्तों में सुधार का नया पुल

ढाका, 16 फरवरी 2026: बांग्लादेश में बीएनपी की बड़ी जीत के साथ तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। अब दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। रहमान का 31-प्वाइंट एजेंडा रहमान ने चुनाव में एंटी-इंडिया कार्ड खेलने से बचते हुए अपने विकास एजेंडे पर जोर दिया। उनका 31-प्वाइंट प्लान विशेष रूप से डिजिटल डोमेन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, और रीजनल-इंटरनेशनल ट्रेड पर केंद्रित है। रहमान ने देश को सबको साथ लेकर चलने वाला "रेनबो नेशन" बनाने और कट्टरता के मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाने का वादा किया। भारत के लिए संभावित सहयोग के क्षेत्र रहमान के इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटलाइजेशन वादों को लेकर दिल्ली के साथ सहयोग के अवसर तलाशे जा रहे हैं। दोनों देशों के सामने गंगा जल संधि के रिन्यूअल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर इस साल अंत तक ध्...