Thursday, July 23

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अमेरिका सऊदी और इजरायल को हथियारों से पाटने जा रहा, 15 अरब डॉलर की बड़ी बिक्री मंजूर
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अमेरिका सऊदी और इजरायल को हथियारों से पाटने जा रहा, 15 अरब डॉलर की बड़ी बिक्री मंजूर

  वॉशिंगटन/रियाद/तेल अवीव। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने मध्य पूर्व में अपने सहयोगियों को 15 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इसमें सऊदी अरब और इजरायल शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग की घोषणा के अनुसार, यह कदम खाड़ी क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। सऊदी अरब को 9 अरब डॉलर के हथियार सऊदी अरब को अमेरिकी हथियारों की बिक्री का कुल मूल्य 9 अरब डॉलर है। इसमें प्रमुख रूप से: 730 पैट्रियट मिसाइलें संबंधित आधुनिक उपकरण और समर्थन प्रणाली विदेश विभाग ने कहा कि यह बिक्री सऊदी अरब की रक्षा क्षमता बढ़ाने और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई जब सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान वॉशिंगटन में उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर रहे थे। इजरायल को 6...
निपाह वायरस: कोविड से कई गुना ज्यादा घातक, भारत में मरीजों के मिलने से दुनिया में अलर्ट
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निपाह वायरस: कोविड से कई गुना ज्यादा घातक, भारत में मरीजों के मिलने से दुनिया में अलर्ट

नई दिल्ली/कैनबरा। भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (NiV) से संक्रमित दो मरीजों के मिलने के बाद विश्व स्वास्थ्य समुदाय में चिंता की लहर फैल गई है। चीन, पाकिस्तान, थाईलैंड, सिंगापुर से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक में अलर्ट जारी किया गया है और कई देशों ने एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य जांच कड़ी कर दी है। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दिसंबर 2025 में पश्चिम बंगाल में दो निपाह वायरस मरीज मिले थे। उनके संपर्क में आए 196 लोगों का टेस्ट किया गया, लेकिन सभी का परिणाम निगेटिव आया। मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ऑस्ट्रेलिया और एशियाई देश सतर्क ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने कहा कि सरकार भारत में मिले मामलों पर “करीबी निगरानी” रख रही है। उन्होंने नाइन नेटवर्क टेलीविजन से कहा कि “हालांकि वायरस के फैलने पर नियंत्रण पाया गया है, फिर भी हम इसे गंभीरता से देख रहे हैं।”...
ब्रह्मोस का हाइपरसोनिक अवतार: भारत-रूस मिलकर बना रहे अगली पीढ़ी का घातक हथियार, चीन की रणनीति पर सीधी चुनौती
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ब्रह्मोस का हाइपरसोनिक अवतार: भारत-रूस मिलकर बना रहे अगली पीढ़ी का घातक हथियार, चीन की रणनीति पर सीधी चुनौती

नई दिल्ली/मॉस्को। भारत और रूस मिलकर ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल को हाइपरसोनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। यदि यह परियोजना सफल होती है तो यह एशिया की सामरिक शक्ति-संतुलन में बड़ा बदलाव ला सकती है। ब्रह्मोस-2 नाम से विकसित हो रही यह मिसाइल चीन के लिए आने वाले कई वर्षों तक एक ऐसी चुनौती होगी, जिसका प्रभावी जवाब ढूंढना आसान नहीं होगा। रूस की अग्रणी मिसाइल निर्माता कंपनी NPO माशिनोस्ट्रोयेनिया के डायरेक्टर जनरल और चीफ डिज़ाइनर अलेक्जेंडर लियोनोव ने पुष्टि की है कि भारत और रूस ब्रह्मोस मिसाइल की स्पीड और क्षमताओं को बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा सुपरसोनिक ब्रह्मोस को हाइपरसोनिक श्रेणी में ले जाने के लिए तकनीकी आधुनिकीकरण जारी है। मैक-5 से मैक-7 की रफ्तार, इंटरसेप्शन लगभग नामुमकिन ब्रह्मोस-2 को एक नेक्स्ट-जेनरेशन हाइपरसोनिक क्रूज मिसा...
पाकिस्तान प्रेम में डूबी बांग्लादेश की यूनुस सरकार भारत के सूती धागे पर लगाने जा रही ड्यूटी, टेक्सटाइल उद्योग में हलचल
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पाकिस्तान प्रेम में डूबी बांग्लादेश की यूनुस सरकार भारत के सूती धागे पर लगाने जा रही ड्यूटी, टेक्सटाइल उद्योग में हलचल

ढाका। शेख हसीना के जाने के बाद सत्ता संभालने वाले मोहम्मद यूनुस ने भारत के प्रति शुरुआती दिनों से ही विरोधी रुख अपनाया है। अब उनकी सरकार बांग्लादेश में आयात होने वाले सूती धागे पर कस्टम ड्यूटी लगाने की तैयारी कर रही है, जिससे भारत के निर्यातक सीधे प्रभावित होंगे। मुख्य बिंदु: बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग ज्यादातर भारत से धागा आयात करता है। 2025 में भारत ने बांग्लादेश को 57 अरब डॉलर मूल्य का सूती धागा निर्यात किया, जिसमें कुल शिपमेंट का 45.9 प्रतिशत बांग्लादेश ने खरीदा। यूनुस सरकार का उद्देश्य घरेलू कपास उत्पादकों को राहत देना है और आयात पर 10–20 प्रतिशत ड्यूटी लगाने पर विचार कर रही है। इससे घरेलू कीमतों में गिरावट रोकी जा सकेगी। हालांकि, टेक्सटाइल मिलों और निर्यातक इसका विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि आयातित भारतीय धागा गुणवत्ता और कीमत में बेहतर है, और ड्यूटी लगाने से उत्पा...
तुर्की के सेना प्रमुख से मुलाकात में पाकिस्तान ने सैन्य गठबंधन मजबूत करने की योजना बनाई
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तुर्की के सेना प्रमुख से मुलाकात में पाकिस्तान ने सैन्य गठबंधन मजबूत करने की योजना बनाई

इस्लामाबाद। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ते ही पाकिस्तान और तुर्की के सैन्य संबंधों पर भी नजरें हैं। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने शुक्रवार को तुर्की के मिलिट्री जनरल स्टाफ जनरल सेल्कुक बायराकटारोग्लू से रावलपिंडी में मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, द्विपक्षीय रक्षा और सैन्य सहयोग को लेकर विचार-विमर्श किया। मुख्य बिंदु: दोनों देशों ने सैन्य संबंधों को मजबूत करने और संयुक्त सैन्य अभ्यास बढ़ाने पर सहमति जताई। तुर्की पाकिस्तान के अंदर एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए तुर्की का हाई‑लेवल डेलिगेशन पहले ही पाकिस्तान का दौरा कर चुका है। तुर्की ने पाकिस्तान की अगोस्टा 90B‑क्लास पनडुब्बियों को आधुनिक बनाने में मदद की और ड्रोन सहित एडवांस्ड हथियार भी सप्लाई किए हैं। पिछले साल अगस्त में दोनों देशों की नौस...
बलूचिस्तान के 12 शहर युद्ध क्षेत्र में तब्दील, बीएलए के हमले में 20 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत, लड़ाकू हेलीकॉप्टर तैनात
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बलूचिस्तान के 12 शहर युद्ध क्षेत्र में तब्दील, बीएलए के हमले में 20 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत, लड़ाकू हेलीकॉप्टर तैनात

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ ऑपरेशन हेरोफ 2 शुरू कर दिया है। बीएलए के हथियारबंद सदस्य राजधानी क्वेटा समेत बलूचिस्तान के 12 शहरों में एक साथ हमले कर रहे हैं। पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है और कम से कम 20 सैनिक मारे गए हैं। लड़ाई में अब लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। हमले की स्थिति: बीएलए ने जारी वीडियो में दिखाया कि बलूचिस्तान की सड़कों पर उनके लड़ाके बड़ी संख्या में मौजूद हैं। केवल नोशकी इलाके में कम से कम 8 सैनिक मारे गए। बलूचों ने कई पुलिस स्टेशनों और सेंट्रल जेल पर कब्जा कर लिया, जबकि कई कैदियों को रिहा किया गया। क्वेटा में धमाके सुने गए और सभी अस्पतालों में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। बीएलए का संदेश: बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलोच ने कहा कि यह अभियान मातृभूमि की रक्षा के लिए शुरू किया गया है। उनका कहना है कि बलूच हर शहर, गली और पड...
डॉलर बनाम BRICS ग्लोबल पेमेंट सिस्टम: भारत के नेतृत्व में 11 देशों की योजना, अमेरिकी अधिपत्य को चुनौती
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डॉलर बनाम BRICS ग्लोबल पेमेंट सिस्टम: भारत के नेतृत्व में 11 देशों की योजना, अमेरिकी अधिपत्य को चुनौती

BRICS देशों के वित्तीय सहयोग और डिजिटल पेमेंट प्रणाली के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व में एक नई पहल तैयार हो रही है, जो अमेरिकी डॉलर के वैश्विक प्रभुत्व को चुनौती दे सकती है। इस प्रणाली के जरिए BRICS देशों की डिजिटल करेंसी के बीच सीधे ट्रेड सेटलमेंट की सुविधा होगी, जिससे डॉलर-आधारित SWIFT सिस्टम पर निर्भरता कम होगी। BRICS डिजिटल पेमेंट सिस्टम की खास बातें: BRICS करेंसी का मिथक दूर कई लोगों की धारणा है कि BRICS ग्लोबल पेमेंट सिस्टम का मकसद BRICS करेंसी बनाना है। लेकिन भारत की यह पहल केवल एक इंटरऑपरेबल पेमेंट नेटवर्क बनाने के लिए है, न कि किसी नई ‘सुपर करेंसी’ के निर्माण के लिए। इसका उद्देश्य डॉलर या चीनी युआन पर निर्भरता को कम करना है, न कि किसी देश के प्रभुत्व को बढ़ाना। भारत की केंद्रीय भूमिका भारत BRICS के 11 देशों के डिजिटल करेंसी नेटवर्क को इंटरऑपरेबल बनाने का नेतृत्व कर रहा...
कंगाल पाकिस्तान बन रहा ‘गुलाम’, शहबाज शरीफ ने खोई इज्जत की बात कही – 5 कारण समझिए
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कंगाल पाकिस्तान बन रहा ‘गुलाम’, शहबाज शरीफ ने खोई इज्जत की बात कही – 5 कारण समझिए

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था गहरी संकट में है और देश अब वित्तीय गुलामी की तरफ बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद कबूल किया है कि जब वे कर्ज लेने विदेश जाते हैं, तो उनके सामने कई अनचाही शर्तें रखी जाती हैं, जिन्हें पूरा करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “कर्ज लेने वाले का सिर शर्म से झुका होता है।” पाकिस्तान भले ही हाल ही में डिफॉल्ट से बच गया हो, लेकिन आर्थिक आज़ादी अब दूर की कहानी लग रही है। केवल चीन का समर्थन ही देश की दम तोड़ती अर्थव्यवस्था को नहीं बचा सकता। IMF और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की सख्त शर्तें, साथ ही बढ़ती चरमपंथी हिंसा, पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा रही हैं। शहबाज शरीफ के कबूलनामे और आर्थिक संकट को 5 बिंदुओं में समझें: कर्ज पर चल रही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह कर्ज पर निर्भर है। सार्वजनिक कर्ज देश की GDP का 70–80% तक पहुँच गया है। कर्...
सऊदी के ‘ग्रीन सिग्नल’ के बाद ईरान पर हमले की उलटी गिनती शुरू US इजरायल की निर्णायक सैन्य कार्रवाई की तैयारी, कूटनीति हाशिये पर
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सऊदी के ‘ग्रीन सिग्नल’ के बाद ईरान पर हमले की उलटी गिनती शुरू US इजरायल की निर्णायक सैन्य कार्रवाई की तैयारी, कूटनीति हाशिये पर

तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में युद्ध के बादल और गहरे होते जा रहे हैं। सऊदी अरब के समर्थन के संकेतों के बाद ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका लगभग निश्चित मानी जा रही है। पश्चिमी देशों के सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिका और इजरायल अब कूटनीति की सीमाओं से आगे बढ़ चुके हैं और सैन्य विकल्प पर अंतिम मंथन चल रहा है। चर्चा अब इस बात पर नहीं है कि हमला होगा या नहीं, बल्कि इस पर है कि कब होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने मिडिल ईस्ट और गल्फ ऑफ ओमान क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी मजबूत कर ली है। सऊदी अरब का रुख भी इस दिशा में निर्णायक माना जा रहा है। सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने वॉशिंगटन में हुई एक निजी बैठक में कथित तौर पर ट्रंप प्रशासन से कहा है कि यदि अभी कार्रवाई नहीं हुई, तो ईरान और अधिक शक्तिशाली हो सकता है। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सार्वजन...
खालिस्तानियों को पालने वाले कनाडा के दो टुकड़े करने की मांग तेज अल्बर्टा चाहता है आजादी, मदद करेंगे ट्रंप?
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खालिस्तानियों को पालने वाले कनाडा के दो टुकड़े करने की मांग तेज अल्बर्टा चाहता है आजादी, मदद करेंगे ट्रंप?

वॉशिंगटन/ओटावा: कनाडा का पश्चिमी प्रांत अल्बर्टा देश से अलग होने की मांग को तेज कर रहा है। इस विवादास्पद कदम ने कनाडा सरकार की चिंता बढ़ा दी है, जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अल्बर्टा की प्रधानमंत्री डेनिएल स्मिथ के घनिष्ठ संबंधों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। अल्बर्टा को कनाडा का एनर्जी प्रांत भी कहा जाता है। यह तेल का सबसे बड़ा उत्पादक प्रांत है, और यहां के तेल का 84 प्रतिशत उत्पादन अल्बर्टा से होता है। राजनीतिक दृष्टिकोण से यह प्रांत कंजर्वेटिव पार्टी का गढ़ माना जाता है, जबकि शहर क्षेत्र प्रगतिशील हैं। अल्बर्टा प्रॉस्पेरिटी प्रोजेक्ट नामक अलगाववादी संगठन ने अल्बर्टा की आजादी के लिए जनमत संग्रह कराने की मांग की है। इसके नेता अमेरिकी वित्त विभाग से 500 अरब डॉलर की क्रेडिट लाइन की भी मांग कर रहे हैं। संगठन का दावा है कि ओटावा में उनके हितों का पर्याप्त प्रतिनिधित्...