दिल्ली में लापता हो रहे टीनएजर्स: 72 फीसदी लड़कियां, बढ़ रहा सोशल मीडिया का प्रभाव
नई दिल्ली: दिल्ली में रोजाना लोगों के लापता होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें नवजात से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। कुछ मामलों में परिवारों को राहत मिलती है, जबकि कई परिवारों के लिए यह गम जीवनभर बना रहता है। इसी पर फोकस करते हुए एनबीटी की यह विशेष रिपोर्ट पेश है।
जवानी की तरफ बढ़ते कदम, शारीरिक और मानसिक बदलाव, और सोशल मीडिया के लगातार प्रभाव के चलते 12 से 18 साल के टीनएजर्स बहकाव के शिकार हो रहे हैं। वर्चुअल दुनिया में ऑनलाइन दोस्ती, भावनात्मक ब्लैकमेलिंग और झूठे वादों के चलते कई युवा गलती कर बैठते हैं।
बदलाव की आहट
PSRI हॉस्पिटल के सायकायट्रिस्ट डॉ. परमजीत सिंह का कहना है कि यह उम्र शारीरिक और मानसिक बदलाव का फेज है। शरीर में बदलाव के साथ उत्तेजना और गुस्से की प्रवृत्ति बढ़ती है। इस समय युवा न तो पूरी तरह वयस्क होते हैं और न ही बच्चे। परिवार और समाज से मेल न खाने वाले व्यवहार के चलत...










