45 साल में पहली बार: चांदी ने कच्चे तेल को पीछे छोड़ा, निवेशकों के लिए नया रुझान
नई दिल्ली: इस साल चांदी ने निवेशकों को सुखद चौंकाया है। हाल के महीनों में चांदी की कीमत में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है और यह पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चांदी की कीमत लगभग 65 डॉलर प्रति ओंस तक पहुँच गई है।
इसके विपरीत, कच्चे तेल की कीमत में इस साल भारी गिरावट दर्ज हुई है। डब्ल्यूटीआई क्रूड 55.93 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 59.71 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। 1980 के बाद यह पहला मौका है जब चांदी की कीमत कच्चे तेल से ऊपर चली गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 2022 के मध्य में डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत चांदी से लगभग 5.5 गुना ज्यादा थी। तब से चांदी की कीमत में 206% की जबरदस्त वृद्धि हुई है, जबकि कच्चे तेल में 44% की गिरावट दर्ज हुई है। इस साल चांदी का प्रदर्शन 1979 के बाद सबसे बेहतर रहा है और कच्चे तेल के लिए यह महामारी के बाद का सबसे ...










