Tuesday, July 21

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भिवाड़ी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 7 मजदूरों की मौत

भिवाड़ी (संब्रत चतुर्वेदी) – राजस्थान के भिवाड़ी जिले के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें आधा दर्जन से ज्यादा मजदूर जिंदा जल गए। यह फैक्ट्री आधिकारिक तौर पर रेडीमेड के लिए रजिस्टर्ड थी, लेकिन अवैध तरीके से पटाखे बनाए जा रहे थे।

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दमकल और पुलिस टीमों के घंटों प्रयास के बावजूद आग पर काबू पाने में समय लगा। घटना में अब तक 7 शव बरामद किए जा चुके हैं और दो मजदूरों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। मृतक सभी मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के बताए जा रहे हैं।

कैसे चल रही थी अवैध फैक्ट्री?

फैक्ट्री का मालिक परिसर किराए पर दे चुका था, और किरायेदार वहां गैरकानूनी तरीके से पटाखे बना रहा था। भारी मात्रा में बारूद और गत्ते के स्टॉक ने आग को तेजी से फैलाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के दौरान तीन-चार जोरदार धमाके हुए, जो दूर तक सुने गए।

प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल

यह घटना प्रशासनिक निगरानी की चूक को उजागर करती है। महीनों से बंद बताई जा रही फैक्ट्री में अवैध गतिविधि चल रही थी, और स्थानीय प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। घटना के बाद, अलवर जिला कलेक्टर और खैरथल की कार्यवाहक कलेक्टर आर्तिका शुक्ला मौके पर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने नाक के नीचे फैक्ट्री चलने पर सवाल उठाए।

फैक्ट्री मालिक और मैनेजर को बुलाकर जांच शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

बिना लाइसेंस पटाखा निर्माण अवैध

बिना लाइसेंस पटाखों का निर्माण, भंडारण या बिक्री करना कानूनन अपराध है। इसमें भारी जुर्माना, फैक्ट्री सील, गिरफ्तारी और जेल का प्रावधान है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से NOC लिए बिना फैक्ट्री चलाना गैरकानूनी है।

यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन और सरकार कितनी कड़ी कार्रवाई करती है।

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